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Kannauj News: नोटिस के निस्तारण के लिए खुद पहुंचे
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गुरसहायगंज। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत जारी नोटिसों के निस्तारण में बुधवार को अव्यवस्था देखने को मिली। नोटिस लेकर पहुंचे कई नागरिकों को काफी इंतजार के बाद लौटना पड़ा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिस किसी के नाम पर नोटिस जारी हुआ है, उसकी खुद उपस्थिति अनिवार्य है। परिजन नोटिस का निस्तारण नहीं करा सकते। इसके चलते दूरदराज से आए लोगों में नाराजगी देखी गई।
तालग्राम विकास खंड में तहसीलदार हिमांशु प्रभाकर ने एसआईआर नोटिसों का निस्तारण किया। इस दौरान आयोग द्वारा निर्धारित 13 मान्य दस्तावेजों की जानकारी दी गई। इन दस्तावेजों में पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड से जारी शैक्षिक प्रमाणपत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र तथा एक जुलाई 1987 से पूर्व के बैंक, डाकघर अथवा एलआईसी के अभिलेख शामिल हैं। वहीं, आधार कार्ड और मतदाता पहचान-पत्र को इस सूची में शामिल नहीं किए जाने से लोगों को निराशा हाथ लगी।
रजनी देवी बहू शीतल का नोटिस लेकर पहुंचीं। वहीं राधेश्याम शर्मा की बहू काजल का आगरा में इलाज चल रहा हैं। इसी प्रकार राजेश शर्मा भाई विनय कुमार, आकाश मां सरस्वती, अंशू मां रीता, प्रमोद अपनी मां हर देवी तथा मोहम्मद शैव अपने भाई-बहन के नोटिस लेकर आए थे। सभी को निर्धारित प्रक्रिया का हवाला देकर लौटाया गया। सके अलावा किरन और शकुंतला देवी आधार कार्ड व मतदाता पहचान-पत्र लेकर पहुंची पर उन्हें भी मना कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुरूप ही दस्तावेज स्वीकार किए जा रहे हैं।
पुन: सुनवाई 29 को
नोटिस धारकों को 29 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे पुनः उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वहीं, लोगों का कहना है कि पहले से स्पष्ट जानकारी न होने के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों ने प्रक्रिया को सरल करने और दस्तावेजों की सूची का व्यापक प्रचार करने की मांग की है।
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तालग्राम विकास खंड में तहसीलदार हिमांशु प्रभाकर ने एसआईआर नोटिसों का निस्तारण किया। इस दौरान आयोग द्वारा निर्धारित 13 मान्य दस्तावेजों की जानकारी दी गई। इन दस्तावेजों में पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड से जारी शैक्षिक प्रमाणपत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र तथा एक जुलाई 1987 से पूर्व के बैंक, डाकघर अथवा एलआईसी के अभिलेख शामिल हैं। वहीं, आधार कार्ड और मतदाता पहचान-पत्र को इस सूची में शामिल नहीं किए जाने से लोगों को निराशा हाथ लगी।
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रजनी देवी बहू शीतल का नोटिस लेकर पहुंचीं। वहीं राधेश्याम शर्मा की बहू काजल का आगरा में इलाज चल रहा हैं। इसी प्रकार राजेश शर्मा भाई विनय कुमार, आकाश मां सरस्वती, अंशू मां रीता, प्रमोद अपनी मां हर देवी तथा मोहम्मद शैव अपने भाई-बहन के नोटिस लेकर आए थे। सभी को निर्धारित प्रक्रिया का हवाला देकर लौटाया गया। सके अलावा किरन और शकुंतला देवी आधार कार्ड व मतदाता पहचान-पत्र लेकर पहुंची पर उन्हें भी मना कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुरूप ही दस्तावेज स्वीकार किए जा रहे हैं।
पुन: सुनवाई 29 को
नोटिस धारकों को 29 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे पुनः उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वहीं, लोगों का कहना है कि पहले से स्पष्ट जानकारी न होने के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों ने प्रक्रिया को सरल करने और दस्तावेजों की सूची का व्यापक प्रचार करने की मांग की है।
