Hamirpur: तीन दिन पहले ही पिता बना था अंकित, अब फंदे पर लटका मिला शव; सुसाइड नोट में लिखी यह आखिरी इच्छा
Hamirpur News: सुमेरपुर में जनसेवा केंद्र संचालक ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने अपना नया मकान बेटी के नाम करने की बात लिखी है। इसी स्थान पर 10 माह पूर्व उसके भाई ने भी आत्महत्या की थी।
विस्तार
हमीरपुर जिले में भरुआ सुमेरपुर कस्बे के बांकी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में जनसेवा केंद्र संचालक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। तीन दिन पहले ही केंद्र संचालक की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें अपनी मर्जी से आत्महत्या करने और नया मकान बड़ी बेटी के नाम करने का जिक्र है। घटना से मृतक के घर कोहराम मचा है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
कांशीराम कॉलोनी निवासी अंकित कुमार ओमर (35) कस्बे में बालाजी कंप्यूटर्स के नाम से जनसेवा केंद्र का संचालन करता था। अभी हाल ही में उसने अपना निजी मकान बनाया है, जिसमें परिवार के सदस्य रहने लगे थे। कॉलोनी में कुछ सामान रखा था, जिसे मकान में लाकर रखा जा रहा था। सोमवार की देर रात अंकित कॉलोनी से कुछ सामान निकालने गया था, लेकिन वापस लौटकर नहीं आया।
एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ
परिजन जब उसे खोजते हुए कॉलोनी पहुंचे, तो कमरे में अंकित का शव लटका हुआ था। आनन-फानन में शव को फंदे से उतारकर पीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद मौत की पुष्टि कर दी। घटना स्थल से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें अंकित ने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने की बात लिखी है। उसने आगे लिखा है कि उसका मकान बेटी के नाम कर दिया जाए।
तीन दिन पूर्व पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया है
पुलिस ने सुसाइड नोट भी जब्त कर लिया है। केंद्र संचालक का परिवार मूलरूप से पुखरायां निवासी अंकित के छोटे भाई अमर ने इसी कमरे में 10 माह पूर्व फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मां की बीमारी से मौत हो चुकी है। अंकित का परिवार मूलरूप से कानपुर देहात के पुखरायां निवासी था। बचपन में ही मां सभी बच्चों को लेकर कस्बे अपने मायके में आकर रहने लगी थी। तीन दिन पूर्व अंकित की पत्नी खुश्बू ने एक बेटी को जन्म दिया है। अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

कमेंट
कमेंट X