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कारगिल विजय दिवस: जवानों का हौसला बढ़ाने पहुंचे पूर्व पीएम अटल बिहारी के पास गिरा था पाकिस्तानी गोला
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 26 Jul 2019 02:41 AM IST
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कारगिल युद्ध के दौरान मिला पदक दिखाते कामता प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
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20 वर्ष पूर्व पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब देने वाले राठ क्षेत्र के जखेड़ी गांव निवासी कामता प्रसाद रिटायरमेंट के बाद युवाओं में शारीरिक दक्षता बढ़ाने के लिए जागरूकता फैला रहे हैं। वे अब सरीला में बिजली विभाग में एसएचओ के पद पर हैं। युवा मिलते हैं तो अच्छा और बहादुर नागरिक बनने की सीख देते हैं।
जरूरतमंद की मदद के लिए भी हमेशा तत्पर रहते हैं। कामता प्रसाद ने आंखों देखी घटना बताई कि सैनिकों का हौसला बढ़ाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी कारगिल पहुंचे थे। जैसे ही पीएम हेलीकाप्टर से उतरे, कुछ ही दूरी पर पाकिस्तानी गोला आ गिरा।
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जरूरतमंद की मदद के लिए भी हमेशा तत्पर रहते हैं। कामता प्रसाद ने आंखों देखी घटना बताई कि सैनिकों का हौसला बढ़ाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी कारगिल पहुंचे थे। जैसे ही पीएम हेलीकाप्टर से उतरे, कुछ ही दूरी पर पाकिस्तानी गोला आ गिरा।
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कारगिल युद्ध की समाप्ति के बाद विजय मेडल से किया गया था सम्मानित
सुरक्षा की द़ृष्टि से तत्काल फौज ने उन्हें अपनी हिफाजत में लेते हुए हेलीकाप्टर में बैठाया। सभी ने इस घटना का मुंह तोड़ जवाब दिया था। कामता बताते हैं कि वर्ष 1999 में सेना की 108 इंजीनियरिंग रेजीमेंट में सिपाही के तौर पर नौकरी ज्वाइन की।
तभी कारगिल पर हमला हो गया। इनकी रेजिमेंट 4 मई को कारगिल के लिए रवाना की गई। 26 जुलाई को आपरेशन विजय सफल होने के बाद नवंबर तक कारगिल में रहे। युद्ध के दौरान माइनस 30 डिग्री तापमान भी फौजियों का हौसला डिगा नहीं पाया था।
उन्हें कारगिल युद्ध की समाप्ति के बाद विजय मेडल मिला। वे परिवार की स्थिति से खुश हैं। बेटा प्रमोद पालीटेक्निक करने के बाद इजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है। दो में से एक बेटी हेमलता की शादी हो गई। छोटी बेटी निधि कानपुर से बीएससी कर रही है।
तभी कारगिल पर हमला हो गया। इनकी रेजिमेंट 4 मई को कारगिल के लिए रवाना की गई। 26 जुलाई को आपरेशन विजय सफल होने के बाद नवंबर तक कारगिल में रहे। युद्ध के दौरान माइनस 30 डिग्री तापमान भी फौजियों का हौसला डिगा नहीं पाया था।
उन्हें कारगिल युद्ध की समाप्ति के बाद विजय मेडल मिला। वे परिवार की स्थिति से खुश हैं। बेटा प्रमोद पालीटेक्निक करने के बाद इजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है। दो में से एक बेटी हेमलता की शादी हो गई। छोटी बेटी निधि कानपुर से बीएससी कर रही है।