सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur advocate murder case Rajaram suspected that the director of NRI City might have murdered him

Rajaram Murder Case: राजाराम को थी आशंका; एनआरआई सिटी के निदेशक करा सकते हैं हत्या, 2019 का ई-मेल बना सुबूत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 08 Feb 2026 07:06 AM IST
विज्ञापन
सार

Kanpur News: अधिवक्ता राजाराम वर्मा ने अपनी मौत से दो साल पहले ही जमीन विवाद में हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस अब एनआरआई सिटी निदेशक और अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच कर रही है, जबकि जमीनों पर अवैध कब्जे की जांच एसआईटी को सौंपी गई है।

Kanpur advocate murder case Rajaram suspected that the director of NRI City might have murdered him
राजाराम - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

कानपुर में अधिवक्ता राजाराम वर्मा ने मौत के दो साल पहले ही अपनी हत्या की आशंका जता दी थी, उन्हें जमीन के विवाद में हत्या किए जाने का डर था। उन्हें लगता था कि जमीन के विवाद में एनआरआई सिटी के निदेशक और अन्य लोग उनकी हत्या करा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने वर्ष 2019 में ही एंटी भूमाफिया सेल, डीएम कार्यालय, नवाबगंज थाने को भेजी ई-मेल में इसकी आशंका जता दी थी।

Trending Videos

पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही जमीन कब्जे के मामले की जांच एसआईटी करेगी। अधिवक्ता राजाराम ने वर्ष 2010 में जमीन के विवाद में 18 लोगों के खिलाफ कूटरचना, धोखाधड़ी, दस्तावेजों में जालसाजी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की अग्रिम विवेचना कर रहे कोतवाली प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि इसमें से केवल राजबहादुर, रामकुमार और रामचंदर के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

मजदूर डर कर भाग गए थे और काम बंद हो गया था
बाकी को साक्ष्य के अभाव में क्लीनचिट दे दी थी। इसके बाद राजाराम ने एक बार फिर आरोपियों के खिलाफ थाने से लेकर डीएम कार्यालय तक शिकायत की। इस बार उन्होंने लिखा था कि वह एनआरआई सिटी के अंदर अपनी कृषि योग्य भूमि पर मजदूरों से काम करा रहे थे। आरोप है कि तभी निदेशक, राम खिलावन और राजबहादुर ने मजदूरों को धमकाते हुए उनकी हत्या करवा देने की बात कही थी। इसके बाद मजदूर डर कर भाग गए थे और काम बंद हो गया था।

आसाराम बापू के आश्रम से लेकर गेस्टहाउस तक कब्जा
कोतवाली इंस्पेक्टर के अनुसार कई विवादित जमीनों पर कब्जे की शिकायत आई है। यह शिकायत राजाराम के बेटे नरेंद्र देव ने की है। इनमें मैनावती मार्ग स्थित आशाराम बापू का आश्रम भी शामिल है। आरोप है कि आशाराम बापू के जेल जाने के बाद आरोपियों ने उनके आश्रम पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा कनक सोसाइटी, आम्रपाली सोसाइटी भी शामिल हैं।

केटीएल व नेक्सा यार्ड शोरूम पर कब्जे की शिकायत
इनकी जांच की जा रही है। इनके अलावा रेल बाजार थाना क्षेत्र स्थित राॅयल गार्डन गेस्ट हाउस के अलावा एनआरआई सिटी के पास स्थित नारायण हैरिटेज गेस्ट हाउस और सिंहपुर स्थित केटीएल व नेक्सा यार्ड शोरूम पर कब्जे की शिकायत है। मैनावती मार्ग पर एक और जमीन है। इस पर कई बड़े लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत पीड़ित पक्ष ने की है।

राकेश ने बेड रेस्ट की बात कह मांगा 15 दिन का समय
बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को पुलिस ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, उन्होंने अपने वकील के माध्यम से नोटिस का जवाब देते हुए 15 दिन का समय मांगा है। विवेचक के अनुसार राकेश तिवारी का स्वस्थ खराब है। डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी है। इसके चलते उन्हाेंने 15 दिन तक पूछताछ के लिए आने थाने आने में असमर्थता जताई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed