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Kanpur: बैंक के लॉकर से 50 लाख के गहने गायब, एसबीआई के मैनेजर-कर्मचारियों पर केस
Sat, 08 Aug 2026 11:44 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:44 PM IST
सार
पति की मौत के बाद महिला लखनऊ में रहने लगी। चार माह बाद बैंक पहुंचीं तब घटना की जानकारी हुई। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर स्वरूपनगर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्वरूपनगर स्थित एसबीआई के लॉकर से कौशलपुरी निवासी रश्मि अरोड़ा के करीब 50 लाख कीमत के सोने-चांदी के गहने गायब हो गए। चार माह बाद लॉकर चेक करने बैंक पहुंची महिला को पूरा लॉकर खाली मिला। महिला का आरोप है कि बैंक प्रबंधन और कर्मचारियों ने उसके गहने षड्यंत्र के तहत हड़प लिए। शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर के आदेश पर स्वरूपनगर पुलिस ने एसबीआई के मैनेजर-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की है।
कौशलपुरी निवासी रश्मि अरोड़ा ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने 26 फरवरी 2003 में स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्वरूपनगर शाखा में बचत खाता खुलवाया था। उन्हें लॉकर नंबर 23 आवंटित हुआ था। उनका दावा है कि लॉकर में करीब 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के गहने रखे थे। पति सुनील अरोड़ा की मृत्यु के बाद वह अपने दामाद के साथ लखनऊ में रहने लगीं। समय-समय पर शहर आकर लॉकर की देखरेख करती थीं।
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कौशलपुरी निवासी रश्मि अरोड़ा ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने 26 फरवरी 2003 में स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्वरूपनगर शाखा में बचत खाता खुलवाया था। उन्हें लॉकर नंबर 23 आवंटित हुआ था। उनका दावा है कि लॉकर में करीब 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के गहने रखे थे। पति सुनील अरोड़ा की मृत्यु के बाद वह अपने दामाद के साथ लखनऊ में रहने लगीं। समय-समय पर शहर आकर लॉकर की देखरेख करती थीं।
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चार माह पहले वह अपनी छोटी बेटी के साथ बैंक पहुंचीं तो बैंक मैनेजर ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में विलय हो चुका है। अब उनके नाम पर कोई लॉकर नहीं है। इसके बाद उन्होंने दामाद के साथ बैंक पहुंचकर खाते से संबंधित दस्तावेज दिखाए तो बैंक प्रबंधन ने खाते की जानकारी जांची। आरोप है कि उन्हें बताया गया कि लॉकर का किराया खाते से लगातार कट रहा था जिसके चलते पर्याप्त रकम नहीं थी।
21 जुलाई को रुपये जमा किए, 27 को खाली मिला
महिला ने 21 जुलाई को खाते में रुपये जमा किए और बैंक को अपना लॉकर नंबर भी बताया। उस दिन वह लॉकर की चाबी साथ लाना भूल गईं। इसके बाद 27 जुलाई को दोपहर करीब 3:15 बजे बैंक पहुंचीं और लॉकर खोला तो अंदर से गहने गायब थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस और बैंक कर्मचारी मौके पर पहुंचे लेकिन महिला का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों की ओर से गहने के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। .रश्मि ने अपनी तहरीर में शाखा प्रबंधक और बैंक कर्मचारियों पर ही गहने हड़पने का आरोप लगाया है। उन्होंने जन शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत की। इसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने छह अगस्त को स्वरूपनगर थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस जांच कर रही है।
महिला ने 21 जुलाई को खाते में रुपये जमा किए और बैंक को अपना लॉकर नंबर भी बताया। उस दिन वह लॉकर की चाबी साथ लाना भूल गईं। इसके बाद 27 जुलाई को दोपहर करीब 3:15 बजे बैंक पहुंचीं और लॉकर खोला तो अंदर से गहने गायब थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस और बैंक कर्मचारी मौके पर पहुंचे लेकिन महिला का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों की ओर से गहने के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। .रश्मि ने अपनी तहरीर में शाखा प्रबंधक और बैंक कर्मचारियों पर ही गहने हड़पने का आरोप लगाया है। उन्होंने जन शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत की। इसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने छह अगस्त को स्वरूपनगर थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस जांच कर रही है।