Kanpur: अब ITMS की निगरानी में दौड़ेंगे ई-रिक्शा, कलर कोडिंग और QR कोड से होगी पहचान, 25 से होगा पंजीकरण
Kanpur News: कानपुर ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा के लिए कलर कोडिंग और क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की है, जिसकी निगरानी आईटीएमएस के जरिए होगी। 25 फरवरी से 37 थानों में मुफ्त बार कोड मिलेंगे, जिससे रिक्शा चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी।
विस्तार
कानपुर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते ई-रिक्शा को व्यवस्थित करने और उनकी सुरक्षा पुख्ता करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। अब कानपुर के ई-रिक्शा न केवल सात अलग-अलग रंगों के रूटों पर चलेंगे, बल्कि उनकी पल-पल की निगरानी इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए की जाएगी।
इस नई व्यवस्था से ई-रिक्शा की चोरी पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है। एसीपी ट्रैफिक ने बताया कि आगामी 25 फरवरी से पांच मार्च तक शहर के 37 थानों और ट्रैफिक कार्यालय में निःशुल्क बार कोड और क्यूआर कोड वितरित किए जाएंगे। प्रथम चरण में 10 हजार ई-रिक्शा को इस दायरे में लाया जाएगा।
ये है पंजीकरण प्रक्रिया
वाहन स्वामी को अपना रजिस्ट्रेशन, बीमा, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र जमा करना होगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद थानों में तीन स्लिप भरी जाएंगी। एक स्लिप थाने के रिकॉर्ड में रहेगी। चालक को शेष दो स्लिप लेकर ट्रैफिक लाइन जाना होगा, जहां उसे संबंधित रूट का क्यूआर कोड और रंगीन पट्टी निःशुल्क दी जाएगी।
सात रंगों से सजेगा रूट मैप
ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा के लिए सात जोन तय किए हैं, जिनकी पहचान इन रंगों से होगी। इनमें लाल, हरा, धानी, जामुनी, गुलाबी, नीला और पीला शामिल हैं। अलग-अलग रंगों के कारण ट्रैफिक पुलिस दूर से ही यह पहचान सकेगी कि ई-रिक्शा अपने आवंटित रूट पर है या नहीं।
चोरी पर लगाम और हाईटेक निगरानी
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ ई-रिक्शा मालिकों को सुरक्षा के रूप में मिलेगा। प्रत्येक ई-रिक्शा का डाटा पुलिस के सर्वर पर होगा। यदि कोई ई-रिक्शा चोरी होता है या रूट बदलता है, तो आईटीएमएस के कैमरों की मदद से उसे तुरंत ट्रैक किया जा सकेगा।