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कुशाग्र हत्याकांड: 'नजीर बनेगा फैसला...कॉपी जरूर पढ़िएगा, बहुत कुछ सीखने को मिलेगा', कोर्ट ने कही ये बात

अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 21 Jan 2026 01:38 PM IST
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सार

कानपुर में ढाई साल पहले हाईस्कूल के छात्र कुशाग्र की अपहरण कर हत्या के मामले में अपर जिला जज 11 सुभाष सिंह ने मंगलवार को उसकी पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके कथित प्रेमी प्रभात शुक्ला और साथी शिवा गुप्ता को दोषी करार दिया है। तीनों को सजा गुरुवार को सुनाई जाएगी।

Kanpur Kushagra murder case This verdict will set a precedent You must read copy court said
Kanpur Kushagra murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कानपुर के कुशाग्र हत्याकांड का फैसला सुनने के लिए बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे। कोर्ट ने कहा कि यह फैसला नजीर बनेगा। अपर जिला जज सुभाष सिंह ने युवा अधिवक्ताओं की भीड़ को देखकर कहा कि फैसले की प्रति को जरूर पढ़िएगा, इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। 
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सुबह जब कोर्ट बैठी तो न्यायाधीश ने फैसला सुनाने के लिए दो बजे का समय निर्धारित कर दिया। भोजनावकाश के बाद न्यायाधीश लगभग ढाई बजे दोबारा कोर्ट रूम में आए। इस दौरान अधिवक्ताओं का हुजूम कोर्ट रूम में मौजूद था। भारी सुरक्षा में रचिता, प्रभात और शिवा को कोर्ट रूम में लाया गया। 
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लगभग तीन बजे कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए तीनों को अपहरण और हत्या का दोषी करार दे दिया। दोषी करार दिए जाने के बाद तीनों को भारी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।

प्रभात को बुलवाने के लिए रचिता से ही कराया फोन
कुशाग्र की मां सोनिया ने जब रचिता को फोन कर स्कूटी के बारे में पूछा तो उसने बताया था कि वह स्कूटी घर में खड़ी है लेकिन जब कुशाग्र के परिजन रचिता के घर पहुंचे तो स्कूटी वहां नहीं थी। बताया कि प्रभात ले गया है फिर रचिता को लेकर सभी लोग प्रभात के घर पहुंचे तो वह नहीं मिला।

रचिता से प्रभात को फोन करवाया तो वह रचिता की स्कूटी लेकर आ गया। स्कूटी के नंबर में एफ को ई बनाने की कोशिश की गई थी। स्कूटी देखकर शक यकीन में बदल गया कि इन लोगों ने ही कुशाग्र का अपहरण किया है। पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो प्रभात के घर पर कोठरी से कुशाग्र का शव बरामद हो गया था।

जिसका सहारा बनी, उसी ने छीन लिया मेरा सहारा
कुशाग्र की मां ने बताया कि किसी के बताने पर रचिता को कुशाग्र को पढ़ाने के लिए रखा था। रचिता की मां की मौत हो चुकी थी लेकिन पिता की मौत वर्ष 2022 में हुई थी। जानकारी मिलने पर मैं खुद रचिता के घर खाना लेकर गई थी, उसे मदद के तौर पर 10 हजार रुपये भी दिए थे। मुझे क्या मालूम था कि मैं जिसका सहारा बनने की कोशिश कर रही हूं वही एक दिन मुझसे मेरा सहारा बनने वाला बेटा छीन लेगी।

 

कोचिंग आने-जाने का पूछ लिया था समय
कुशाग्र की मां सोनिया ने कोर्ट में बताया था कि 13 अक्तूबर 2021 को कुशाग्र के जन्मदिन पर पहली बार रचिता प्रभात को साथ लेकर आई थी और उसे अपना बाॅयफ्रेंड बताया था। इसके बाद बेटी के जन्म की पार्टी में भी प्रभात और रचिता साथ आए थे। घटना के 15 दिन पहले भी दोनों साथ घर आए थे और मेरे सामने ही बातों-बातों में कुशाग्र से पूछताछ कर रहे थे कि वह कब, किस समय और किस रास्ते से कोचिंग आता-जाता है। कुशाग्र ने नादानी में उन्हें सारी जानकारी भी दे दी थी।

