UP: किशोर का फंदे पर लटका मिला शव, किशोरी ने भी दी जान, परिवारों ने बिना बताए किया अंतिम संस्कार, पढ़ें मामला
Kanpur News: भीतरगांव इलाके में एक गांव में किशोर का शव खेतों में खंभे पर फंदे से लटका मिला। इस सदमे और वियोग को न सह पाने के कारण पड़ोस की किशोरी ने भी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के परिवारों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही रिंद नदी के किनारे दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
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कानपुर में भीतरगांव इलाके के गांव में शनिवार सुबह 17 वर्षीय किशोर का शव खेतों में हाईटेंशन लाइन के खंभे पर फंदे से लटकता मिला। इस वियोग को न सह पाने के कारण कुछ ही देर बाद पड़ोस की रहने वाली किशोरी ने भी घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। दोनों के बीच गहरी नजदीकियां होने की चर्चा है।
जानकारी के मुताबिक एक सोशल मीडिया में तस्वीर शेयर कर देने के बाद किशोरी की परिजन ने किशोर के भजनों से शिकायत की थी उसके बाद किशोर को डांट पड़ी। दोनों परिवारों ने बिना पुलिस को सूचना दिए रिंद नदी किनारे अलग अलग जगहों में चिता लगाकर अंतिम संस्कार कर दिया।
लोहे के खंभे पर लटका मिला शव
गोलू भुर्जी (17) शुक्रवार शाम चारा काटने के लिए कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश कर ही रहे थे कि शनिवार सुबह उसका शव गांव के खेतों के बीच हाईटेंशन लाइन के लोहे के खंभे पर रस्सी के फंदे पर लटका मिला, तो परिजनों में कोहराम मच गया।
शव देखकर किशोरी गहरे सदमे में आ गई
शव फंदे से उतारकर घर ले आए। खबर फैलते ही मृतक के घर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। फिर, शव को रिंद नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जब किशोर का शव घर पर रखा था, तो भीड़ के साथ पङोस की रहने वाली किशोरी (15) भी वहां पहुंची थी। शव देखकर किशोरी गहरे सदमे में आ गई।
बेटी को फंदे पर झूलता देखा
वह अपने घर वापस पहुंची और फंदा लगाकर लटक गई। कुछ देर बाद जब किशोरी की मां और परिजन घर लौटे, तो बेटी को फंदे पर झूलता देखा नीचे उतारा। इस परिवार ने भी बिना पुलिस को किसी प्रकार की भनक लगे, रिंद नदी किनारे चिता लगाकर अंतिम संस्कार कर दिया। गांव में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर रहीं।
गांव में पुलिस चौकी, बेखबर रही खाकी
पुलिस के हाईटेक होने के तमाम दावों और चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के प्रशासनिक वादों के बीच इस घटना ने पोल खोल दी है। घटनास्थल और नदी किनारे दिनदहाड़े दो-दो अंतिम संस्कार होने की भनक स्थानीय पुलिस चौकी को नहीं लग सकी। पुलिस चौकी के ठीक पीछे बसे इस गांव में दिनभर सनसनीखेज घटनाओं की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन खाकी का मुखबिर तंत्र पूरी तरह विफल नजर आया।
किसी भी प्रकार की लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई
दरोगा अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि मौखिक रूप से बात सुनने में जरूर आई थी, लेकिन कोई लिखित सूचना नहीं मिली। वहीं, साढ़ प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा ने भी स्पष्ट किया कि थाने या डायल 112 पुलिस के पास किसी भी प्रकार की लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई है।