Kanpur: रसोई में महंगाई की भारी मार, 51 रुपये किलो हुई चीनी, आटा-चावल और तेल के भी बढ़े दाम, पढ़ें पूरी डिटेल
Kanpur News: कानपुर में उत्पादन में कमी, कम बारिश और त्योहारी मांग के चलते आटा, तेल, चीनी और चावल के दाम अचानक बढ़ गए हैं। चीनी की कीमतें बढ़कर 50-51 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं, जिससे रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
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कानपुर में आटा, तेल, चीनी और चावल के दाम अचानक बढ़ गए हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। उत्पादन में कमी, कम बारिश और त्योहारी मांग के चलते शक्कर 50-51 रुपये किलो हो गई है। पहले यह 48 रुपये किलो थी। इसी तरह आटा और सरसों का तेल दो से तीन रुपये किलो महंगा हो गया है। जानकारों का कहना है कि शक्कर के दाम चार दिन में बढ़े हैं।
शक्कर के बढ़ते दाम काबू में रखने के लिए सरकार ने चीनी के निर्यात में रोक के साथ स्टॉक लिमिट भी लागू कर दी है। किराना व्यापारी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि त्योहार आने वाले हैं। माल भाड़ा पहले ही महंगा हो चुका है। पैकिंग के दाम में हर दिन बढ़ोतरी हो रही है। देश में गन्ना उत्पादन में कमी, कम बारिश के चलते शक्कर की फुटकर कीमतें बढ़कर 48 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।
कीमतों में बनी रह सकती है तेजी
कुछ जगह 51 रुपये किलो शक्कर बिक रही है। नए चीनी सीजन की शुरुआत तक कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। किराना व्यापारी रितेश द्विवेदी ने बताया कि फुटकर में आटा 30 रुपये किलो से बढ़कर 32-33 रुपये किलो पहुंच गया है। सरसों का तेल 182 रुपये किलो था, अब 185 रुपये किलो हो गया है। चावल 50 रुपये किलो था वह अब 56-57 रुपये किलो हो गया है।
बरसात के चलते भी आपूर्ति प्रभावित
60 रुपये किलो वाला चावल 67 रुपये किलो पहुंच गया है। कानपुर गल्ला अढ़तिया संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय बाजपेई ने बताया कि गेहूं के दाम बढ़ गए हैं। गेहूं का भाव प्रति क्विंटल 2600-2670 रुपये हो गया है। पहले भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल था। आटा मिलों में गेहूं की मांग बढ़ रही है। आगे त्योहार हैं। ऐसे में मैदा आदि की मांग है। इस लिए मिल संचालक तेजी से गेहूं की खरीद कर रहे हैं। बरसात के चलते भी आपूर्ति प्रभावित हो गई है। इसका असर भी भावों पर दिख रहा है।
चीनी स्टॉक लिमिट का भी असर
शक्कर की कीमतों को काबू में रखने के लिए स्टॉक लिमिट लागू की गई है। सरकार के आदेश के मुताबिक अब कोई भी शक्कर डीलर किसी भी स्टॉक को 30 दिन से ज्यादा समय तक अपने पास नहीं रख सकेगा। साथ ही अब एक समय पर किसी भी जगह 4,000 क्विंटल से ज्यादा शक्कर का स्टॉक रखने की भी अनुमति नहीं है। तय सीमा से ज्यादा स्टॉक जमा करने पर कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश एक अगस्त 2026 से लागू हो गया है और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।