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UP: एक्सप्रेसवे पर ड्रेनेज सिस्टम फेल, सात मिनट में नहीं निकला 500 लीटर पानी, एनएचएआई की जांच में खुली पोल

Sun, 09 Aug 2026 09:08 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sun, 09 Aug 2026 09:08 AM IST
सार

Kanpur News: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के दौरान एनएचएआई की केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ सदस्य आलोक दीपांकर ने ड्रेनेज सिस्टम और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता परखी। सहरावां गांव के पास सोख्ता तकनीक की जांच के दौरान सात मिनट में 500 लीटर पानी भी बाहर नहीं निकल पाया, जिससे नाराज अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर आपत्ति जताई।

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Drainage system failure on Kanpur Lucknow Expressway 500 liters of water failed to drain in seven minutes
ड्रेनेज सिस्टम की जांच करते एनएचएआई के सदस्य - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शनिवार को सात मिनट में भी 500 लीटर पानी नहीं निकल पाया। लखनऊ से पहुंचे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ सदस्य (तकनीकी) आलोक दीपांकर ने जब ड्रेनेज सिस्टम को परखना चाहा, तो यह सच सामने आया। इसके बाद दीपांकर ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता भी परखी। संतोषजनक कार्य न मिलने पर निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के जिम्मेदारों से भी नाराजगी जताई।

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आलोक दीपांकर एक्सप्रेसवे के किमी संख्या 32.4 (सहरावां गांव) के पास पहुंचे। यहां उन्होंने सोख्ता तकनीक से बनी सड़क पटरी में चार वर्ग फीट का गड्ढा खोदवाकर टैंकर से पानी डलवाया और उसके दूसरी तरफ से सड़क के बाहर निकलने का इंतजार करने लगे। करीब सात मिनट इंतजार के बाद भी पानी बाहर एक्सप्रेसवे से बाहर नहीं निकला तो एक कर्मचारी को वहीं रोक कर पानी बाहर निकलने का समय नोट करने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने किमी संख्या (30.6 बेगमखेड़ा गांव) के पास सड़क खोदकर कराई जा रही मरम्मत कार्य को देखा।

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निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है
गुणवत्ता परखने के लिए जेसीबी से एक फीट का गड्ढा खोदवाया। डामर-गिट्टी (बिटुमिन) की मोटाई, नीचे डाले गए बोल्डर और कंक्रीट की मोटाई को भी जांचा। इसके बाद वह फिर उस स्थान पर पहुंचे जहां पर गड्ढे में पानी भरवाया था। पानी सड़क से बाहर न होने पर 500 लीटर के टैंकर का पूरा पानी सड़क पर गिरवाया। काफी मात्रा में पानी सड़क पर रुक गया। दीपांकर ने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है। निर्माण एजेंसी के कार्य की निगरानी की गई होती तो ऐसा नहीं होता।

ग्रीन फील्ड एरिया में सुधार की जरूरत
आलोक दीपांकर ने एनएचएआई और पीएनसी के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एक्सप्रेसवे की जांच के लिए अधिकृत किए गए आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर कुमार सुधार रेड्डी, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल, पीडी नवरतन और पीएनसी के अधिकारी शामिल रहे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने 45 किमी लंबे ग्रीन फील्ड एरिया में बड़े पैमाने पर सुधार की आवश्यकता बताई। तकनीकी जांच की रिपोर्ट आने पर उसके आधार पर सुधार कराने का निर्देश दिया।

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