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UP IAS Conflict:  रिंकू सिंह राही की बदली कुर्सी, ब्लॉक प्रमुख बोले- तबादला नहीं, एफआईआर हो, आर-पार का संग्राम

Wed, 01 Jul 2026 05:49 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 01 Jul 2026 05:49 AM IST
सार

Jalaun SDM And Administrative Conflict: ब्लॉक प्रमुख द्वारा अभद्रता के गंभीर आरोप लगाने और जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम रिंकू सिंह राही का तबादला कर दिया गया है। जहां एक ओर जनप्रतिनिधि एफआईआर की मांग कर रहे हैं, वहीं राही की कार्यशैली और सादगी भी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी है।

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Jalaun SDM Dispute Rinku Singh Rahi transferred Block Pramukh demands an FIR instead of a transfer
Jalaun SDM And Administrative Conflict: - फोटो : amar ujala

विस्तार

उरई जिले में जालौन ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने तत्कालीन एसडीएम जालौन आईएएस रिंकू सिंह राही के तबादले को अपर्याप्त कार्रवाई बताते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि केवल स्थानांतरण से मामले का निस्तारण नहीं माना जा सकता, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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गौरतलब है कि सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में ब्लॉक प्रमुख ने एक वीडियो सार्वजनिक किया था। उनका आरोप था कि वीडियो में तत्कालीन एसडीएम रिंकू सिंह राही उनके साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख का कहना है कि अधिकारी ने पहले उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की और बाद में धक्का दिया।

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अधिकारी के खिलाफ विधिक कार्रवाई आवश्यक
इसी बीच मंगलवार को प्रशासन ने रिंकू सिंह राही को जालौन एसडीएम पद से हटाकर उरई में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात कर दिया। तबादले की कार्रवाई के बाद रामराजा निरंजन ने कहा कि यह कदम पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि यदि किसी जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ विधिक कार्रवाई होना आवश्यक है।

जनप्रतिनिधियों के सम्मान को सुनिश्चित करना है
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि वह मामले को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों तथा शासन स्तर पर भी अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और कानून के समान अनुपालन को सुनिश्चित करना है।

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व्यापारियों से भी हो गया था पंगा
कुछ दिन पूर्व लौना रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक व्यापारी के पत्थर तोड़े जाने के आरोप भी सामने आए। वहीं 30 मई को स्थानांतरित किए गए पांच लेखपालों को उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद कार्यमुक्त न किए जाने का मामला भी चर्चा में रहा। 27 जून को आयोजित थाना दिवस में लेखपाल शिवम द्विवेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी देने का आरोप भी लगा।

जिलाधिकारी को सौंपा था ज्ञापन
तहसील में शासन के निर्देशों के विपरीत निजी ऑपरेटरों से जनसुनवाई संबंधी कार्य कराए जाने की शिकायतें भी उठीं। आरोप यह भी रहे कि एसडीएम की कार्यशैली से नाराज होकर प्रभारी तहसीलदार समेत पांच लेखपाल चिकित्सा अवकाश पर चले गए। लेखपालों ने सामूहिक अवकाश पर जाने संबंधी ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा था।

ब्लॉक प्रमुख प्रकरण बना निर्णायक मोड़
हाल ही में जालौन ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के कोल्ड स्टोर पर हुई जांच के दौरान विवाद और बढ़ गया। ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, धक्का दिया और थप्पड़ मारने की कोशिश की। इस संबंध में उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक की थी।

पद से हटाकर न्यायिक मजिस्ट्रेट बनाया
मामला तूल पकड़ने पर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज को जांच सौंपी गई। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद प्रशासनिक आदेश जारी हुआ, जिसमें रिंकू सिंह राही को जालौन एसडीएम पद से हटाकर न्यायिक मजिस्ट्रेट उरई बनाया गया।

कई पहल भी रहीं चर्चा में
विवादों के बीच रिंकू सिंह राही की कुछ पहल चर्चा में रहीं। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में निरक्षर बुजुर्गों को शिक्षित करने के उद्देश्य से विशेष अभियान शुरू किया था। इसके अलावा गांवों और मोहल्लों के लिए अलग-अलग व्हाट्सएप समूह बनवाए गए थे, जिनमें ग्रामीण सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते थे।

