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UP BY-ELECTION 2020: घाटमपुर उपचुनाव में भाजपा मोदी के सहारे लड़ी, बाकी स्थानीय नेताओं के भरोसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाटमपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 04 Nov 2020 11:54 AM IST
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घाटमपुर उपचुनाव 2020
- फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा उपचुनाव में भी भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही चेहरा रहे। इसके उलट कांग्रेेस, सपा और बसपा में लोगों ने स्थानीय नेताओं और प्रत्याशियों को तवज्जो दिया। मतदान के दिन सुबह से लेकर शाम तक पूरे क्षेत्र में यही चर्चा रही।
कै. सुखबासी सिंह स्मारक महाविद्यालय और श्री गांधी इंटर कालेज के मतदान स्थल पर पहुंचे मतदाताओं से जब प्रत्याशियों और पार्टियों की हार जीत को लेकर सवाल किए गए तो कई रोचक जवाब निकल कर आए।
80 वर्ष के मुन्नू सोनी का कहना है कि आज तक कोई भी नया बदलाव और देश हित के लिए जो काम किया वह मोदी ने ही किया है। इसलिए अभी भी मोदी से ही कुछ अच्छा करने की उम्मीद है। कारोबारी विनोद कुमार का कहना है कि स्थानीय मुद्दे नहीं राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर की लाभकारी योजनाओं को देखते हुए उन्होंने वोटिंग की है।
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इससे उलट कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. कृपाशंकर को इस बार रेटिंग में लाने के लिए दो पूर्व सांसदों की दौड़धूप चर्चा में रही। पूर्व सांसद राकेश सचान और राजाराम पाल घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र के पुराने चेहरे रहे हैं।
दोनों ही यहां से विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए इनकी गतिविधियां चर्चा में रहीं। 65 वर्षीय रामकुमार सचान बताते हैं कि घाटमपुर सभी दलों की कर्मभूमि रही है। अपनी-अपनी मेहनत और काम के बल पर लोगों को यहां तवज्जो दी गई है।
इसी तरह समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी इंद्रजीत कोरी पार्टी के बजाए खुद ही चेहरे के रूप में लोगों के बीच रहे। अपनी बढ़ती उम्र की वजह से इस बार पहले जैसे उनकी सक्रियता नहीं दिखी। इंद्रजीत सपा की सीट से यहां से विधायक रह चुके हैं। बसपा को उचित स्थान दिलाने के लिए उनकी पार्टी की तरफ से भी काफी प्रयास किए गए हैं।
कै. सुखबासी सिंह स्मारक महाविद्यालय और श्री गांधी इंटर कालेज के मतदान स्थल पर पहुंचे मतदाताओं से जब प्रत्याशियों और पार्टियों की हार जीत को लेकर सवाल किए गए तो कई रोचक जवाब निकल कर आए।
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80 वर्ष के मुन्नू सोनी का कहना है कि आज तक कोई भी नया बदलाव और देश हित के लिए जो काम किया वह मोदी ने ही किया है। इसलिए अभी भी मोदी से ही कुछ अच्छा करने की उम्मीद है। कारोबारी विनोद कुमार का कहना है कि स्थानीय मुद्दे नहीं राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर की लाभकारी योजनाओं को देखते हुए उन्होंने वोटिंग की है।
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दोनों ही यहां से विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए इनकी गतिविधियां चर्चा में रहीं। 65 वर्षीय रामकुमार सचान बताते हैं कि घाटमपुर सभी दलों की कर्मभूमि रही है। अपनी-अपनी मेहनत और काम के बल पर लोगों को यहां तवज्जो दी गई है।
इसी तरह समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी इंद्रजीत कोरी पार्टी के बजाए खुद ही चेहरे के रूप में लोगों के बीच रहे। अपनी बढ़ती उम्र की वजह से इस बार पहले जैसे उनकी सक्रियता नहीं दिखी। इंद्रजीत सपा की सीट से यहां से विधायक रह चुके हैं। बसपा को उचित स्थान दिलाने के लिए उनकी पार्टी की तरफ से भी काफी प्रयास किए गए हैं।