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Kannauj News: दुल्हन थी तैयार, दूल्हे की कम उम्र से नहीं हुए फेरे
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तालग्राम। घर आई बरात का स्वागत सत्कार हुआ और दुल्हन सज-धज कर तैयार बैठी थी। शिकायत पर चाइल्ड लाइन की टीम शादी समारोह में पहुंच गई। जांच में दूल्हे की उम्र 21 साल से कम थी और टीम ने शादी की सारी रस्में रुकवा दीं, जिस कारण से सात फेरे नहीं हो सके और बिन दुल्हन के बरात लौट गई।
तालग्राम क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की शादी एटा जनपद के एक गांव के युवक से तय हुई थी। गांव में रविवार रात धूमधाम से बरात पहुंची। परंपरा के अनुसार बरातियों का स्वागत किया गया और विवाह की रस्में शुरू होने वाली थीं। इसी बीच किसी ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर दूल्हे की उम्र कम होने की शिकायत कर दी। सूचना मिलते ही हेल्पलाइन टीम मौके पर पहुंची और विवाह की रस्में तत्काल रुकवा दीं। टीम ने दूल्हे की आयु संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद मंडप में सजी-धजी बैठी दुल्हन इंतजार करती रही, लेकिन रात में सात फेरे नहीं हो सके। सोमवार को दूल्हा पक्ष ने आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। दस्तावेजों की जांच में दूल्हे की उम्र 21 साल न होने की पुष्टि पर विवाह की अनुमति नहीं दी गई। चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक तौसीफ वारसी का कहना है कि शिकायत पर टीम गांव पहुंची थी। दूल्हे पक्ष से उम्र के प्रमाण पत्र मांगे गए। दिए गए दस्तावेजों की जांच में दूल्हे की उम्र 21 साल नहीं थी। इसलिए बाल विवाह अधिनियम के तहत शादी को रुकवा दिया गया।
इनसेट
रात में ही लौट गए बराती
शादी रुक जाने पर दोनों पक्षों में मायूसी छा गई। बराती नाश्ता और भोजन कर रात में ही वापस चले गए। केवल सुबह तक दोनों पक्षों के खास ही मेहमान रुके रहे। सात फेरे न होने के कारण बिन दुल्हन ही दूल्हा लौट गया।
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तालग्राम क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की शादी एटा जनपद के एक गांव के युवक से तय हुई थी। गांव में रविवार रात धूमधाम से बरात पहुंची। परंपरा के अनुसार बरातियों का स्वागत किया गया और विवाह की रस्में शुरू होने वाली थीं। इसी बीच किसी ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर दूल्हे की उम्र कम होने की शिकायत कर दी। सूचना मिलते ही हेल्पलाइन टीम मौके पर पहुंची और विवाह की रस्में तत्काल रुकवा दीं। टीम ने दूल्हे की आयु संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद मंडप में सजी-धजी बैठी दुल्हन इंतजार करती रही, लेकिन रात में सात फेरे नहीं हो सके। सोमवार को दूल्हा पक्ष ने आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। दस्तावेजों की जांच में दूल्हे की उम्र 21 साल न होने की पुष्टि पर विवाह की अनुमति नहीं दी गई। चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक तौसीफ वारसी का कहना है कि शिकायत पर टीम गांव पहुंची थी। दूल्हे पक्ष से उम्र के प्रमाण पत्र मांगे गए। दिए गए दस्तावेजों की जांच में दूल्हे की उम्र 21 साल नहीं थी। इसलिए बाल विवाह अधिनियम के तहत शादी को रुकवा दिया गया।
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रात में ही लौट गए बराती
शादी रुक जाने पर दोनों पक्षों में मायूसी छा गई। बराती नाश्ता और भोजन कर रात में ही वापस चले गए। केवल सुबह तक दोनों पक्षों के खास ही मेहमान रुके रहे। सात फेरे न होने के कारण बिन दुल्हन ही दूल्हा लौट गया।
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