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Jalaun: 24.90 लाख की लूट में जालौन के तीन पुलिसकर्मी हिरासत में, SP बोले-तीनों पर की जा रही निलंबन की कार्रवाई
Sun, 12 Jul 2026 08:48 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 12 Jul 2026 08:48 PM IST
सार
Jalaun News: सूरत के ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी और उसके सहयोगी को मिनर्वा चौराहे के पास कार सवार बदमाशों ने अगवा किया था। डेढ़ घंटे तक घुमाने के बाद नकदी लूटी। बाद में कानपुर बाईपास पर छोड़ा।
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सूरत के ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से 24.90 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। झांसी पुलिस ने मामले में जालौन पुलिस लाइन में तैनात तीन सिपाहियों को हिरासत में लिया है। एसपी का कहना है कि मामले में तीनों पुलिस कर्मिंयों की संलिप्तता की बात सामने आ रही है, निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।
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गुजरात के सूरत निवासी ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में कारोबार करते हैं। झांसी और आसपास के क्षेत्रों में वसूली और वितरण का काम उनके मुंशी किशन पांचाल देखते हैं। बृहस्पतिवार शाम किशन पांचाल अपने सहयोगी किशन कुमार के साथ विभिन्न व्यापारियों से वसूली कर करीब 24.90 लाख रुपये लेकर स्कूटी से अपने फ्लैट की ओर लौट रहे थे।
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आरोप है कि शाम करीब पांच बजे मिनर्वा चौराहे के पास सुरेश होटल के सामने काले रंग की क्रेटा कार में सवार पांच लोगों ने उनकी स्कूटी रोक ली और दोनों को जबरन कार में बैठा लिया। पीड़ित किशन पांचाल ने बताया कि आरोपी उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक शहर के विभिन्न मार्गों पर घुमाते रहे और इस दौरान 24.90 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया। इसके बाद आरोपियों ने दोनों को कानपुर बाईपास के पास उतार दिया और मौके से भाग गए।
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कारोबारी जितेंद्र पटेल ने बताया कि घटना के बाद मुंशी किशन काफी डरा और सहमा हुआ था, जिसके कारण उसने तत्काल पुलिस से संपर्क नहीं किया। बाद में समझाने-बुझाने के बाद शुक्रवार को कोतवाली पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी रामवीर सिंह और कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध क्रेटा कार के फुटेज मिले, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी रामवीर सिंह और कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध क्रेटा कार के फुटेज मिले, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
जांच के दौरान उरई पुलिस लाइन में तैनात सिपाही मनोज, राघवेंद्र और नीरज के नाम सामने आए। बताया जा रहा है कि तीनों सिपाही पूर्व में झांसी में तैनात रह चुके हैं और उन्हें कारोबारी के मुंशी की गतिविधियों और वसूली के संबंध में पहले से जानकारी थी। आरोप है कि तीनों बिना किसी को सूचना दिए झांसी पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया।
झांसी पुलिस ने तीनों संदिग्ध सिपाहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मामले के अन्य पहलुओं और संभावित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
एसपी जालौन विनय कुमार सिंह ने बताया कि झांसी में हुई घटना में तीनों सिपाहियों की संलिप्तता सामने आई है। उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है तथा विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
एसपी जालौन विनय कुमार सिंह ने बताया कि झांसी में हुई घटना में तीनों सिपाहियों की संलिप्तता सामने आई है। उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है तथा विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
2023 में पुलिस लाइन में आ गए थे तीनों, पीएसी में है तैनाती
सूत्रों की माने तो तीनों की तैनाती वर्ष 2023 में पुलिस लाइन में हो गई थी। वह पीएसी में तैनात होने के चलते वह लाइन में ही रहते थे और बिना बताए चले जाते थे। बृहस्पतिवार को भी आरोपी दो सिपाही बिना बताए झांसी गए थे, जबकि तीसरा सिपाही छुट्टी पर था। जांच में सामने आया कि तीनों इकट्ठे हुए तो वारदात को अंजाम दे दिया।
सूत्रों की माने तो तीनों की तैनाती वर्ष 2023 में पुलिस लाइन में हो गई थी। वह पीएसी में तैनात होने के चलते वह लाइन में ही रहते थे और बिना बताए चले जाते थे। बृहस्पतिवार को भी आरोपी दो सिपाही बिना बताए झांसी गए थे, जबकि तीसरा सिपाही छुट्टी पर था। जांच में सामने आया कि तीनों इकट्ठे हुए तो वारदात को अंजाम दे दिया।