गैस संकट: होटलों पर रोकी गई कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई, केंद्र के नए निर्देश से 20 हजार उपभोक्ता प्रभावित
Kanpur News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति बाधित होने से कानपुर में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई रोक दी गई है। होटल और गेस्ट हाउस संचालकों ने कारोबार ठप होने की चेतावनी दी है।
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कानपुर शहर में गैस संकट मंडराने लगा है। केंद्र सरकार ने कामर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगा दी है। इससे होटल, रेस्तरां और बड़े खानपान प्रतिष्ठानों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। जिले में लगभग 20 हजार वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ता हैं। ये प्रतिष्ठान प्रतिदिन करीब आठ से नौ हजार सिलिंडरों की खपत करते हैं।
गैस का भंडार पहले से ही कम है जिससे आने वाले दिनों में कई प्रतिष्ठानों का संचालन प्रभावित हो सकता है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय गैस आपूर्ति बाधित हुई है। कई देशों से एलपीजी का आयात रुकने से निजी वितरकों का स्टॉक घट गया है। निजी डीलरों के पास आमतौर पर दो से तीन दिन का ही भंडारण होता है। उनका मौजूदा स्टॉक लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया है।
आवश्यक सेवाओं के लिए दी जा रही प्राथमिकता
सरकारी तेल कंपनियों के पास फिलहाल आठ से 10 दिन का भंडार बताया जा रहा है। इससे अभी तक सीमित आपूर्ति जारी रखी जा सकी है। एलपीजी वितरक संघ के संरक्षक भारतीश मिश्रा ने बताया कि उपलब्ध गैस भंडार को आवश्यक सेवाओं के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। डीलरों के पास मौजूद कामर्शियल सिलिंडर पहले अस्पतालों, छात्रावासों और बड़े संस्थानों को दिए जाएंगे।
घरेलू खपत को दी गई प्राथमिकता
सोमवार को केंद्र सरकार ने नए निर्देश जारी कर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इसके तहत कामर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है।इस फैसले के बाद शहर के होटल, रेस्तरां, ढाबे और बड़े किचन संचालकों में चिंता बढ़ गई है। कई प्रतिष्ठानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उन्हें कामकाज सीमित करना पड़ सकता है।
कैटरिंग का काम करता हूं जो सबसे ज्यादा सिलिंडर पर ही निर्भर है। सरकार ने गैस के दाम बढ़ाए थे उस दौरान एजेंसियों ने छूट देना बंद कर दी थी। अब रोक लगा दी है। इससे रोजगार पर समस्या खड़ी हो जाएगी।
-मदन लाल भाटिया, कृष्णानगर
मिठाई की दुकान संचालित करता हूं। एक दिन में करीब तीन से चार सिलिंडर खत्म हो जाते हैं। अगर सिलिंडर नहीं मिला तो भट्ठी में काम करना और मुश्किल हो जाएगा। इससे रोजगार काफी प्रभावित होगा। -मनोज कुमार, गोविंद नगर
शहर भर में दो सौ होटल और 1500 गेस्ट हाउस
कानपुर। सहालगी सीजन और ईद के मौके पर इन सिलिंडरों पर रोक से होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई और गेस्टहाउस संचालकों में खलबली मच गई है। शहर भर में पांच हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें हैं। दो सौ होटल और 1500 गेस्ट हाउस भी संचालित होते हैं। सरकार के नए फरमान से होटल, रेस्टोरेंट संचालक परेशान हो गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि नई बुकिंग में 25 प्रतिशत अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा।
यह संकट जल्द खत्म न हुआ तो होटल, गेस्टहाउस, रेस्टोरेंट तो बंद हो जाएंगे या फिर 10-25 लोगों में ही शादी समारोह हो जाएंगे। -श्यामलाल मूलचंदानी, कार्यवाहक अध्यक्ष, कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
कॉमर्शियल सिलिडंरों पर रोक हल नहीं है। इससे कालाबाजारी बढ़ेगी। अभी तक लोग स्टाॅक नहीं करते थे। वह करने लगेंगे। आधुनिक किचन में कोयले की भट्ठी कैसे जला पाएंगे। खाद्य उत्पादों के अलावा सहालग में 25 प्रतिशत तक दाम आगे बढ़ जाएंगे। -राजकुमार भगतानी, महामंत्री, कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
