{"_id":"622ed51047121f73e839af09","slug":"ganga-samagra-will-beautify-the-banks-of-ganga-and-tributaries","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: गंगा और सहायक नदियों के किनारों को संवारेगा गंगा समग्र, बनेगी राष्ट्रीय योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: गंगा और सहायक नदियों के किनारों को संवारेगा गंगा समग्र, बनेगी राष्ट्रीय योजना
Mon, 14 Mar 2022 11:14 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 14 Mar 2022 11:14 AM IST
सार
नदियों के संरक्षण को लेकर काम करने वाली संघ की सहयोगी संस्था गंगा समग्र का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार 16 अप्रैल से लखनऊ में शुरू होगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गंगा और सहायक नदियों की स्वच्छता के लिए इनके 200 मीटर के दायरे को विकसित करने की जलशक्ति मंत्रालय की योजना को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आगे बढ़ाएगा। इस पर कार्ययोजना तैयार करने के लिए नदियों के संरक्षण को लेकर काम करने वाली संघ की सहयोगी संस्था गंगा समग्र का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार 16 अप्रैल से लखनऊ में शुरू होगा।
इस संबंध में 14 मार्च को लखनऊ में समग्र की एक बैठक भी होगी। बैठक की अध्यक्षता गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष करेंगे। इस सेमिनार में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल तक गंगा की स्वच्छता और गंगा के किनारों को विकसित करने की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
साथ ही गंगा समग्र की तरफ से अभी तक किए गए कार्यों का लेखाजोखा पेश किया जाएगा। गंगा में पेट्रोलियम पदार्थों से चलने वाली मोटर बोट को प्रतिबंधित करने सहित कई प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे। राष्ट्रीय संगठन मंत्री के अनुसार गंगा नदी में 75 प्रतिशत प्रदूषण की वजह सीवरेज युक्त नाले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस संबंध में 14 मार्च को लखनऊ में समग्र की एक बैठक भी होगी। बैठक की अध्यक्षता गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष करेंगे। इस सेमिनार में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल तक गंगा की स्वच्छता और गंगा के किनारों को विकसित करने की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन
साथ ही गंगा समग्र की तरफ से अभी तक किए गए कार्यों का लेखाजोखा पेश किया जाएगा। गंगा में पेट्रोलियम पदार्थों से चलने वाली मोटर बोट को प्रतिबंधित करने सहित कई प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे। राष्ट्रीय संगठन मंत्री के अनुसार गंगा नदी में 75 प्रतिशत प्रदूषण की वजह सीवरेज युक्त नाले हैं।
विज्ञापन
सेमिनार में इन बिंदुओं पर भी चर्चा
- गंगा में जा रहे औद्योगिक इकाइयों और सीवर नालों के प्रदूषण की रोकथाम की योजना बनेगी।
- छोटी नदियों और तालाबों को कब्जा मुक्त कराकर वहां पौधरोपण व किनारों पर साप्ताहिक आरती कराने पर विचार किया जाएगा।
- यूरिया, डाई और जलकुंभी को गंगा में आने से रोकने के लिए जैविक खेती पर जोर।
- प्लास्टिक, दोना-पत्तल, मुंडन में उतारे गए बालों को गंगा और नदियों में फेंकने पर सख्ती से रोक लगाने के लिए आवाज उठाई जाएगी।
- गंगा में जा रहे औद्योगिक इकाइयों और सीवर नालों के प्रदूषण की रोकथाम की योजना बनेगी।
- छोटी नदियों और तालाबों को कब्जा मुक्त कराकर वहां पौधरोपण व किनारों पर साप्ताहिक आरती कराने पर विचार किया जाएगा।
- यूरिया, डाई और जलकुंभी को गंगा में आने से रोकने के लिए जैविक खेती पर जोर।
- प्लास्टिक, दोना-पत्तल, मुंडन में उतारे गए बालों को गंगा और नदियों में फेंकने पर सख्ती से रोक लगाने के लिए आवाज उठाई जाएगी।