 

पिता बोले, मैं रो दिया तो सोनिया को कौन संभालेगा
एक बाप की डबडबाती आंखों को देखकर महसूस किया जा सकता है कि 16 साल के बेटे को खोने का दर्द क्या होता है। कोर्ट का फैसला सुनने कुशाग्र की मां सोनिया को साथ लेकर उसके पिता मनीष कनोडिया भी सूरत से आए। दिल में दर्द छिपाए, आंसुओं को रोकने की कोशिश करते रहे ताकि सोनिया कमजोर न पड़ जाए। बोले अगर मैं रो दिया तो सोनिया को कौन संभालेगा। हालांकि लाख कोशिशों के बावजूद उनकी आखों में नमी साफ झलक रही थी। कुशाग्र की हत्या भी मंगलवार को हुई और फैसला भी मंगलवार को ही आया।

अभियोजन ने पेश किए थे 14 गवाह
एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि मुकदमे में अभियोजन की ओर से 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। कुशाग्र के बाबा संजय कनोडिया, मां सोनिया व चाचा सुमित कनोडिया, चौकीदार राजेंद्र, एफआईआर लेखक, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अवधेश कुमार ओमर, शव को पोस्टमार्टम ले जाने वाले सिपाही अनुराग सिरोही, पंचायतनामा भरने वाले एसआई लोकेंद्र, घटनास्थल से सबूत इकट्ठा करने वाले विधि विज्ञान प्रयोगशाला की फील्ड यूनिट के सिपाही देवेश यादव, एफएसएल के वैज्ञानिक प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, विवेचना करने वाले अखिलेश कुमार पाल, चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने वाली अंकिता वर्मा और कॉल डिटेल रिपोर्ट साबित करने वाले मोबाइल कंपनी एयरटेल के नोडल अफसर कौशलेंद्र व जियो के नोडल अफसर रवि श्रीवास्तव की गवाही कराई गई।
 

कुशाग्र की हत्या में पूर्व ट्यूशन टीचर समेत तीन दोषी करार
कानपुर में ढाई साल पहले हाईस्कूल के छात्र कुशाग्र की अपहरण कर हत्या के मामले में अपर जिला जज 11 सुभाष सिंह ने मंगलवार को उसकी पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके कथित प्रेमी प्रभात शुक्ला और साथी शिवा गुप्ता को दोषी करार दिया है। तीनों को सजा गुरुवार को सुनाई जाएगी।

 

रायपुरवा थानान्तर्गत आचार्यनगर स्थित भगवती विला अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर चार निवासी मनीष व सोनिया कनोडिया का बेटा कुशाग्र कैंट स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल का कक्षा दस का छात्र था। 30 अक्तूबर 2023 की शाम कुशाग्र कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकला लेकिन वापस नहीं लौटा। 
 

परिजन ढूंढने निकले तो अपार्टमेंट के चौकीदार ने बताया कि कुछ देर पहले एक लड़का कुशाग्र की पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स की स्कूटी से एक लिफाफा लेकर आया था जिसे मनीष के घर भेजा था जब सोनिया की मां ने दरवाजे पर जाकर देखा तो लिफाफे में फिरौती का पत्र था।
 

कुशाग्र का अपहरण करने और 30 लाख रुपये फिरौती मांगने की बात लिखी थी। कुशाग्र की मां ने सूरत में रहने वाले अपने पति मनीष, लखनऊ में रहने वाले देवर सुमित व शहर में ही रहने वाले चचिया ससुर संजय कनोडिया को इसकी सूचना दी। संजय ने रायपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। चौकीदार के बयान के आधार पर पुलिस और परिजन स्कूटी की तलाश में रचिता के घर पहुंचे फिर रचिता के जरिये उसके कथित प्रेमी प्रभात शुक्ला और फिरौती का पत्र लेकर जाने वाले शिवा गुप्ता तक पहुंच गए। पूछताछ के बाद प्रभात के घर से कुशाग्र का शव बरामद किया।
 

रस्सी से गला घोंटकर कुशाग्र की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने रचिता, प्रभात और शिवा तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि अभियोजन की ओर से कुशाग्र के बाबा, मां, चाचा व चौकीदार समेत 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को अपहरण व हत्या का दोषी करार दे दिया है।
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