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Mahoba: दो पेज का सुसाइड नोट लिख किसान ने फंदा लगाकर दी जान, बहू पर लगाए गंभीर आरोप
Tue, 28 Jul 2026 11:40 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:40 PM IST
सार
किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की भी बात लिखी है।
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रामप्रकाश श्रीवास की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोतवाली चरखारी के अक्ठौंहा गांव में सोमवार की रात किसान ने घर पर फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस को मौके से दो पेज का सुसाइड नोट मिला। जिसमें किसान ने बहू पर प्रताड़ना व मुकदमेबाजी से परेशान होने का आरोप लगाया है। साथ ही मामले की सीबीआई जांच कराने की भी बात लिखी है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
अक्ठौंहा निवासी किसान रामप्रकाश श्रीवास (65) ने रात के समय रस्सी का फंदा लगा लिया। मंगलवार की सुबह जब परिजन जागे तो रामप्रकाश का शव फंदे पर लटकता मिला। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए परिजनों से जानकारी ली। मौके से दो पेज का सुसाइड नोट मिला। मृतक के मंझले बेटे तेज सिंह ने बताया कि उसके बड़े भाई गयाप्रसाद की आश्रम पद्धति विद्यालय में शिक्षक थे। कुछ वर्ष पहले बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। जिसके बाद भाभी खुशबू ने न्यायालय में भरण-पोषण का वाद दायर किया था। इससे पिता मानसिक रूप से परेशान रहते थे। इसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
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अक्ठौंहा निवासी किसान रामप्रकाश श्रीवास (65) ने रात के समय रस्सी का फंदा लगा लिया। मंगलवार की सुबह जब परिजन जागे तो रामप्रकाश का शव फंदे पर लटकता मिला। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए परिजनों से जानकारी ली। मौके से दो पेज का सुसाइड नोट मिला। मृतक के मंझले बेटे तेज सिंह ने बताया कि उसके बड़े भाई गयाप्रसाद की आश्रम पद्धति विद्यालय में शिक्षक थे। कुछ वर्ष पहले बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। जिसके बाद भाभी खुशबू ने न्यायालय में भरण-पोषण का वाद दायर किया था। इससे पिता मानसिक रूप से परेशान रहते थे। इसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
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मौके से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि खुशबू बनाम रामप्रकाश जिंदगीभर का मुकदमा अंतिम फैसला अब होगा। पुलिस से निवेदन है कि खुशबू को अंतिम संस्कार में नहीं आने देना आपकी कृपा होगी। भरण-पोषण का मामला ससुर पर नहीं लगता, पति के ऊपर लगता है। खुशबू आंगनबाड़ी बैंदो में नौकरी करती है। मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और मेंटीनेंस की किस्त रोकी जाए।
परिजनों का आरोप है कि कोर्ट ने रामप्रकाश को 95 हजार रुपये मेंटीनेंस के रूप में देने का आदेश दिया था। रुपये की व्यवस्था न हो पाने पर उसकी एक बीघा जमीन नीलाम हो गई थी। गांव में मुनादी कराए जाने से रामप्रकाश मानसिक तनाव में थे। उधर, कोतवाली प्रभारी बीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सुसाइड नोट बरामद हुआ है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।