कन्नौज। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र की कुंती देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल खुद आत्मनिर्भर बनीं बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया। उन्होंने पशुपालन के साथ टाइल्स क्लीनर और फिनाइल बनाने का काम शुरू कर दूसरों के घरों की गंदगी साफ कर खुद के घर की आर्थिक तंगी को साफ कर दिया। वह क्षेत्र की अन्य महिलाओं को रोजगार से जोड़कर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करती हैं।
हसेरन विकास खंड के कलसान ग्राम निवासी कुंती देवी की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। खेती-किसानी से बमुश्किल घर का खर्च चल पाता था। समूह की दूसरी महिलाओं की प्रेरणा से वह वर्ष 2017-18 में मां ज्वाला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं थीं। उन्होंने सबसे पहले पशुपालन को रोजगार का जरिया बनाया। समूह के माध्यम से ऋण लेकर 12 से अधिक मवेशी रखकर दुग्ध उत्पादन का व्यवसाय शुरू किया। बाद में टाइल्स क्लीनर, फिनाइल आदि बनाने का प्रशिक्षण लिया। बाजार से रसायन खरीदकर टाइल्स क्लीनर व फिनाइल बनाने का काम शुरू किया। इस काम से गांव की अन्य महिलाओं को जोड़कर उन्हें भी रोजगार उपलब्ध कराया।
कुंती अब ब्रेड व मिल्क की एजेंसी लेकर पैकिंग आदि कार्य करा रही हैं। अपने बलबूते रोजगार कर आत्मनिर्भर बनने वाली कुंती देवी ने क्षेत्र की कई महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया है। कुंती बताती हैं कि वह इन काम में परिवार के लोग भी सहयोग करते हैं। इन कामों से उनकी महीने में करीब 75 हजार रुपये तक कमाई हो जाती है। उन्होंने बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) के रूप में सफलतापूर्वक कार्य किया। अब समूह की ग्राम संगठन का दायित्व संभाल रही हैं। उन्हें पशुपालन व स्वच्छता के लिए डिप्टी सीएम प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर चुके हैं।

फोटो :03: टाइल्स क्लीनर पैक करती महिलाएं। संवाद