Kanpur: 250 करोड़ की ठगी के मास्टरमाइंड सुल्तान का साथी अंचित गिरफ्तार, दुबई में अय्याशी का वीडियो वायरल
Kanpur News: 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मास्टरमाइंड सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय उर्फ जॉनसेना उर्फ वैलेंटाइन के 25 हजार रुपये के इनामी साथी अंचित गोयल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार अंचित पर साइबर ठगी से प्राप्त करोड़ों रुपये का लेनदेन म्यूल खातों के जरिए कराने का आरोप है।
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कानपुर कमिश्नरी पुलिस ने करीब 250 करोड़ रुपये के देशव्यापी साइबर ठगी गिरोह पर शिकंजा कसते हुए मास्टरमाइंड सुल्तान मिर्जा के खास साथी अंचित गोयल को हिरासत में ले लिया है। आगरा निवासी अंचित गोयल पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
आरोपी अंचित पर ठगी के मुख्य आरोपी राजवीर के साथ मिलकर म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन कराने का आरोप है। पुलिस की टीमें उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, जिससे गिरोह के वित्तीय नेटवर्क की पूरी कुंडली निकाली जा सके।
दूसरी ओर, गिरोह का मुख्य सरगना सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय उर्फ जॉनसेना उर्फ वैलेनटाइन दुबई भाग चुका है, जहां से उसके एक फाइव स्टार होटल में डांस और अय्याशी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
250 करोड़ की ठगी, दुबई और थाईलैंड में अय्याशी
इससे पहले बुधवार को पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी दिबियापुर निवासी साइबर ठग राजवीर और उसके साथी शिवम सिन्हा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी सुल्तान मिर्जा को फर्जी बैंक खाते बेचते थे, जिसके बदले में सासाराम (बिहार) निवासी सुल्तान उन्हें प्रति खाता 25 हजार रुपये महीना देता था।
इस गिरोह ने देश के करीब 09 राज्यों में 250 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक सुल्तान बेहद अय्याश किस्म का अपराधी है। वह दुबई के अलावा नेपाल, काठमांडू और थाईलैंड में भी ठगी के पैसों से अय्याशी कर चुका है। पुलिस उसके पुराने दौरों के फुटेज और जानकारी भी जुटा रही है।
बैंकर्स, वकील और सफेदपोश भी गिरोह में शामिल
जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सुल्तान के इस विशाल नेटवर्क में कुछ बैंक कर्मचारी, अधिकारी, वकील और सफेदपोश लोग भी शामिल हैं। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों पर खाते खुलवाए जाते थे, जबकि वकीलों की मदद से सुल्तान गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी दांव-पेच और बेल की अग्रिम तैयारी कर लेता था।
यह गिरोह ठगी की रकम को विदेश भेजने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। पुलिस कमिश्नर के अनुसार इस मामले में कई रसूखदार लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन पर जल्द ही बड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ठगी का आंकड़ा 500 करोड़ पहुंचने की आशंका
कमिश्नरेट पुलिस की जांच केवल राजवीर, शिवम और अंचित तक ही सीमित नहीं है। पुलिस के रडार पर गिरोह से जुड़े 04 अन्य मुख्य शातिर भी हैं, जिन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले भारतीयों को भी डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर अपना शिकार बनाया है।
अधिकारियों का मानना है कि इन 04 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ठगी और अवैध लेन-देन की कुल रकम 500 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकती है।