‘मौत का सिलबट्टा’: अब तक याद है वो खौफनाक रात, एक हैवान था और तीन लाशें, घर में बिखरा था खून-खून, पढ़ें मामला
Mahoba Triple Murder Case: जनपद की अदालत ने तीन साल पुराने एक नृशंस तिहरे हत्याकांड में दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। देवेंद्र ने शराब के नशे में विवाद के चलते अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों की सिलबट्टे और चारपाई के पाये से कूंचकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। घटना के बाद आरोपी ने खुदकुशी की दो बार कोशिश की थी।
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विस्तार
महोबा जिले में पत्नी और दो बेटियों की सिलबट्टे से कूंचकर हत्या करने वाला देवेंद्र दो बार पहले भी जान देने की कोशिश कर चुका है। अब अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई है। घटना अंजाम देने के बाद आत्मग्लानि में ट्रेन से कटने पहुंचे देवेंद्र को पुलिस ने पकड़ लिया था। इसके बाद अगस्त 2025 में देवेंद्र ने उप कारागार में अंगोछा से फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की थी।
समदनगर निवासी देवेंद्र विश्वकर्मा ने 17 जुलाई 2023 की रात पत्नी रामकुमारी, दो बेटियों आयुषी व सोनाक्षी की सिलबट्टे से कूचकर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी को पछतावा हुआ और वह स्वयं ट्रेन के आगे कूदकर जान देने के लिए महोबा रेलवे स्टेशन के पास पहुंच गया था। मरने के बाद उसकी शिनाख्त हो सके इसके लिए उसने शर्ट पर पेन से अपना नाम लिखा था।
अंगोछा से लगा लिया था फंदा
इसी दौरान पुलिस वहां पहुंच गई थी और देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा था। अगस्त 2025 में देवेंद्र ने उप कारागार महोबा में अंगोछा से फंदा लगा लिया था। हालांकि जेल पुलिसकर्मियों ने उसे समय रहते फंदे से नीचे उतार लिया था। बुधवार को अदालत ने अभियुक्त देवेंद्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
तीनों के सिर की तोड़ दी थीं हड्डियां
शराब के नशे में घर पहुंचे देवेंद्र ने 17 जुलाई 2023 की रात पत्नी व दो बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई थी। देवेंद्र ने न सिर्फ सिल-बट्टे से तीनों के सिर कूचे थे बल्कि चारपाई के पाये से हमला कर सिर की सभी हड्डियां तोड़ दी थीं। घटना वाले दिन जिसने भी यह माजरा देखा उसके रौंगटे खड़े हो गए थे। पत्नी से मामूली विवाद और नशे में देवेंद्र ने अपने हंसते-खेलते पूरे परिवार को पलभर में खत्म कर दिया था।
मृतका का पिता बोला- फांसी की सजा से मिला इंसाफ
जनपद न्यायालय में तिहरे हत्याकांड के मामले में सजा सुनाई गई। इस दौरान आरोपी व मृतका पक्ष का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं रहा। अधिवक्ताओं में इसको लेकर चर्चा होती रही। फोन पर हुई वार्ता में मृतका रामकुमारी के पिता हरिप्रसाद पांचाल ने कहा कि अदालत ने देवेंद्र को फांसी की सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध में यही सजा होनी चाहिए थी। उन्हें इंसाफ मिला है। 12 साल पहले देवेंद्र की शादी रामकुमारी से हुई थी। शुरू में उसका व्यवहार ठीक था लेकिन बाद में वह मारपीट करने लगा था।
प्रभावी पैरवी से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कॉन्विकशन के तहत प्रभावी पैरवी से बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक माह के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। झांसी में निरुद्ध अभियुक्त देवेंद्र विश्वकर्मा की समय से लगातार न्यायालय में पेशी कराई गई और अन्य साक्ष्यों को न्यायालय में समय से दालिख किया गया। न्यायालय ने देवेंद्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
जिले में फांसी की सजा का चौथा मामला
जघन्य अपराध में न्यायालय की ओर से जिले में फांसी की सजा सुनाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार पालीवाल ने बताया कि 15 साल पहले अलग-अलग मामलों में तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। अब तिहरे हत्याकांड में अभियुक्त देवेंद्र विश्वकर्मा को मृत्युदंड की सजा हुई है।
कब-कब क्या हुआ
- 17 जुलाई 2023 की रात घटना हुई।
- 18 जुलाई 2023 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई।
- 24 अगस्त 2023 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए गए।
- एक नवंबर 2023 को न्यायालय ने आरोप तय किए।
- 13 दिसंबर 2023 को साक्ष्य दाखिल किए गए।
- 27 मई 2026 को निर्णय सुरक्षित रखा गया।
- तीन जून 2026 को अदालत ने फैसला सुनाया।
ये था पूरा मामला
महोबा कोर्ट ने सिलबट्टे से कूचकर पत्नी व दो बेटियों की हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई। 50 हजार का जुर्माना भी किया। करीब तीन साल पुराने इस मामले में बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी अपर्णा त्रिपाठी द्वितीय ने फैसला सुनाया कि दोषी देवेंद्र विश्वकर्मा को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।
मामूली बात पर झगड़े के दौरान खोया था आपा
शहर के मोहल्ला समदनगर निवासी देवेंद्र कपड़ों की फेरी लगाता था। शराब का लती होने से उसका पत्नी रामकुमारी से आए दिन विवाद होता था। अभियोजन के मुताबिक 17 जुलाई 2023 को देवेंद्र शराब पीकर घर आया। रोटी मोटी होने और सब्जी में नमक कम होने की बात कहकर पत्नी से झगड़ने लगा। झगड़ा बढ़ने पर सिलबट्टे से पत्नी की हत्या कर दी। सो रहीं दोनों बेटियां आयुषी (9) व सोनाक्षी (6) को भी सिलबट्टे से कूचकर मार डाला और मौके से भाग निकला।
मृतका के पिता, डॉक्टर समेत नौ लोगों ने दी थी गवाही
पुलिस ने अगले दिन उसे गिरफ्तार कर लिया था। मृतका रामकुमारी के पिता हमीरपुर जिले के नौरंगा गांव निवासी हरिप्रसाद पांचाल ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। देवेंद्र के पिता ठाकुरदीन ने भी पुलिस को यही घटनाक्रम बताया था। मामले में मृतका के पिता, डॉक्टर समेत नौ लोगों ने गवाही दी थी।