Kanpur: कारोबार को मिली समझौते की संजीवनी, कारोबारी बोले- सरपट दौड़ेगा निर्यात, बड़े बाजार के दरवाजे फिर खुले
Kanpur News: भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के तहत निर्यात शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे कानपुर के चमड़ा और टेक्सटाइल निर्यातकों में खुशी की लहर है और ठप पड़ा कारोबार फिर से शुरू होने जा रहा है।
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अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम व्यापार ढांचा समझौते की रूपरेखा जारी कर दी गई। अमेरिका की ओर से भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ वापस लेकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। सात फरवरी के बाद भेजे जाने वाले निर्यात ऑर्डरों पर नया टैरिफ शुल्क लगेगा। हालांकि नई व्यवस्था के बाद चमड़ा उत्पादों पर कुल टैरिफ 28 प्रतिशत और टेक्सटाइल पर 29 प्रतिशत के करीब शुल्क लगेगा। निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका से निर्यात अवरोध दूर हो गया है। यह एक बड़ा समझौता है।
शहर से उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा। चीन, वियतनाम, बांग्लादेश के मुकाबले टैरिफ की दर कम होने से और अमेरिका बाजार में उत्पादों की पहुंच और बढ़ेगी। हालांकि यह सहमति अंतरिम व्यापार ढांचा समझौते के तहत है द्विपक्षीय व्यापार समझौते में शुल्क और कम होने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दो फरवरी को फोन पर बातचीत के बाद टैरिफ घटा दिया गया था। अब व्यापार समझौते के प्रमुख मसौदों को सामने लाया गया है। अगस्त में लगे 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद से अमेरिका को निर्यात ठप हो गया था। अब अमेरिका बाजार में फिर से कानपुर के उत्पाद छाएंगे।
समझौता होने से निर्यातकों में खुशी का माहौल
शहर से चमड़ा, टेक्सटाइल, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग, सब्जी मसाला का निर्यात किया जाता है। शहर से 2500 करोड़ का निर्यात पिछले साल किया गया था। इसमें 1200-1300 करोड़ की अकेले हिस्सेदारी केवल चमड़ा कारोबार की थी जबकि टेक्सटाइल, हैंडलूम उत्पादों की हिस्सेदारी का आंकड़ा 500-600 था। वहीं, अमेरिका के साथ समझौता होने से निर्यातकों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि ठप कारोबार शुरू हो जाएगा, जो टैरिफ का असर है। चीन, वियतनाम, बांग्लादेश के साथ कानपुर के उत्पादों की प्रतिस्पर्धी होती है। अब उत्पाद उनके मुकाबले सस्ता होगा।
उत्पादों पर शुल्क कम हो सकता है
फियो के संयोजक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि सात फरवरी के बाद किए जाने वाले निर्यात कंसाइनमेंट पर 18 प्रतिशत की दर से शुल्क लगेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी किया गया है। कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, कार्बनिक रसायन, घरेलू सजावट के सामान, हस्तशिल्प और मशीनरी जैसे उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। उन्होंने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते भी आने वाले समय में होने की संभावना है, जिस पर श्रम आधारित उत्पादों जैसे, चमड़ा, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उत्पादों पर शुल्क कम हो सकता है।
अमेरिका ने 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है जिससे अमेरिका जैसे सबसे बड़े बाजार के बंद दरवाजे फिर से खुल गए हैं। अमेरिका में उत्पाद निर्यात होने का अवरोध खत्म हो गया है। अमेरिका ने चीन, वियतनाम, बांग्लादेश के मुकाबले टैरिफ दर कम की है। इससे कानपुर के उत्पादों की मांग और बढ़ सकेगी। -राजेंद्र कुमार जालान, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
चमड़ा के उत्पादों पर पहले से ही 9-10 प्रतिशत का उत्पाद शुल्क लगता था। 50 प्रतिशत टैरिफ शुल्क लगने के बाद यह 59 प्रतिशत तक हो गया था। अब 18 और पूर्व का लगने वाला 9-10 प्रतिशत शुल्क यानी 27-28 प्रतिशत शुल्क के साथ फुटविर, सैडलरी, पर्स समेत अन्य चमड़ा उत्पादा अमेरिका जाएंगे। शुल्क का भार अमेरिकी जनता पर ही आएगा। -असद इराकी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद