{"_id":"6a2655b7ea8f6757df07a362","slug":"kanpur-differently-abled-man-held-hostage-and-beaten-in-chamber-after-claim-amount-was-refused-2026-06-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: क्लेम की रकम से इन्कार करने पर चैंबर में दिव्यांग को बंधक बना पीटा, अधिवक्ता समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: क्लेम की रकम से इन्कार करने पर चैंबर में दिव्यांग को बंधक बना पीटा, अधिवक्ता समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:10 AM IST
विज्ञापन
सार
Kanpur News: दिव्यांग को बंधक बना पीटने के मामला में कोर्ट के आदेश पर अधिवक्ता समेत चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
मृत महिला के क्लेम की रकम मांगने पर देने से इन्कार करने पर एक दिव्यांग युवक ने अधिवक्ता और उनके साथियों पर चैंबर में बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगाया। आरोप है कि कोतवाली पुलिस से शिकायत करने पर सुनवाई न होने पर कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
मोती मोहाल निवासी दिव्यांग टीनू वर्मा ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उनकी मां सुंदरी देवी की फरवरी 2019 में हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजा वाद दाखिल करने के लिए गोविंदनगर निवासी अधिवक्ता राधेश कुमार गौतम को नियुक्त किया था। उनके अनुसार अधिवक्ता से 10 प्रतिशत पर तय हुआ था। आरोप है कि मुकदमे की पैरवी और खर्च के नाम पर अधिवक्ता ने समय-समय पर उनसे धनराशि ली। अक्तूबर 2025 में क्लेम का फैसला हुआ जिसमें उनको 2.50 लाख रुपये और उसकी बहन को एक लाख रुपये का प्रतिकर मिला।
Trending Videos
मोती मोहाल निवासी दिव्यांग टीनू वर्मा ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उनकी मां सुंदरी देवी की फरवरी 2019 में हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजा वाद दाखिल करने के लिए गोविंदनगर निवासी अधिवक्ता राधेश कुमार गौतम को नियुक्त किया था। उनके अनुसार अधिवक्ता से 10 प्रतिशत पर तय हुआ था। आरोप है कि मुकदमे की पैरवी और खर्च के नाम पर अधिवक्ता ने समय-समय पर उनसे धनराशि ली। अक्तूबर 2025 में क्लेम का फैसला हुआ जिसमें उनको 2.50 लाख रुपये और उसकी बहन को एक लाख रुपये का प्रतिकर मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
फैसला आने के बाद अधिवक्ता ने उनसे 80 हजार रुपये की मांग की। उसने अतिरिक्त रकम देने से इन्कार किया क्योंकि वह पहले ही करीब 45 हजार रुपये दे चुके थे। आरोप है कि 16 दिसंबर 2025 को अधिवक्ता उसे घसीटते एक चैंबर में ले गए। वहां उन्होंने, अपने भाई परवेश कुमार गौतम तथा दो अन्य लोगों के साथ मिलकर बंधक बनाकर रखा और पीटा। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश कुमार पांडेय ने बताया कि राधेश कुमार गौतम, परवेश कुमार, रिंकू राज, संदीप के खिलाफ बंधक बनाने, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, जानबूझकर अपमान करने, धमकाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।