Mulayam Singh Yadav: अखिलेश और शिवपाल से मिले नीतीश, विपक्ष की एकजुटता का दे गए संदेश
बुधवार को सैफई पहुंचकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अखिलेश और शिवपाल से लगभग 20 मिनट मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अखिलेश के साथ ही वह पूरे विपक्ष को साथ लाना चाहते हैं।
विस्तार
इटावा जिले में मुलायम सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करने नीतीश कुमार पहुंचे। उन्होंने अखिलेश यादव से करीब 20 मिनट तक मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस मुलाकात के बाद नीतीश ने पत्रकारों से वार्ता की और कहा कि अखिलेश के साथ ही वह पूरे विपक्ष को साथ लाना चाहते हैं। अगर ऐसा हो जाए तो ये देश और प्रदेश के हित में होगा।
नीतीश ने कहा कि मुलायम सिंह बड़े नेता थे। उनके जाने का बेहद दुख है। उनकी पार्टी साथ में खड़ी है। लालू की तरह अखिलेश को भी साथ लाना चाहते हैं। अखिलेश और शिवपाल को एक साथ लाने के सवाल पर बोले, इसके लिए भी प्रयास होंगे। वहीं सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आईपी सिंह ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर मुलायम सिंह यादव को भारत रत्न देने की मांग की है।
गरीबों के चिंतक थे मुलायम सिंह: दिनेश शर्मा
अखिलेश से मिलने पहुंचे पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि नेताजी गरीबों के चिंतक थे। उन्होंने बताय कि जब वह मेयर थे, तब नेताजी मुख्यमंत्री थे। लखनऊ में अतिक्रमण अभियान चल रहा था। एक गुमटी वाले को हटाया जाना था। ये गुमटी नेताजी के आवास के पास थी। इस पर उन्होंने मुझे फोन करके कहा था कि इस गरीब का अहित मत करो और गुमटी मत हटाओ।
नेता जी को किया नमन, संस्मरण सुनाए
सिविल लाइन स्थित सपा कार्यालय और कई शिक्षण संस्थानों में बुधवार को शोकसभा का आयोजन कर नेता जी को श्रद्धांजलि दी गई। नेताओं और शिक्षकों ने उन्हें नमन किया। उनके संस्मरण सुनाए। सपा कार्यालय पर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव व पदाधिकारियों ने मुलायम सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा में जिला महासचिव चंदन सिंह बघेल, उत्तम सिंह प्रजापति आदि उपस्थित रहे।
पूर्व सांसद रामसिंह शाक्य ने मुलायम सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने कहा कि नेताजी से उनका 1965 से साथ रहा। दोनों जैन इंटर कॉलेज करहल (मैनपुरी) में शिक्षक थे। नेताजी ने उन्हें तीन बार सांसद बनवाकर नई दिशा दी। 57 साल बाद साथ छूट गया।

कमेंट
कमेंट X