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Kannauj News: छह साल की बच्ची के पेट से निकाला 30 सेंटीमीटर का गुर्दा
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फोटो :33: सफल ऑपरेशन के बाद मौजूद डॉक्टरों की टीम। स्रोत : मेडिकल कॉलेज
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तिर्वा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने छह साल की रेशू के पेट से 30 सेंटीमीटर का निष्क्रिय गुर्दा निकालकर उसे नया जीवन दिया। करीब दो घंटे चले सफल ऑपरेशन के बाद बच्ची के परिजनों ने राहत की सांस ली।
सदर क्षेत्र के शिवाजी नगर निवासी जितेंद्र की पुत्री रेशू लंबे समय से पेट दर्द और सूजन से परेशान थी। करीब 20 दिन पहले परिजनों ने उसे यूरोलॉजिस्ट डॉ. निखिल गुप्ता को दिखाया। जांच में पता चला कि बच्ची के दाएं गुर्दे में जन्मजात मूत्र मार्ग रुकावट (पीयूजे ऑब्स्ट्रक्शन) थी। इस कारण गुर्दा निष्क्रिय हो गया था और उसमें पानी भर गया था। पानी भरने से गुर्दे का आकार 30 सेंटीमीटर तक पहुंच गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, जिस पर परिजन पहले हिचकिचा रहे थे। डॉक्टरों ने भरोसा दिलाया और बुधवार को ऑपरेशन किया गया।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अतहर के मार्गदर्शन में डॉ. निखिल गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम ने यह सफल ऑपरेशन किया। टीम में डॉ. निशांत रंजन, डॉ. आकाश वर्मा, डॉ. सलमान, डॉ. शिव, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. रमाकांत और डॉ. सुरभि शामिल थे। सिस्टर इंचार्ज नफीसा, अनुपमा और शशि ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. निखिल गुप्ता ने बताया कि बच्चों में जन्मजात रुकावट के कारण बिना लक्षण के गुर्दे में पानी भर सकता है, इसलिए समय पर जांच और उपचार आवश्यक है। मेडिकल कॉलेज में ऐसी जटिल सर्जरी निशुल्क और उच्च गुणवत्ता के साथ की जा रही है, जिससे कमजोर परिवारों को लाभ मिल रहा है।
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सदर क्षेत्र के शिवाजी नगर निवासी जितेंद्र की पुत्री रेशू लंबे समय से पेट दर्द और सूजन से परेशान थी। करीब 20 दिन पहले परिजनों ने उसे यूरोलॉजिस्ट डॉ. निखिल गुप्ता को दिखाया। जांच में पता चला कि बच्ची के दाएं गुर्दे में जन्मजात मूत्र मार्ग रुकावट (पीयूजे ऑब्स्ट्रक्शन) थी। इस कारण गुर्दा निष्क्रिय हो गया था और उसमें पानी भर गया था। पानी भरने से गुर्दे का आकार 30 सेंटीमीटर तक पहुंच गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, जिस पर परिजन पहले हिचकिचा रहे थे। डॉक्टरों ने भरोसा दिलाया और बुधवार को ऑपरेशन किया गया।
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सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अतहर के मार्गदर्शन में डॉ. निखिल गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम ने यह सफल ऑपरेशन किया। टीम में डॉ. निशांत रंजन, डॉ. आकाश वर्मा, डॉ. सलमान, डॉ. शिव, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. रमाकांत और डॉ. सुरभि शामिल थे। सिस्टर इंचार्ज नफीसा, अनुपमा और शशि ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. निखिल गुप्ता ने बताया कि बच्चों में जन्मजात रुकावट के कारण बिना लक्षण के गुर्दे में पानी भर सकता है, इसलिए समय पर जांच और उपचार आवश्यक है। मेडिकल कॉलेज में ऐसी जटिल सर्जरी निशुल्क और उच्च गुणवत्ता के साथ की जा रही है, जिससे कमजोर परिवारों को लाभ मिल रहा है।
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