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Kanpur: नंदेश्वर धाम की कठिन डगर; 500 मीटर डामर रोड ध्वस्त, खस्ताहाल रास्तों से पहुँच रहे शिवभक्त

Mon, 10 Aug 2026 12:59 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर Published by: प्रसून शुक्ला Updated Mon, 10 Aug 2026 12:59 PM IST
सार

Kanpur News: सावन हो या शिवरात्रि, आम दिन हो या त्योहार, सरसौल स्थित श्री नंदेश्वर धाम में सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। क्षेत्र ही नहीं, दूर-दराज से भी भक्त भगवान शिव को जल चढ़ाने पहुंचते हैं। कई स्थानीय श्रद्धालु ऐसे हैं, जो बाबा को जल अर्पित किए बिना अन्न तक ग्रहण नहीं करते।

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Arduous journey to Nandeshwar Dham 500-meter stretch of asphalt road destroyed
पथरीली सड़क से गुजरते श्रद्धालु - फोटो : amar ujala

विस्तार

सावन का पवित्र महीना हो या शिवरात्रि, कानपुर के सरसौल स्थित श्री नंदेश्वर धाम में सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। क्षेत्र ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के जनपदों से भी लोग यहाँ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुँचते हैं। कई स्थानीय शिवभक्त तो ऐसे हैं जो भगवान शिव को जल अर्पित किए बिना अन्न तक ग्रहण नहीं करते। हालांकि, इतनी अटूट आस्था के बावजूद इस पौराणिक धाम तक पहुँचने के रास्ते बेहद बदहाल हैं और बरसों से विकास का इंतजार कर रहे हैं।

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दोनों मुख्य मार्ग जर्जर, नंगे पैर चलना बना आफत

श्री नंदेश्वर धाम तक पहुँचने के मुख्य रूप से दो मार्ग हैं। पहला मार्ग सरसौल पुलिस चौकी के बगल से होकर जाता है, जो हाथी गांव अंडरपास तक तो ठीक है, लेकिन वहां से मंदिर तक का लगभग 500 मीटर का डामर मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। वहीं, दूसरा मार्ग सरसौल पशु बाजार से होकर जाता है, जिसकी लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। यह मार्ग जगह-जगह गड्ढों और नुकीली कंक्रीट से भरा पड़ा है, जहाँ पैदल पैर रखने तक की जगह नहीं बची है।

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सावन में बढ़ जाती है दुश्वारियाँ

सावन के महीने में धाम में उमड़ने वाली भीड़ के कारण स्थिति और विकट हो जाती है। नंगे पैर जल चढ़ाने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए उड़ती धूल के गुबार और चिलचिलाती धूप में गर्म कंक्रीट पर चलना किसी कठोर तपस्या से कम नहीं साबित हो रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था उन्हें खींच लाती है, लेकिन सड़कों की दुर्दशा देखकर दिल दुखता है।

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जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ रोष

मंदिर दर्शन के लिए पहुँचने वाले भक्त और स्थानीय ग्रामीण हर बार क्षेत्र के विधायक, सांसद और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को कोसते नजर आते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि कम से कम मंदिर तक जाने वाले इन दोनों मार्गों का तत्काल डामरीकरण व चौड़ीकरण कराया जाए, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को राहत मिल सके। जब श्रद्धालुओं की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है, तो शासन-प्रशासन को भी धार्मिक पर्यटन के लिहाज से नंदेश्वर धाम के कायाकल्प पर ध्यान देना चाहिए।

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