UP: ‘जीजा पढ़ाई में खूब कमा रहे हो...', मलमास के पुआ देने आए साले ने ही लुटवा दिया घर, ऐसे खुला कानपुर लूटकांड
Kanpur Shyam Nagar Robbery Case: श्यामनगर में शिक्षक शरद चंद्र के घर हुई लूट के मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और रिश्ते के साले प्रशांत उर्फ मोनू समेत पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। जेल में रची गई इस साजिश में बदमाशों ने लूट के बाद बाइक छोड़कर लोडर और ऑटो का इस्तेमाल किया था, जिससे पुलिस गच्चा खाती रही।
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विस्तार
कानपुर मे शिक्षक के घर हुई लूट के बाद पुलिस बाइक सवार बदमाशों की तलाश में फुटेज खंगाल रही थी। इसी बीच एक फुटेज में रिश्ते का साला मोनू अपने साथियों के साथ लोडर में नजर आया। पुलिस की शक
की सुई उस पर घूम गई। वह वारदात वाले दिन शिक्षक के घर पर था।
उन्होंने सबसे पहले प्रशांत उर्फ मोनू को पकड़ा। इसके बाद बाकी के बदमाशों के नाम सामने आते चले गए। मोनू ने पुलिस ने बताया कि वारदात को कमल, रफीक और शफीक ने अंजाम दिया था, जबकि विजय और वह खुद शिक्षक के मकान से कुछ दूरी पर ऑटो में बैठकर साथियों का इंतजार कर रहे थे।
दो ऑटो और तीन लोडर की मदद से बाहर निकले
वारदात के बाद घर से बाहर निकले तीनों बदमाशों ने चोरी की अपाचे बाइक को बीच रास्ते में कहीं छोड़ा और पांचों में से दो ऑटो और तीन कमल के लोडर की मदद से श्यामनगर से बाहर निकल गए। वहीं पुलिस बाइक की तलाश करती रही।
जीजा शरद का दिखा दिया था घर
अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा के मुताबिक पांचों पर पूर्व में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रशांत की मुलाकात दो वर्ष पूर्व रफीक से जेल में हुई थी। उसके ऊपर कई आपराधिक मामले हैं। कुछ दिन पहले जेल से छूटे रफीक ने प्रशांत से कोई टारगेट पूछा, तो उसने अपने ही जीजा शरद का घर दिखा दिया।
बोला था... जीजा पढ़ाई में कर रहे हो कमाई
शरद ने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व प्रशांत उर्फ मोनू उनके घर मलमास के पुआ देने आया था। उस दिन पत्नी रचना ने काफी गहने पहन रखे थे। बस वहीं से मोनू की नीयत खराब हो गई और उसने उन्हीं के घर पर लूट की साजिश रच डाली।
क्या पता था- घर साफ करने की सोच लेगा
शिक्षक अपने स्वर्ण जयंती विहार स्थित नए मकान के मुताबिक इससे पहले भी जब उन्होंने शामिल था। उस दिन वह मजाक में बोला में पूजन कराया था, तब भी प्रशांत उसमें भी था कि जीजा पढ़ाई में कमाई कर रहे हो। क्या पता था कि एक दिन वह उन्हीं का घर साफ करने की सोच लेगा।
पुलिस के सामने घूमता रहा शातिर
मोनू पुलिस को गुमराह करने के लिए सोमवार को घटनास्थल पर भी पहुंचा था। वह देर शाम तक अपने जीजा शरद के घर पर ही मौजूद था। इससे किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों के आगे पीछे लगा हुआ था।
खुद ही पूरी सच्चाई कबूल देगा
मोनू ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद साथी रफीक, शफीक, विजय और कमल ने उसको लूटी गई सारी आर्टिफिशियल ज्वैलरी होने की बात कही थी। इस पर मोनू ने साथियों को धमकी दी थी कि वह पुलिस के पास जाकर खुद ही पूरी सच्चाई कबूल देगा।
राहत मिली तकलीफ के साथ
शरद ने पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि लुटेरे पकड़े गए इससे उन्हें राहत तो हुई है, लेकिन इस बात की तकलीफ भी है कि अपने ही रिश्तेदार ने उन्हें बर्बाद करने की योजना बनाई थी वारदात के वक्त उनकी पत्नी और बेटे की जान पर भी बन सकती थी। फिलहाल आज जमाना किसी पर विश्वास करने का नहीं है।
पांचों हैं शातिर अपराधी, दो हिस्ट्रीशीटर
आरोपी प्रशांत उर्फ मोनू पर कुल 14 मामले दर्ज हैं। उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुल चुकी है। उसके पास से मोबाइल और दो हजार रुपये मिले हैं। रफीक जूही थाने का हिस्ट्रीशीटर है। शफीक, कमल और विजय के खिलाफ भी कानपुर और उन्नाव के थानों में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार रचना का गायब मोबाइल भी खुलासे की प्रमुख वजह बना है।
दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार
श्यामनगर में शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी के घर हुई लूट के दो आरोपी बुधवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हो गए। दोनों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। मुठभेड़ से पूर्व पुलिस ने मास्टर माइंड शरद के साले प्रशांत उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। मोनू की रेकी पर ही उसके साथ चार और बदमाशों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने साथी लुटेरों की तलाश शुरू की
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि बुधवार दोपहर पुलिस ने सबसे पहले शरद के रिश्ते का साला (चचेरे भाई का साला) प्रशांत उर्फ मोनू को पकड़ा। उसने स्वीकारा की चार और साथियों के साथ मिलकर लूट के लिए न सिर्फ जीजा के घर की रेकी की बल्कि पूरी योजना भी तैयार की थी। मोनू से मिली जानकारी पर पुलिस ने साथी लुटेरों की तलाश शुरू की।
दो तमंचे भी बरामद किए
अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे के आसपास सनिगवां में सटीक सूचना पर वारदात में शामिल उन्नाव निवासी शफीक अहमद और शिवकटरा के कमल की घेराबंदी की गई। दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैरों में गोली लगी और वे गिर पड़े। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। लुटेरों के पास से दो तमंचे भी बरामद किए गए हैं।