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Kasganj News: बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत नहीं
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फोटो 47 - मूंझखेड़ा में स्कूली छात्र छात्राओं के साथ बाढ़ का जायजा लेने जाते सपा के राष्ट्रीय प
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कासगंज। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलस्तर में कमी आने के बाद भी राहत नहीं लौट पा रही। ग्रामीणों की मुसीबतें बरकरार हैं। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं के सामने स्कूल पहुंचना बड़ी चुनौती है। इन बच्चों को प्रतिदिन नाव से आवागमन करना पड़ता है। वहीं ग्रामीण खादर के खेतों में पानी भरा रहने के कारण फसलों के नष्ट होने की चिंता से परेशान हैं।
बुधवार को नरौरा बैराज का प्रवाह स्थिर नजर आया जबकि हरिद्वार और बिजनौर से प्रवाह में आंशिक वृद्धि हुई। पिछले एक पखवाड़े से पटियाली इलाके के करीब 20 गांव के ग्रामीण गांव की समस्या का सामना कर रहे हैं। गंगा की खादर और खेतों में कई गांव में आबादी के किनारे तक बाढ़ के पानी की दस्तक बनी हुई है। जब से यह पानी भरा है तब से भरे हुए पानी में मामूली गिरावट तो हुई है, लेकिन निचला इलाका होने के कारण यह पानी अभी निकल नहीं पा रहा।
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बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप
नगला नरपत, हंसी नगला, मूंझखेड़ा, नगला दुर्जन, राजेपुर कुर्रा सहित अन्य गांव में बाढ़ का काफी प्रकोप है। लगातार पानी रहने के कारण इन इलाकों में मच्छर भी पनपने लगे हैं। कादरगंज के असलम खान का कहना है कि हर बार गंगा में उफान आते ही पटियाली के गांव जलमग्न हो जाते हैं। ग्रामीण हर बार बाढ़रोधी कार्यों की मांग उठाते हैं, लेकिन शासन प्रशासन का ध्यान बाढ़रोधी कार्यों पर नहीं रहता। नगला जयकिशन के उर्वेश का कहना है कि अभी तक इलाके में टूटा हुआ सनौड़ी का पुल भी नहीं बना है। यह पुल तीन सालों से टूटा पड़ा है। गंगा का पानी पार करके लोगों को आना जाना पड़ता है। यह बेहद जोखिम भरा है। नाव से बच्चों के आवागमन के कारण अभिभावकों की चिंता बनी रहती है।
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नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा तक बांध बनवाने की मांग
गंजडुंडवारा/पटियाली। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने पटियाली के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित मूंझखेड़ा में पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उनके समक्ष नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा तक मजबूत बांध के निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों की मांग पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि वह उनकी समस्या को शासन प्रशासन के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए इलाके में बांध बनना जरूरी है। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में टूटी सड़कों, पुल पुलियों का निर्माण भी शीघ्रता से कराया जाना जरूरी है।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 100460 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 121692 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 124173 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.30 मीटर के निशान पर
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वर्जन-
- नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह स्थिर है। जिले के सभी बांध सुरक्षित हैं। हरिद्वार और बिजनौर बैराजों से मामूली वृद्धि हुई है। आगामी समय में यदि वृद्धि अधिक हुई तो फिर से जलस्तर में वृद्धि हो सकती है- जितेंद्र कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई, अलीगढ़।
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बुधवार को नरौरा बैराज का प्रवाह स्थिर नजर आया जबकि हरिद्वार और बिजनौर से प्रवाह में आंशिक वृद्धि हुई। पिछले एक पखवाड़े से पटियाली इलाके के करीब 20 गांव के ग्रामीण गांव की समस्या का सामना कर रहे हैं। गंगा की खादर और खेतों में कई गांव में आबादी के किनारे तक बाढ़ के पानी की दस्तक बनी हुई है। जब से यह पानी भरा है तब से भरे हुए पानी में मामूली गिरावट तो हुई है, लेकिन निचला इलाका होने के कारण यह पानी अभी निकल नहीं पा रहा।
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बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप
नगला नरपत, हंसी नगला, मूंझखेड़ा, नगला दुर्जन, राजेपुर कुर्रा सहित अन्य गांव में बाढ़ का काफी प्रकोप है। लगातार पानी रहने के कारण इन इलाकों में मच्छर भी पनपने लगे हैं। कादरगंज के असलम खान का कहना है कि हर बार गंगा में उफान आते ही पटियाली के गांव जलमग्न हो जाते हैं। ग्रामीण हर बार बाढ़रोधी कार्यों की मांग उठाते हैं, लेकिन शासन प्रशासन का ध्यान बाढ़रोधी कार्यों पर नहीं रहता। नगला जयकिशन के उर्वेश का कहना है कि अभी तक इलाके में टूटा हुआ सनौड़ी का पुल भी नहीं बना है। यह पुल तीन सालों से टूटा पड़ा है। गंगा का पानी पार करके लोगों को आना जाना पड़ता है। यह बेहद जोखिम भरा है। नाव से बच्चों के आवागमन के कारण अभिभावकों की चिंता बनी रहती है।
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नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा तक बांध बनवाने की मांग
गंजडुंडवारा/पटियाली। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने पटियाली के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित मूंझखेड़ा में पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उनके समक्ष नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा तक मजबूत बांध के निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों की मांग पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि वह उनकी समस्या को शासन प्रशासन के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए इलाके में बांध बनना जरूरी है। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में टूटी सड़कों, पुल पुलियों का निर्माण भी शीघ्रता से कराया जाना जरूरी है।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 100460 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 121692 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 124173 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.30 मीटर के निशान पर
वर्जन-
- नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह स्थिर है। जिले के सभी बांध सुरक्षित हैं। हरिद्वार और बिजनौर बैराजों से मामूली वृद्धि हुई है। आगामी समय में यदि वृद्धि अधिक हुई तो फिर से जलस्तर में वृद्धि हो सकती है- जितेंद्र कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई, अलीगढ़।

फोटो 47 - मूंझखेड़ा में स्कूली छात्र छात्राओं के साथ बाढ़ का जायजा लेने जाते सपा के राष्ट्रीय प

फोटो 47 - मूंझखेड़ा में स्कूली छात्र छात्राओं के साथ बाढ़ का जायजा लेने जाते सपा के राष्ट्रीय प