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Fatehpur: एससी-एसटी में फंसाने की धमकी से आहत युवक ने मां व चाचा संग दी जान, सुसाइड नोट मिला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: Shikha Pandey Updated Wed, 11 Mar 2026 07:44 PM IST
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सार

यूपी के फतेहपुर जिले में तीन लोगों की आत्महत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।

Fatehpur: Sensation after bloodied bodies of mother and son found inside the house
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा के पास एक कमरे में मां और बेटे के बुधवार शाम रक्तरंजित शव मिले। कुछ दूरी पर युवक का चाचा लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। जिला अस्पताल ले जाते समय देवर की रास्ते में सांसे थम गई। एएसपी व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच में पुलिस को सुसाइड नोट मिला। जिसमें चार लोगों केा जिम्मेदार बताया है। एससी-एसटी में फंसाने की धमकी पर चाचा और मम्मी के साथ मजबूर होकर फैसला ले रहा हूं।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के मुराइनटोला निवासी सुशील श्रीवास्तव ने करीब चार साल पहले पैतृक घर बेंच डाला था। इसके बाद लखनऊ बाईपास पर एनटीपीसी प्लांट चौफेरवा के पास मकान बनवाकर करीब तीन साल से परिवार रहता था। परिवार में सुशील की पत्नी सुशीला श्रीवास्तव (55), पुत्र अमर श्रीवास्तव (29),भाई सुनील श्रीवास्तव (50) थे। घर में किराने की दुकान संचालित करते थे। किराने के सामान की सप्लाई का भी चाचा व भतीजा काम करते थे। सुशील शहर के पीरनपुर में रहने वाली पुत्री दीपिका श्रीवास्तव पत्नी अनमोल के घर दोपहर को गए थे। जहां से दीपिका के फोन से करीब दो बजे बेटे को फोन को किया। घंटी जाती रही,लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। सुशील शाम पांच बजे घर पहुंचे। गेट बाहर से बंद था। काफी प्रयास के बाद गेट नहीं खुला। पड़ोसी कोटेदार जयनारायण के घर की छत से सुशील अपने घर पहुंचे।
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कमरे का दरवाजा बंदा था। खिड़की से देखा कि कमरे में खून फैला और पत्नी, बेटे शव पड़े थे। नजदीक में कुर्सी की टेक लिए सुनील बैठा था। सुशील ने चाबी लेकर गेट खोला। पड़ोसियों को बुलाकर दरवाजे को सब्बल से तोड़ा गया। सुनील की सांस चलती होने पर पड़ोसी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इधर,पुलिस भी पहुंच गई। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने सुनील को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटनास्थल पर ब्लेड, सल्फास का पाउच खुला मिला। मां और बेटे गर्दन व हाथ में कट के निशान थे। डॉक्टर ने सुनील के एक हाथ की नर्स और आधी गर्दन कटी होना बताया है। तीनों को एक तरह की चोट हैं व तीनों ने सल्फास खाया है। इससे आत्महत्या माना जा रहा है।

पुलिस को जांच दौरान सुसाइड नोट मिला। जिसमें अमर की ओर लिखा गया कि परिवार मजबूर होकर फैसला ले रहा है। पहले संजय सिंह ने मेरे बारे में सबको भड़काया है। उस लड़की का सामान भी पूरा पैसा दिलीप त्रिवेदी उर्फ पप्पू खा गया। उसका शुभम व सोनू ने जानबूझकर नुकसान किया। राहुल श्रीवास्तव का पेमेंट वापस होने के बाद भी उसकी चेक रखकर उसे ब्लैकमेल किया। अब हिम्मत नहीं बची है, सोनू बोल रहा है कि एससी-एसटी एक्ट लगा के वसूल करेगा। उनके जाने के बाद घर एक युवती (नाम छिपाया) को दिया जाए। बहन व बहनोई को कोई परेशान नहीं करे। सीओ सिटी प्रमोद शुक्ला ने बताया कि आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है।
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