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Kasganj News: दहेज हत्या के मामले में सास-ससुर की जमानत याचिका खारिज
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कासगंज। जिला जज रामेश्वर की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी सास-ससुर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। मैनपुरी निवासी जय सिंह ने अमांपुर थाना में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी बेटी पिंकी (22) की शादी 5 मई 2023 को अमांपुर के गांव नगला गुलरिया निवासी जसवंत सिंह से की थी।
शादी के बाद से ही ससुराल में पति जसवंत, ससुर जबर सिंह, सास रेशमा देवी, ननद लता और नंदोई सुनील कुमार अतिरिक्त दहेज में एक मोटरसाइकिल और 5 लाख रुपये की मांग के लिए पिंकी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। प्रताड़ना के चलते उनकी बेटी ने महिला थाना मैनपुरी में पहले मामला भी दर्ज कराया था, जिसमें न्यायालय के माध्यम से 2 मई 2026 को समझौता हो गया थाा।
इसके बाद बेटी वापस अपने ससुराल चली गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही 11 मई 2026 को ससुराल पक्ष ने बेटी की हत्या कर उसके शव को फंदे से लटका दिया। मामले में प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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मामले में आरोपी सास-ससुर ने जमानत के लिए याचिका लगाई थी। इस पर सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने कहा कि मृतका के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस ने तोड़ा था। मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। इस पर न्यायाधीश ने ससुर जबर सिंह और सास रेशमा देवी की जमानत अर्जी निरस्त करने का आदेश सुनाया।
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शादी के बाद से ही ससुराल में पति जसवंत, ससुर जबर सिंह, सास रेशमा देवी, ननद लता और नंदोई सुनील कुमार अतिरिक्त दहेज में एक मोटरसाइकिल और 5 लाख रुपये की मांग के लिए पिंकी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। प्रताड़ना के चलते उनकी बेटी ने महिला थाना मैनपुरी में पहले मामला भी दर्ज कराया था, जिसमें न्यायालय के माध्यम से 2 मई 2026 को समझौता हो गया थाा।
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इसके बाद बेटी वापस अपने ससुराल चली गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही 11 मई 2026 को ससुराल पक्ष ने बेटी की हत्या कर उसके शव को फंदे से लटका दिया। मामले में प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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मामले में आरोपी सास-ससुर ने जमानत के लिए याचिका लगाई थी। इस पर सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने कहा कि मृतका के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस ने तोड़ा था। मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। इस पर न्यायाधीश ने ससुर जबर सिंह और सास रेशमा देवी की जमानत अर्जी निरस्त करने का आदेश सुनाया।