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Kannauj News: साढ़े सात करोड़ से बनी सड़क एक साल में धंसी
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फोटो :41: संयोगिता मार्ग पर इस तरह जगह-जगह सड़क धंसने लगी है। संवाद
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जलालाबाद। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी जलालाबाद-संयोगिता मार्ग की सड़क निर्माण के एक साल के भीतर ही धंस गई है। करीब 7.31 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2023 में निर्मित 6.5 किलोमीटर लंबा यह मार्ग अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन गया है। सड़क की खराब हालत से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सड़क कई स्थानों पर धंस गई है। इनमें मल्हानपुरवा पुल और तरपुरवा गांव के पास के हिस्से शामिल हैं। सड़क किनारे मिट्टी कटने से बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस सड़क के पांच वर्ष के अनुरक्षण के लिए कार्यदायी संस्था को करीब 62 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाने हैं। हालांकि, सड़क की मरम्मत के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। सड़क का निर्माण कानपुर की एआरटीएसआईएलजेवी कंपनी ने किया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही बरसात में इसकी परतें कमजोर पड़ने लगी थीं। जलालाबाद कस्बे में पुलिया के पास नाली निर्माण का कार्य भी अधूरा छोड़ दिया गया है। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नाली का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इससे बरसाती पानी सड़क को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। कस्बा निवासी पीयूष दुबे ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़क की हालत खराब है, जो घटिया निर्माण का संकेत देती है।
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क्षेत्र के सचिन मिश्रा ने सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने की भी बात कही। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की अपील कर रहे हैं। बरसात से पहले मरम्मत न होने पर स्थिति और बिगड़ सकती है।
वर्जन
सड़क धंसने और अधूरे कार्य की शिकायत मिलने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जांच के बाद आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा। यदि निर्माण में अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी
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सड़क कई स्थानों पर धंस गई है। इनमें मल्हानपुरवा पुल और तरपुरवा गांव के पास के हिस्से शामिल हैं। सड़क किनारे मिट्टी कटने से बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस सड़क के पांच वर्ष के अनुरक्षण के लिए कार्यदायी संस्था को करीब 62 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाने हैं। हालांकि, सड़क की मरम्मत के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। सड़क का निर्माण कानपुर की एआरटीएसआईएलजेवी कंपनी ने किया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया।
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क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही बरसात में इसकी परतें कमजोर पड़ने लगी थीं। जलालाबाद कस्बे में पुलिया के पास नाली निर्माण का कार्य भी अधूरा छोड़ दिया गया है। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नाली का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इससे बरसाती पानी सड़क को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। कस्बा निवासी पीयूष दुबे ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़क की हालत खराब है, जो घटिया निर्माण का संकेत देती है।
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क्षेत्र के सचिन मिश्रा ने सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने की भी बात कही। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की अपील कर रहे हैं। बरसात से पहले मरम्मत न होने पर स्थिति और बिगड़ सकती है।
वर्जन
सड़क धंसने और अधूरे कार्य की शिकायत मिलने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जांच के बाद आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा। यदि निर्माण में अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी