सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Middle East War Deals a Crushing Blow to Kanpur Investors 10000 Crore Lost  Situation Resembles COVID Era

UP: कानपुर के निवेशकों पर मिडिल ईस्ट वॉर की गाज; डूबे 10,000 करोड़, कोविड जैसे बने हालात, पढ़ें खास रिपोर्ट

अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 17 Mar 2026 10:34 AM IST
विज्ञापन
सार

Kanpur News: युद्ध के संकट से कानपुर के निवेशकों को 10 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। एडवांस-डिक्लाइन रेशियो गिरकर 0.71 पर आ गया है, जो कोविड काल के बाद सबसे निचला स्तर है।

Middle East War Deals a Crushing Blow to Kanpur Investors 10000 Crore Lost  Situation Resembles COVID Era
शेयर मार्केट - फोटो : Agency
विज्ञापन

विस्तार

कानपुर में पश्चिम एशिया संकट ने शहर के निवेशकों को भी तगड़ा झटका दिया है। इसके अलावा चढ़ने और गिरने वाले शेयरों के अनुपात (एडवांस-डिक्लाइन रेशियो) में तेज गिरावट आई है। फरवरी 2026 में यह अनुपात 1.01 प्रतिशत था, जो घटकर 0.71 हो गया है। इसका मतलब है कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में चढ़ने वाले शेयरों की संख्या घटी है और गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या बढ़ी है। इसके पहले कोविड काल के मार्च 2020 का यह अनुपात 0.72 दर्ज किया गया था, जो मौजूदा स्तर से थोड़ा ही अधिक है। इस बीच शहर में लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों ने बाजार से दूरी बना ली है।

Trending Videos

युद्ध के चलते एनएसई कैश सेगमेंट में शहर के औसत कारोबार में भी तेज गिरावट आई है। यह जनवरी-फरवरी के 265 करोड़ से घटकर 200 करोड़ रुपये रोजाना के करीब ही रह गया है। पोर्टफोलियो वैल्यू में भी 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के गिरावट का अनुमान है। वहीं, पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से निफ़्टी-50 में करीब आठ फीसदी की गिरावट आई है। फरवरी के तीसरे सप्ताह में निफ्टी लगभग 25,885 के उच्च स्तर था। सोमवार को यह 23,408.पर बंद हुआ है। कोविड काल में निफ्टी में सबसे तेज गिरावट आई थी जो निफ्टी-50 सूचकांक जनवरी 2020 में 12,430.50 के उच्च स्तर पर था।

विज्ञापन
विज्ञापन

मई में अनुपात 1.21 और जून में 1.09 रहा
वह लॉकडाउन के बाद तेजी से लुढ़का और 24 मार्च 2020 को 7,511.10 के निचले स्तर पर पहुंच गया।  जनवरी के शिखर के मुकाबले यह गिरावट लगभग 39.6 प्रतिशत थी। 23 मार्च 2020 को एक ही दिन में उसमें 13 प्रतिशत की गिरावट आई थी। यह गिरावट इतनी तेज थी कि डाउन सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ गया था। बीएसई में पर चढ़ने वाले और गिरने वाले शेयरों का अनुपात इस समय साल के सबसे निचले स्तर (0.71) पर है। एक साल पहले अप्रैल 2025 में यह अनुपात 1.26 था। अप्रैल 2025 में 2509 शेयर चढ़े थे, जबकि 1996 शेयरों में गिरावट आई थी। इसके बाद मई में यह अनुपात 1.21 और जून में 1.09 रहा।

अनुपात गिरकर 0.71 रह गया
लेकिन जुलाई और अगस्त में यह घटकर 0.95 और 0.94 पर आ गया, जिससे पता चलता है कि चढ़ने वाले शेयरों की संख्या घटने वाले शेयरों से कम हो गई। सितंबर और अक्तूबर में कुछ सुधार देखा गया और यह अनुपात फिर बढ़कर एक से अधिक हो गया लेकिन नवंबर और दिसंबर में यह फिर घटकर 0.89 और 0.97 रह गया। जनवरी 2026 में भी यह 0.85 रहा जो लगातार गिरावट का संकेत था। फरवरी 2026 में मामूली सुधार के साथ यह अनुपात 1.01 पर पहुंचा था, लेकिन मार्च में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस महीने में केवल 2036 शेयर चढ़े, जबकि 2866 शेयरों में गिरावट आ गई। इससे अनुपात गिरकर 0.71 रह गया।

एक नजर

  • फरवरी 2026 में देश का औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम): 83.43 लाख करोड़ रुपये
  • देश में कुल म्यूचुअल फंड खातों (फोलियो) की संख्या: 27.06 करोड़
  • फरवरी 2026 में कानपुर का औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम): 39,210 करोड़ रुपये
  • कानपुर में कुल म्यूचुअल फंड खातों (फोलियो) की संख्या: 12.71 लाख

शहर में लंबी अवधि के निवेशक घटे
सेबी की ओर से जारी नवीनतम मंथली बुलेटिन के अनुसार, शहर के शेयर कारोबारी लंबी अवधि का निवेश करने की जगह ट्रेडिंग अधिक कर रहे हैं। इसी वजह से निवेशकों के डीमेट खातों में शेयरों का ट्रांसफर 25 फीसदी तक घट गया है। इसे डिलीवरी वॉल्यूम में 25 फीसदी की गिरावट कहा जाता है। केश्री ब्रोकिंग के सह-संस्थापक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि सेबी की बुलेटिन के अनुसार, एनएसई कैश सेगमेंट में कानपुर की हिस्सेदारी 0.22 प्रतिशत है जबकि बीएसई कैश सेगमेंट में औसत हिस्सेदारी 0.043 प्रतिशत है। जनवरी-फरवरी के महीने में शहर का एनएसई कैश सेगमेंट में औसत कारोबार करीब 265 करोड़ रुपये प्रतिदिन था जो कि मार्च में करीब 200 करोड़ रुपये प्रतिदिन हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed