Farrukhabad: सड़क किनारे खड़े वृद्ध की मौत; बारिश से बचने के लिए रोकी थी ट्रॉली, पीछे से आई पिकअप ने रौंदा
Farrukhabad News:राजेपुर थाना क्षेत्र के नगला घाघ गांव निवासी राजाराम की सड़क किनारे खड़े होने के दौरान अनियंत्रित पिकअप की टक्कर से मौत हो गई। राजाराम और उनका पुत्र ट्रॉली पर तिरपाल डाल रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई एक अनियंत्रित पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी।
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शाहजहांपुर जिले के आल्हागंज थाना क्षेत्र में रफ्तार के कहर ने एक और हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। फर्रुखाबाद जिले के एक वृद्ध की शाहजहांपुर के आल्हागंज में एक बेकाबू पिकअप की टक्कर लगने से दर्दनाक मौत हो गई।
हादसा उस समय हुआ जब अचानक आई तेज बारिश से बचने के लिए पीड़ित पिता-पुत्र सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉली रोककर तिरपाल ढक रहे थे। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है।
बारिश से बचने के लिए रोका था ट्रैक्टर
फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव नगला घाघ निवासी राजाराम (72 वर्ष) रविवार को किसी काम से अपने पुत्र सुरजीत के साथ ट्रैक्टर से शाहजहांपुर जिले के आल्हागंज आए थे। दोनों पिता-पुत्र अपना काम निपटाकर वापस लौट रहे थे, तभी आल्हागंज थाने से कुछ ही दूरी पर अचानक तेज मौसम बदला और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई।
बारिश से ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखे सामान को भीगने से बचाने के लिए चालक ने वाहन को सड़क के किनारे सुरक्षित खड़ा कर दिया। राजाराम और उनका बेटा सुरजीत ट्रॉली पर पॉलीथिन डालने के लिए नीचे उतरे और काम करने लगे।
सुरजीत ट्रॉली के पास ही खड़ा था, जबकि वृद्ध राजाराम सड़क की पटरी के किनारे खड़े होकर उसकी मदद कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप के चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित हुई पिकअप सीधे सड़क किनारे खड़े वृद्ध राजाराम को रौंदते हुए निकल गई।
अस्पताल दर अस्पताल दौड़ते रहे परिजन
पिकअप की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वृद्ध राजाराम गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और लूलहान हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में घायल राजाराम को नजदीकी आल्हागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
सीएचसी में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत जिला अस्पताल लोहिया अस्पताल, फर्रुखाबाद के लिए रेफर कर दिया। परिजन गंभीर हालत में उन्हें लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां भी उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
डॉक्टरों ने सिर और आंतरिक अंगों में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें आगे ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि कुछ ही देर में राजाराम ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में वृद्ध की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
कुनबे पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक के पुत्र सुरजीत ने रोते हुए बताया कि उसके पिता अपने पांच भाइयों में अब अकेले ही जीवित बचे थे, बाकी चार भाइयों का पहले ही निधन हो चुका था। पूरे कुनबे के बुजुर्ग और मुखिया होने के नाते वह पूरे परिवार की रीढ़ थे।
राजाराम के परिवार में तीन बेटे और तीन बेटियां हैं, जिनकी शादियां हो चुकी हैं। पिता के अचानक इस दुनिया से चले जाने के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने शव को लोहिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर स्थानीय पुलिस को लिखित सूचना दे दी है। पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वाहन की तलाश शुरू कर दी है।