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Kanpur: सात साल में छह गुना बढ़ा ऑनलाइन कारोबार, 30-35% लोग घर बैठे खरीद रहे सामान, कैट की रिपोर्ट का खुलासा

अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 24 Jun 2026 11:25 AM IST
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सार

Kanpur News: कानपुर में ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है, जिससे ई-कॉमर्स का कारोबार सात वर्षों में छह गुना होकर 21 हजार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इस बदलाव से पारंपरिक व्यापारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है, जिसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से दखल की मांग की है।

Kanpur Online business grown sixfold in seven years with 30 35% of people shopping from their homes
सांकेतिक - फोटो : amar ujala
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विस्तार

कानपुर शहरवासी शोरूम जाने के बजाय घर बैठे मोबाइल, टीवी, फ्रिज, मंगा रहे हैं। सबसे अधिक इलेक्ट्रानिक्स के आइटम का ऑर्डर किया जा रहा है। उसके बाद फैशन और किचन का सामान मंगाया जा रहा है। कानपुर में बीते सात साल में ऑनलाइन कारोबार छह गुना तक बढ़ गया है। 2020 में ऑनलाइन कारोबार 3,500 हजार करोड़ था। 2026 में 21 हजार करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है। यह दावा कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन (कैट) की रिपोर्ट में हुआ है।


रिपोर्ट में बताया गया है कि 30-35 प्रतिशत इलेक्ट्रानिक्स और होम अप्लायंस उत्पाद ऑनलाइन खरीदे जा रहे हैं। इस श्रेणी में ही सबसे ज्यादा कारोबार हो रहा है। 20-25 प्रतिशत फैशन और लाइफ स्टाइल उत्पादों की बिक्री है। 15-20 प्रतिशत ऑनलाइन किचन उत्पाद बिक रहे हैं। इस श्रेणी में आगे और तेजी का अनुमान है। यह बढ़कर 23-25 प्रतिशत पहुंच सकती है। रिपोर्ट के अनुसार छह से सात प्रतिशत सौंदर्य और पर्सनल केयर का ऑनलाइन बाजार हो गया है। पांच से सात प्रतिशत ऑनलाइन फर्नीचर की खरीदारी की जा रही है। ट्रैवल और टिकटिंग सर्विस की दर 10-15 प्रतिशत ऑनलाइन हो गई है।

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को भेजा पत्र
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव पंकज अरोड़ा ने बताया कि ई-कॉमर्स का कारोबार कानपुर समेत देश भर में तेजी से बढ़ रहा है। 2020 से 2026 के बीच इसमें छह गुना की तेजी आ गई है। इससे पारंपरिक व्यापार प्रभावित हो रहा है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को पत्र भेजा गया है। इसमें पारंपरिक व्यापार और ऑनलाइन के बीच संतुलन स्थापना पर जोर दिया गया है। कोरोना काल में ऑनलाइन बाजार का चलन हुआ और यह बढ़ता चला गया।





30 करोड़ प्रतिदिन का है एफएमसीजी

नयागंज मर्चेंट एसोसिएशन के महामंत्री रोशन लाल ने बताया कि शहर में प्रतिदिन एफएमसीजी और किराना का बाजार करीब 25-30 करोड़ का है। नयागंज में किराना का थोक बाजार है। हर मोहल्ले में किराना की रिटेल दुकानें हैं। इलेक्ट्रानिक्स उत्पादाें का बाजार प्रतिदिन पांच करोड़ है। कपड़ा थोक और रिटेल का कारोबार 150 करोड़ है। सब्जी का व्यापार पांच से छह करोड़ का है। फल का 12-15 करोड़ का व्यापार है। फर्नीचर का बाजार पांच करोड़ का है। सौंदर्य उत्पादों का तीन से चार करोड़ का प्रतिदिन का कारोबार है।

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पारंपरिक कारोबार की टूट रही कमर
ऑनलाइन बाजार बढ़ने से रिटेल बाजारों में लगातार ग्राहकों की कमी हो रही है। ग्राहकों के बाजार में न आने से नकदी का संकट हो गया है। कारोबारियों का तर्क है कि जब ग्राहक घर पर ही अपनी जरूरत का सामान मंगा लेंगे तो वह बाजार नहीं जाएंगे। बाजार आने पर अन्य उत्पाद खरीदेंगे। यह पूरी चेन है। जो ऑनलाइन के कारण गड़बड़ा रही है।

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