कानपुर में बेखौफ नशे का कारोबार: खुलेआम बिक रहा गांजा-चरस, कागजों पर सिमटा अभियान, इन इलाकों में फैला कारोबार
Kanpur Drugs Trade Report: प्रधानमंत्री के नशा मुक्त युवा अभियान और पुलिस के दावों के विपरीत कानपुर में नशे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी की ग्राउंड रिपोर्ट में किदवईनगर, किदवईनगर कंजड़नपुरवा, केशव नगर, बगाही और जरौली समेत कई इलाकों में खुलेआम 50 से 5000 रुपये तक की गांजा-चरस की पुड़िया बिकते हुए पाई गईं।
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कानपुर शहर में युवाओं की नशों में नशे का खुलेआम डंक मारा जा रहा है। कानपुर में ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां गांजा- चरस की पुड़िया लोगों को हाथों हाथ न मिल रही हो। इम्पोर्टेड से लेकर लोकल मादक पदार्थ मांग के मुताबिक दिया जा रहा है। 50 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की पुड़िया लिए तस्कर घूम रहे हैं। कार, बाइक रुकते ही वे पास पहुंचते हैं और जरूरत के मुताबिक दे देते हैं।
ये हाल तब है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान की शुरुआत की है और कमिश्नरेट पुलिस नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर तस्करों की कमर तोड़ने का दम भरती है। संवाद न्यूज एजेंसी ने सोमवार को शहर के दक्षिणी इलाके में नशे के कारोबार की पड़ताल की तो तस्वीरें चौकाने वाली सामने आईं।
बच्चों ने घेर ली कार, बोले-हमसे बेहतर कोई नहीं दे सकता
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम सोमवार दोपहर बारिश के दौरान कार से किदवईनगर के कंजड़नपुरवा पहुंची। घरों के दरवाजों पर बैठे महिलाएं और पुरुषों ने हाथ हिला कर पूछा क्या चाहिए। हालांकि बारिश के चलते वे निकल कर नहीं आए। इसी दौरान कार बीच सड़क में रुकी तो आधा दर्जन बच्चों ने घेर लिया। सभी के हाथ में पॉलिथिन थी। वे छूटते ही बोले, भैया कितना चाहिए।
चरस चाहो, तो पीकर देख लो
इसके बाद सभी ने गांजा और चरस की पुड़िया निकाल ली। 100 रुपये गांजा के पैकेट से शुरुआत करते हुए 50 रुपये में आ गए। एक बच्चे ने कहा कि अगर पच्चीसा (25 ग्राम मादक पदार्थ) चाहिए तो बताओ। 700 रुपये में दे दूंगा, फिर चार सौ रुपये में आ गया। बोले, चरस चाहो तो पीकर देख लो, कार आगे बढी तो कुछ महिलाओं ने घेर लिया, बोलीं क्या माल पसंद नहीं आया, मेरे पास कुछ है, लेना हो तो बताओ। हालांकि हमारी टीम आगे बढ़ गई।
भाजपा कार्यालय के सामने जमीन में दफन चरस
केशव नगर स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने पुरानी मौरंग मंडी के पीछे जब हमारी टीम पहुंची तो एक नीली टीशर्ट पहने युवक ने हाथ देकर अपने पास बुलाया। पूछा चरस चाहिए या गांजा। चरस कहने पर उसने जमीन से ईंट हटाई तो अंदर गड्ढा नजर आया, उसमें सिगरेट की तमाम डिब्बियों ने चरस और गांजा भरी हुई थी। उसने 500 रुपये की चरस देने की बात कही। हमारी टीम ने जब ऑनलाइन रुपये देने की बात कही तो उसने मोबाइल नहीं होने की बात कही।
बगाही में पुलिस चौकी से 500 मीटर दूर बैठा तस्कर
बाबूपुरवा के बगाही में पुलिस चौकी से 500 मीटर दूर दीपक नाम का तस्कर चरस और गांजा बेच रहा है। उसने हमारी टीम को 200 रुपये में गांजे की पुड़िया थमाई। 600 रुपये में पच्चीसा देने की बात कही। दीपक ने कहा कि हमारा माल बिल्कुल असली है, चाहो तो पीकर यहीं देख लो।
जरौली फेज वन में पान की गुमटी में मिलता है माल
सोमवार शाम हमारी टीम जरौली फेज वन में रुचि लॉन की सड़क पर शराब ठेके के सामने स्थित एक पान की दुकान में पहुंची। दुकानदार से कहा गया, माल मिलेगा। उसने उत्तर दिया, कितना चाहिए। पच्चीसा मांगा तो उसने कहा हां मिल जाएगा। हालांकि उसे कुछ संदेह हुआ तो कहा कि एक घंटे बाद आना, अभी माल खत्म हो गया है, बारिश के चलते नहीं मिल पाएगा।
यहां भी खूब बिक रहा चरस-गांजा
सिर्फ शहर के दक्षिणी इलाके में ही नहीं विजयनगर, डबलपुलिया, पनकी, आवास विकास तीन, कल्याणपुर सीटीएस बस्ती, नानकारी, भैरों घाट, आर्यनगर, काकादेव में भी मादक पदार्थ की जमकर बिक्री हो रही है।