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Kannauj News: जिले में 78.7 प्रतिशत हो सकी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री
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कन्नौज। फार्मर रजिस्ट्री योजना में जिले का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक है। किसानों को डिजिटल पहचान देने और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए चलाई जा रही इस मुहिम में जिला प्रदेश की रैंकिंग में पिछड़कर 52वें स्थान पर पहुंच गया है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अब तक केवल 78.7 प्रतिशत ही फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा हो सका है।
कृषि विभाग और राजस्व टीम की सुस्ती के कारण हजारों किसान अभी भी इस डिजिटल डेटाबेस से बाहर हैं। जिले में 2,93,054 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है लेकिन अब तक सिर्फ 2,28,788 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। जागरूकता के अभाव के कारण जिले में 64,266 किसानों की अभी भी फार्मर रजिस्ट्री अटकी पड़ी है। शुरुआती तकनीकी दिक्कतों, सर्वर की धीमी गति और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के चलते पंजीकरण की रफ्तार धीमी रही। इसके अलावा कई गांवों में खतौनी और आधार कार्ड में नाम की विसंगतियों के कारण भी सत्यापन का काम अटक गया।
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने संबंधित अधिकारियों और लेखपालों को कड़ी फटकार लगाते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी उन्हें भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी अनुदानों और योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। बाकी बचे 21.3 प्रतिशत कार्य को जल्द पूरा करने के लिए अब जिले में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
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पीएम सम्मान निधि व फार्मर रजिस्ट्री का सर्वर ठप
जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप हो गया है। पिछले कई दिनों से दोनों योजनाओं का मुख्य सर्वर ठप पड़ा है जिससे किसानों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) नहीं आ रहा है। सर्वर और ओटीपी की इस तकनीकी समस्या के कारण किसान जनसेवा केंद्रों और कृषि विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं पुराने लाभार्थियों का ई-केवाईसी और बैंक खाता आधार से लिंक करने का काम भी अटक गया है।
यह समस्या राज्य स्तर से सर्वर डाउन होने के कारण आ रही है। तकनीकी टीम इसे ठीक करने का प्रयास कर रही है। जल्द ही सर्वर सुचारु रूप से चलाया जाएगा जिससे लोगों को को लाभ मिल सके। - संतोष कुमार, उप कृषि निदेशक
कृषि विभाग और राजस्व टीम की सुस्ती के कारण हजारों किसान अभी भी इस डिजिटल डेटाबेस से बाहर हैं। जिले में 2,93,054 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है लेकिन अब तक सिर्फ 2,28,788 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। जागरूकता के अभाव के कारण जिले में 64,266 किसानों की अभी भी फार्मर रजिस्ट्री अटकी पड़ी है। शुरुआती तकनीकी दिक्कतों, सर्वर की धीमी गति और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के चलते पंजीकरण की रफ्तार धीमी रही। इसके अलावा कई गांवों में खतौनी और आधार कार्ड में नाम की विसंगतियों के कारण भी सत्यापन का काम अटक गया।
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जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने संबंधित अधिकारियों और लेखपालों को कड़ी फटकार लगाते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी उन्हें भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी अनुदानों और योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। बाकी बचे 21.3 प्रतिशत कार्य को जल्द पूरा करने के लिए अब जिले में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
पीएम सम्मान निधि व फार्मर रजिस्ट्री का सर्वर ठप
जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप हो गया है। पिछले कई दिनों से दोनों योजनाओं का मुख्य सर्वर ठप पड़ा है जिससे किसानों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) नहीं आ रहा है। सर्वर और ओटीपी की इस तकनीकी समस्या के कारण किसान जनसेवा केंद्रों और कृषि विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं पुराने लाभार्थियों का ई-केवाईसी और बैंक खाता आधार से लिंक करने का काम भी अटक गया है।
यह समस्या राज्य स्तर से सर्वर डाउन होने के कारण आ रही है। तकनीकी टीम इसे ठीक करने का प्रयास कर रही है। जल्द ही सर्वर सुचारु रूप से चलाया जाएगा जिससे लोगों को को लाभ मिल सके। - संतोष कुमार, उप कृषि निदेशक