पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur News Mortuary Under Scanner Families Allegedly Charged for Every Post-Mortem Service

यूपी में दुख नहीं दरें तय: पोस्टमार्टम से श्मशान तक इंसानियत का सौदा; किट और शव वाहन के नाम पर रोजाना वसूली

Mon, 29 Jun 2026 11:06 AM IST
Sharukh Khan गौरव श्रीवास्तव, अमर उजाला, कानपुर
गौरव श्रीवास्तव, अमर उजाला, कानपुर Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 29 Jun 2026 11:06 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पोस्टमार्टम से श्मशान तक इंसानियत का सौदा किया जा रहा है। फोटो-वीडियोग्राफी, किट, शव वाहन और जल्दी पोस्टमार्टम के नाम पर रोजाना हजारों की वसूली की जा रही है। जिम्मेदारों की खामोशी सवालों के घेरे में है। निजी कर्मचारियों का दुस्साहस बढ़ गया है। 

विज्ञापन
Kanpur News Mortuary Under Scanner Families Allegedly Charged for Every Post-Mortem Service
Kanpur News Mortuary - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कानपुर में पोस्टमार्टम हाउस में अपनों को खोने का दर्द लेकर पहुंचने वाले परिजनों की आंखों से बहते आंसू और चेहरों पर पसरी बेबसी खुलेआम लूट मचाए निजी कर्मचारियों को दिखाई नहीं देती। यहां संवेदनाएं नहीं सिर्फ रुपया बोलता है। शव को मोर्चरी से उतारने, पोस्टमार्टम कराने, विसरा सुरक्षित रखने, फोटो-वीडियोग्राफी, रिपोर्ट दिलाने और अंतिम संस्कार के लिए शव वाहन उपलब्ध कराने तक हर कदम की दरें तय हैं। 
विज्ञापन


शोक में डूबे परिवारों की विवशता को कमाई का जरिया बना लिया गया है। यदि जिम्मेदार इससे अनजान हैं तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल है और यदि जानकारी के बावजूद खामोश हैं तो उनकी चुप्पी ही इस कथित मुनाफाखोरी की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। कुल मिलाकर पोस्टमार्टम हाउस से लेकर श्मशान तक हर कदम पर रोजाना इंसानियत की सौदेबाजी की जा रही है।
विज्ञापन

 

जाओ... बाहर से किट लेकर आओ
महिला हो या पुरुष पोस्टमार्टम होने के बाद वहां के कर्मचारी संबंधित थाने के पुलिसकर्मियों को बुलाकर परिजन से विसरा रखने के लिए वॉयल, रिपोर्ट पैक करने के लिए पीले रंग का बड़ा लिफाफा, कॉटन, स्प्रै, जैली, कीट नाशक, परफ्यूम, पॉलिथीन मंगवाते हैं। पीड़ित की जेब में डाका डालकर ऊंचे दामों में खेल किया जाता है। 

 

इसके साथ ही जब कोई महिला या फिर युवती का संदिग्ध मामला आता है तो उसमें भी पीड़ित परिवार से बाहर से (स्वॉब स्टिक, कंघा, नेलकटर) मंगाया जाता है। खास बात यह है कि इनमें से न इस्तेमाल होने वाला काफी सामान देर शाम फिर से दुकानों पर पहुंचा दिया जाता है और कमाई का बंदरबांट हो जाता है।
विज्ञापन

केस-1
बाबूपुरवा थाना क्षेत्र में 20 जून को ट्रैक्टर ट्राॅली की टक्कर से जान गंवाने वाले शिवा राजपूत की मौत के बाद दूसरे दिन पोस्टमार्टम हाउस में परिजन ने पोस्टमार्टम कर्मियों पर वसूली का आरोप लगाकर हंगामा किया। शिवा के ममेरे भाई मंगल का आरोप था कि मोर्चरी से पोस्टमार्टम हाउस तक शव लाने के 200 रुपये ले लिए। वहां से प्लेटफार्म पर रखवाने और फिर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव बाहर निकालकर रखने के 500 रुपये मांगे जा रहे थे। इस पर परिजन ने जमकर खरीखोटी सुनाई थी।

 

केस-2
गोविंदनगर थाना क्षेत्र में दादानगर रेलवे क्रॉसिंग के पास 13 जून को पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर निवासी बच्चूदास की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई थी। पुलिस शव को पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंची। वहां पत्नी रीतादास ने आरोप लगाया कि रुपये लेकर बाद में आए शवों का पहले पोस्टमार्टम किया गया और उन्हें पांच घंटे इंतजार कराया गया। बाद में भैरव घाट तक शव ले जाकर मशीन से अंतिम संस्कार करने के नाम पर पांच हजार रुपये वसूल लिए गए। इस घटना से क्षुब्ध होकर उन्होंने कभी भी कानपुर न लौटकर आने की बात कही थी।
 

प्रति शव पर इस तरह वसूली
  • मोर्चरी से पोस्टमार्टम तक शव वाहन से एक शव पहुंचाने का : 200-300 रुपये
  • क्षतविक्षत शव को काले बैग में पैक कराकर सील करने का : 1000-1500 रुपये
  • मजबूरीवश परिवारों के शव के लिए तिखती तैयार करने का : 500-800 रुपये
  • एक्सीडेंट के मामलों में क्लेम के चक्कर में शराब हटवाने को : 1500-2000 रुपये
  • पहले पोस्टमार्टम कराने के चक्कर में सांठगांठ के लिए : 1000-1500 रुपये
  • महिला और पुरुष के शवों की फोटो से रोजाना वसूले जा रहे : 1000-2000 रुपये
  • डिस्पोजल पर्ची खो जाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पाने के लिए : 1000-3000 रुपये

पोस्टमार्टम हाउस में अगर शव लेकर आने वालों से वसूली की जा रही है तो यह बहुत गलत है। किसी भी पीड़ित परिवार से वसूली की जाए तो वह तुरंत सूचना दें। मैं खुद निरीक्षण कर समीक्षा करूंगा। - डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमओ
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed