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Kasganj News: तालाब से निकलकर आबादी में आया मगरमच्छ, बचाव के दौरान ग्रामीणों के हमले से मौत
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फोटो31मोहनपुरा में मगरमच्छ की मौत के बारे में जानकारी करने पहुंची वन विभाग की टीम। संवाद
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कासगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहनपुरा में बृहस्पतिवार रात 3:30 बजे तालाब से निकलकर एक मगरमच्छ आबादी वाले इलाके में आ पहुंचा। घरों के पास मगरमच्छ को देखते ही अफरा-तफरी मच गई।
मगरमच्छ ने ग्रामीण रामसिंह के घर के बाहर बंधे मवेशी पर हमला करने का प्रयास किया। चीख पुकार सुनकर माैके पर जमा हुए ग्रामीणों ने डंडों की मदद से उसे वापस भगाने की कोशिश की लेकिन मगरमच्छ ने पलटवार कर दिया। इसके बाद घबराए ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा में मगरमच्छ पर हमला कर दिया।
घटना के बाद गांव में काफी देर तक दहशत का माहाैल बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और रेस्क्यू विभाग की टीम पहुंची। उन्होंने मगरमच्छ का रेस्क्यू किया। वन विभाग के सीओ विवेक कुमार ने बताया कि रेस्क्यू किया गया मगरमच्छ मर चुका है। उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फिलहाल मरने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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बारिश के दिनों में अक्सर बस्तियों तक पहुंच जाते हैं
कासगंज। बारिश के दिनों या नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते मगरमच्छ अक्सर अपने प्राकृतिक आवास से भटककर मानव बस्तियों तक पहुंच जाते हैं। कासगंज जिले में ऐसी घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैलती रही है।
करीब 9 महीने पहले कस्बा भरसोली मुस्तफाबाद क्षेत्र में काली नदी से निकलकर एक मगरमच्छ सीधे गांव में जा पहुंचा था। इसके अलावा, 26 जुलाई 2025 को सदर कोतवाली क्षेत्र के पाल नगर में पानी के गड्ढे में मगरमच्छ मिला था, जिसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया था।
वहीं, 3 सितंबर 2024 को सिढ़पुरा के गांव सनौठी में मगरमच्छ जहार सिंह के धान के खेत में पहुंच गया था। इसके कुछ ही दिन बाद 10 सितंबर 2024 को पटियाली के भरगैन कस्बे के मोहल्ला हसनथोक में भी मगरमच्छ घुस आया था। उस दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद उसका सफल रेस्क्यू किया था। संवाद
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मगरमच्छ ने ग्रामीण रामसिंह के घर के बाहर बंधे मवेशी पर हमला करने का प्रयास किया। चीख पुकार सुनकर माैके पर जमा हुए ग्रामीणों ने डंडों की मदद से उसे वापस भगाने की कोशिश की लेकिन मगरमच्छ ने पलटवार कर दिया। इसके बाद घबराए ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा में मगरमच्छ पर हमला कर दिया।
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घटना के बाद गांव में काफी देर तक दहशत का माहाैल बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और रेस्क्यू विभाग की टीम पहुंची। उन्होंने मगरमच्छ का रेस्क्यू किया। वन विभाग के सीओ विवेक कुमार ने बताया कि रेस्क्यू किया गया मगरमच्छ मर चुका है। उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फिलहाल मरने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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बारिश के दिनों में अक्सर बस्तियों तक पहुंच जाते हैं
कासगंज। बारिश के दिनों या नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते मगरमच्छ अक्सर अपने प्राकृतिक आवास से भटककर मानव बस्तियों तक पहुंच जाते हैं। कासगंज जिले में ऐसी घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैलती रही है।
करीब 9 महीने पहले कस्बा भरसोली मुस्तफाबाद क्षेत्र में काली नदी से निकलकर एक मगरमच्छ सीधे गांव में जा पहुंचा था। इसके अलावा, 26 जुलाई 2025 को सदर कोतवाली क्षेत्र के पाल नगर में पानी के गड्ढे में मगरमच्छ मिला था, जिसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया था।
वहीं, 3 सितंबर 2024 को सिढ़पुरा के गांव सनौठी में मगरमच्छ जहार सिंह के धान के खेत में पहुंच गया था। इसके कुछ ही दिन बाद 10 सितंबर 2024 को पटियाली के भरगैन कस्बे के मोहल्ला हसनथोक में भी मगरमच्छ घुस आया था। उस दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद उसका सफल रेस्क्यू किया था। संवाद