UP: इंजीनियरिंग और मेडिकल काॅलेज तक पहुंचा अमेरिकन ओजी गांजा, सामान्य से 10 गुना अधिक है नशीला, पढ़ें रिपोर्ट
Kanpur News: कानपुर के शिक्षण संस्थानों में 10 गुना अधिक नशीला अमेरिकन ओजी गांजा सप्लाई होने का खुलासा हुआ है। 3000 प्रति 10 ग्राम बिकने वाले इस नशे के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन व्हाइट पाउडर तेज कर दिया है।
विस्तार
दिल्ली, एनसीआर, मुंबई, गोवा के बाद शहर में अमेरिकन ऑरिजनल गैंगस्टर (ओजी) गांजा आ गया है। यह शहर के प्रमुख इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गया है। यह प्रीमियम क्वालिटी का है और सामान्य गांजे से दस गुना अधिक नशीला होता है। केवल 10 ग्राम पुड़िया की कीमत तीन हजार रुपये से अधिक है। यह जानकारी तीन दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपी से पूछताछ में हुई है। उसके पास से 114 ग्राम अमेरिकन ऑरिजनल गैंगस्टर और 1.008 किलो सामान्य गांजा मिला था।
एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि ऑपरेशन व्हाइट पाउडर के अंतर्गत पुलिस शहर में नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। 17 मार्च को कल्याणपुर क्षेत्र में पनकी नहर के पास से नवाबगंज के पिंकू वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसके पास अमेरिकन ओजी गांजा और सामान्य गांजा मिला था। आरोपी इस गांजे को शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बेचता था। 17 मार्च को आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव और सर्विलांस टीम ने आरोपी को दबोचा था।
गुरुग्राम से लाया था माल
एडीसीपी ऑपरेशन के मुताबिक अमेरिकन ऑरिजनल गैंगस्टर गांजे का नशा बैंकॉक, चीन और कई यूरोपीय देशों में किया जाता है। कई बार तस्करी करने वाल चोरी छिपे नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों से ले आते हैं। इन एशियाई देशों से गांजा देश में आ जाता है। इसकी छोटी छोटी पुड़िया बनाई जाती है। यह कंसंट्रेटेड फार्म में रहता है।
टीएचसी की मात्रा दस गुना ज्यादा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सामान्य गांजे में टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल (टीएचसी) की मात्रा केवल तीन प्रतिशत होती है जबकि अमेरिकन ऑरिजन गैंगस्टर में 30 फीसदी रहती है। इसके उपयोग से दिमाग की तंत्रिका तुरंत प्रभावी होती है। यह खुशी, आनंद और दिमाग को सक्रिय करती है। छात्र अधिकतर इसका उपयोग सक्रियता के लिए करते हैं लेकिन इसके दूरगामी परिणाम खतरनाक होते हैं।
गुस्सा, नाराजगी, जान देने का करता मन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोज विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय चौधरी ने बताया कि शुरुआत में गांजा और अन्य सूखा नशा करने वालों को बेहतर महसूस होता है लेकिन इसके परिणाम काफी भयानक होते हैं। इसकी वजह से गुस्सा, नाराजगी और जान देने का मन करता है।
- खुशी का अहसास कराने वाले हार्मोन डोपामिन का स्तर बढ़ता है।
- अच्छा लगने की वजह से लोगों को एकाग्र होने जैसा महसूस होता है।
- शरीर में ताकत बढ़ने का अहसास होता है।
- नियमित सेवन न होने पर अवसाद बढ़ता है। लत लग जाती है।
- नशा नहीं करने पर नाराजगी और आत्महत्या करने का मन करता है।
- मन एकाग्र नहीं होता है। इसके बिना लोग एकांत पसंद करते हैं।
शहर के कुछ शिक्षण संस्थानों में प्रीमियम और सामान्य गांजे की सप्लाई होने की जानकारी हुई है। छात्र इनका उपयोग कर रहे हैं। उनके अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। जल्द ही अभियान चलाकर छात्रों को जागरूक किया जाएगा। -डॉ. विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था