Kanpur: तीन दिन में कुत्तों ने 30 को काटा, ग्रामीणों ने एक को मारा डाला, अफसर बोले- इंफेक्शन से हो रहे आक्रामक
Kanpur News: भीतरगांव क्षेत्र के कई गांवों में पिछले तीन दिनों से आवारा कुत्तों का आतंक मचा हुआ है। कुत्तों के हमले में छोटे बच्चों और स्कूली छात्रों समेत करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने एक कुत्ते को पकड़कर मार डाला है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार फंगल इंफेक्शन के कारण कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं।
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कानपुर में घाटमपुर कस्बे में भीतरगांव के आसपास के गांवों में तीन दिनों से कुत्तों का आतंक है। कुत्तों ने कस्बा सहित बारीगांव, गहोलिनपुरवा, रावतपुर, परौली और आसपास के गांवों में तीन दिनों में करीब 30 लोगों को नोचकर घायल कर दिया। सबसे ज्यादा शिकार छोटे बच्चे, बाजार आने-जाने वाले लोग और स्कूली छात्र बने हैं। मंगलवार को ग्रामीणों ने एक कुत्ते को पकड़कर मार डाला। कस्बे में तीन कुत्तों से लोग दहशत में हैं।
भीतरगांव के रामसागर ( 31 ), आशीष (17), यश द्विवेदी (18), रार के देशराज (52) व संजय (32), बारीगांव के गोविंद (46) गहोलिनपुर, दीपक (28), आदिल (6), सतीश (46), बेहटा बुजुर्ग के शील कुमार (40), यश (7) को कुत्ते निशाना बना चुके हैं। वेरीखेड़ा के चरन सिंह (55), धौंकलपुर की पूजा (5), कोरथा की काव्या (7), साढ़ के ओमप्रकाश (32), हाजीपुर कदीम के मयंक (12), कुम्हऊपुर की गुड़िया (5), तिवारीपुर के देवेश ( 19 ) भी कुत्ते का शिकार बन चुके हैं।
ये भी कुत्तों का शिकार बन चुके हैं
रावतपुर की चाहत (9) व लक्ष्मी (7) रानी (50), बच्चूलाल (50) जिया (7) छोटू (6), तिवारीपुर साढ़ के विश्रामपाल (75), गोपालपुर के विद्यासागर ( 34 ), पड़री की आराध्या (10), पहेवा के संजय, सिरोह के रज्जावल (44), रातेपुर के प्रशांत (16), चिरली के सर्वेश ( 32 ) भी इन कुत्तों का शिकार बन चुके हैं। सभी का इलाज भीतरगांव सीएचसी में हुआ।
चिड़चिड़ा और आक्रामक बना देती है
ग्रामीणों ने बताया कि कुत्ते एक के बाद एक कई लोगों को काटते हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. लाल प्रताप बताते हैं कि बारिश से भींगने पर नमी और गीलेपन के कारण कुत्तों को पिसुआ फंगल इन्फेक्शन दाद की शिकायत बहुत ज्यादा होती है। लगातार खुजली और जलन उन्हें बेहद चिड़चिड़ा और आक्रामक बना देती है।