UP: ग्रेटर कानपुर के निर्माण की रफ्तार तेज, पहले फेज में 1200 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित, KDA ने शुरू किया सर्वे
Kanpur News: कानपुर विकास प्राधिकरण द्वारा भीमसेन और आउटर रिंगरोड के बीच 5000 एकड़ भूमि पर 'ग्रेटर कानपुर' बसाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में सात गांवों की 1200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसके लिए सर्वे का कार्य शुरू हो चुका है।
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भीमसेन व आउटर रिंगरोड के बीच बसने वाले ग्रेटर कानपुर को बसाने के लिए केडीए तीन फेज में कार्य कराएगा। पहले फेज में पांच हजार एकड़ में से 1200 एकड़ का भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए केडीए ने सर्वे कार्य शुरू करा दिया है, जो तीन माह में पूरा होने की उम्मीद है। कानपुर विकास प्राधिकरण भीमसेन और आउटर रिंगरोड के बीच स्थित जमीन और सात गांवों की भूमि को शामिल कर पांच हजार एकड़ में ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर ग्रेटर कानपुर बसाने जा रहा है। इसके लिए मेसर्स टीला ने सात गांवों की भूमि अधिग्रहण का खाका तैयार किया है।
करीब दो से ढाई हजार काश्तकारों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। यह योजना तीन फेज में पूरी करने की तैयारी है। पहले फेज में इन गांवों के 1200 एकड़ भूमि अधिग्रहण की योजना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी और भौगोलिक सर्वे कराया जा रहा है। काश्तकारों की सूची भी तैयार की जा रही है और फिर उनसे बातचीत कर सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण का प्रयास होगा। काश्तकारों के सहमति पत्र मिलने और सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी की दर निर्धारण समिति को सौंपी जाएगी। समिति भूमि की दर निर्धारित कर सहमति देगी जिसके बाद पहले फेज के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू कराया जाएगा।
इन गांवों की भूमि पर बसेगी योजना
सेन पश्चिम पारा, सेन पूरब पारा, गोपालपुर, गंभीरपुर, कैथा, दुर्जनपुरा व इटारा गांवों में आवासीय क्षेत्र छोड़कर बाकी जगह चिह्नित की जा रही है। इन इलाकों में खाली जमीन पर निर्माण पर रोक लगाई जाएगी, नक्शा नहीं पास किए जाएंगे। यह क्षेत्र भौंती से सिर्फ पांच और भीमसेन रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर की दूरी पर है। मंधना से भौंती बाईपास करीब साढ़े आठ किलोमीटर दूर है।
पांच लाख लोगों को बसाने की तैयारी
ग्रेटर कानपुर सभी सुविधाओं से लैस एक आधुनिक शहर होगा। केडीए की यहां करीब पांच लाख लोगों को बसाने की तैयारी है। योजना में हर वर्ग के लिए आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के भूखंड व फ्लैट बनाए जाएगे। मध्य व उच्च आय वर्ग के लिए एमआईजी, एचआईजी प्लाट, ग्रुप हाउसिंग, मल्टीस्टोरी बनाई जाएगी। ग्रीनबेल्ट, पार्क, स्कूल-काॅलेज, अस्पताल, कन्वेंशन सेंटर, स्टेडियम, शापिंग काम्प्लेक्स, सामुदायिक केंद्र, आधुनिक कूड़ाघर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निर्माण और सोलर लाइट लगाई जाएगी।
पहले फेज में फिलहाल 1200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। सर्वे में तीन माह लग सकते हैं, पहला फेज पूरा होने के बाद दूसरा शुरू कराया जाएगा। -अभय पांडे, केडीए सचिव