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Kanpur: 450 बैंक खातों में 250 करोड़ जमा कराने वाले छह साइबर ठग गिरफ्तार, युवाओं को दे रहे थे ठगी का प्रशिक्षण

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 15 Jun 2026 09:39 PM IST
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सार

Kanpur News: एक माह में 25 बैंक खातों में 15 करोड़ जमा कराए थे। ग्रामीणों से खाते खुलवाकर उन्हें पांच से 10 हजार रुपये देते थे। बैंकों को भी नोटिस जारी होगा।

Kanpur: Six cyber fraudsters arrested for depositing ₹250 crore into 450 bank accounts
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

साइबर सेल और शिवराजपुर पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के छह शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्रामीणों को जन धन खाते का लालच देकर बैंकों में उनके खाते खुलवाते थे। ठगी की रकम उसमें जमा कराते। बाद में रकम को क्रिप्टो करंसी में बदल कर बांट लेते थे। एक माह में इन लोगों ने 25 खातों में करीब 15 करोड़ की धनराशि जमा कराई थी जबकि तीन साल में 450 से अधिक बैंक खाते खुलवाए। इनमें 250 करोड़ से अधिक की रकम जमा कराई।




डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि एनसीआरबी पोर्टल पर शिकायतों के आधार पर आरोपियों की सूचना मिली थी। इसके बाद सोमवार को शिवराजपुर के दरियानिवादा निवासी अशरफ खान, कमल, कुकरी के भीमरतन, राजदीप के अलावा ठठिया कन्नौज निवासी राजन कटियार व अरौल के सूरज को ग्राम बहरमापुर के पास से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 12 डेबिट कार्ड, दो चेकबुक, 10 पासबुक, पांच मोबाइल व टैबलेट मिले हैं। डीसीपी के अनुसार ठगी की रकम को क्रिप्टो करंसी में निवेश कर टेलीग्राम ग्रुप के जरिये पर्सन टू पर्सन ट्रेडिंग से बैंक खातों में भेजने का काम करते थे।

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10 करोड़ की सबसे अधिक रकम महिला सुधांशी के नाम मिली है जिनका खाता जनसेवा केंद्र के नाम संचालित था। पकड़े गए आरोपियों में अशरफ हाईस्कूल पास है। सभी आरोपी करीब तीन साल से खाते खुलवाने का काम कर रहे थे। आरोपियों में सूरज और राजन कटियार दूसरे युवाओं को ठगी करने और खाते खुलवाने का प्रशिक्षण भी देते थे। पोर्टल पर यूपी के अलावा अलग-अलग राज्यों से कुल 27 शिकायतें एक माह के भीतर आरोपियों के खिलाफ की गई थीं।

 

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि अधिकतर खाते बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बड़ौदा के अलावा एसबीआई और पीएनबी में खोले गए। बिना केवाईसी के खाते खुलवाने के लिए इनके शाखा प्रबंधकों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। गिरोह का नेटवर्क यूपी के अलावा देश के आठ-दस राज्यों में फैला है।
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