कई मामलों का निस्तारण त्वरित कराया
ग्रामीणों का कहना था कि इससे उन्हें छोटी-छोटी शिकायतों के लिए तहसील मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते थे। एसडीएम स्वयं इन समूहों की निगरानी करते थे और कई मामलों का निस्तारण त्वरित रूप से कराया जाता था। तहसील में भी लोगों के कार्य अपेक्षाकृत तेजी से होने की चर्चा रही।

चर्चाओं का केंद्र बना तबादला
हालांकि प्रशासन की ओर से इस स्थानांतरण को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे हालिया विवादों और जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। दो माह के संक्षिप्त कार्यकाल में रिंकू सिंह राही जहां अपनी सख्त कार्यशैली और कुछ नवाचारों के कारण चर्चा में रहे। वहीं व्यवहार संबंधी शिकायतों और विवादों ने भी उनका लगातार पीछा किया।

सादगी भरे अंदाज में उरई पहुंचे आईएएस रिंकू सिंह राही
अपनी कार्यशैली और सादगी को लेकर चर्चा में रहने वाले आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही मंगलवार को प्राइवेट बस से उरई पहुंचे। उनके साथ गनर भी मौजूद था। बस से उतरने के बाद उन्होंने सरकारी वाहन का इंतजार करने के बजाय ई-रिक्शा से मुख्यालय के लिए रवाना होकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

सामान्य यात्रियों की तरह बस से उरई पहुंचे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रिंकू सिंह राही सामान्य यात्रियों की तरह बस से उरई पहुंचे। बस स्टैंड पर मौजूद लोगों ने उन्हें आम यात्रियों के बीच देखा। इसके बाद उन्होंने ई-रिक्शा लिया और मुख्यालय के लिए रवाना हो गए। आईएएस अधिकारी के इस सादगीपूर्ण अंदाज की दिनभर लोगों के बीच चर्चा होती रही। कई लोगों ने इसे उनकी सरल कार्यशैली का हिस्सा बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे आमजन से जुड़ाव का संदेश माना।

ये है पूरी घटना
विवादों में घिरे आईएएस रिंकू सिंह राही को आखिरकार एसडीएम के पद से हटा दिया गया है। उन्हें प्रशासनिक फेरबदल के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट उरई के पद पर तैनात किया गया है। उनका करीब दो माह का कार्यकाल सुर्खियों में रहा। उनके कुछ कामों की सराहना हुई, तो कार्यशैली और व्यवहार को लेकर कई विवाद भी सामने आए।

व्यापारी वर्ग में नाराजगी देखने को मिली
सोमवार को ब्लॉक प्रमुख ने वीडियो साझा किया था। इसमें रिंकू राही थप्पड़ मारने का प्रयास व धक्का देते हुए दिख रहे थे। रिंकू सिंह राही ने छह मई को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम जालौन के रूप में कार्यभार संभाला था। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने नगर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया। हालांकि अभियान के दौरान चालान की कार्रवाई को लेकर व्यापारी वर्ग में नाराजगी देखने को मिली।

ऐसे अधिकारी को अपने क्षेत्र में नहीं चाहते
सराफा व्यापारी आशीष के यहां कार्रवाई के दौरान पहले पांच हजार रुपये और अनुरोध करने के बाद भी दस हजार रुपये का चालान काटे जाने के आरोप लगे। व्यापारियों का कहना था कि उन्हें पूर्व में कोई नोटिस भी नहीं दिया गया था। व्यापारियों के विरोध के बाद सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा स्वयं जालौन पहुंचे थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह ऐसे अधिकारी को अपने क्षेत्र में नहीं चाहते।

अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ मारने की कोशिश की
हाल ही में जालौन ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के कोल्ड स्टोर पर हुई जांच के दौरान विवाद और बढ़ गया। ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, धक्का दिया और थप्पड़ मारने की कोशिश की। इस संबंध में उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक किए। इसी बीच एडीएम राजीव राज जांच रिपोर्ट भी दे दी। जिसे शासन को भेजे जाने के बाद रिंकू सिंह राही को एसडीएम से हटाकर न्यायिक मजिस्ट्रेट उरई बना दिया गया।

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