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Kasganj News: नीरज चोपड़ा से प्रेरित होकर जैवलिन थ्रो में भविष्य तलाश रहे युवा
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फोटो 24 कासगंज फोटो खिलाड़ी प्रशांत। स्रोत: संवाद
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कासगंज। ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों में भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा की ऐतिहासिक सफलता ने देश के छोटे शहरों के युवाओं में एक नई ऊर्जा भर दी है। इसका असर जिले में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है, जहां के युवाओं में अब भाला फेंक के प्रति रुचि तेजी से बढ़ती जा रही है।
कभी जिले के मैदानों में खेलकूद का दायरा मुख्य रूप से क्रिकेट और कबड्डी तक ही सीमित रहता था, लेकिन अब यहां के युवा एथलेटिक्स की इस तकनीकी स्पर्धा में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। कई युवा खिलाड़ी मैदान पर नियमित अभ्यास कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का बड़ा सपना संजोए हुए हैं।
जिला खेल विभाग के अनुसार, एथलेटिक्स में भाला फेंक के प्रति युवाओं का यह बढ़ता रुझान बेहद सकारात्मक संकेत है। विभाग की ओर से खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए लगातार अवसर और सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, ताकि जिले की इस छिपी हुई प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकें।
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राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर लाना लक्ष्य
- ओलंपिक विजेता नीरज चोपड़ा की उपलब्धियों ने युवाओं को इस खेल को पूरी गंभीरता से अपनाने की प्रेरणा दी है। इस बारे में खिलाड़ी विवेक कुमार का कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य पहले राज्य और फिर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का नाम रोशन करना है।
खिलाड़ी प्रशांत का कहना है कि भाला फेंक केवल ताकत का खेल नहीं है, बल्कि इसमें सही तकनीक, संतुलन और फिटनेस की सबसे अहम भूमिका होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए वे रोजाना मेहनत कर रहे हैं और उनका सपना भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करना है।
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वर्जन
वर्तमान में आठ खिलाड़ी भाला फैंक का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। जिले में इस खेल के लिए आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा में निखार करने का पूरा मौका मिल रहा है। - हरफूल सिंह, उप क्रीड़ा अधिकारी
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कभी जिले के मैदानों में खेलकूद का दायरा मुख्य रूप से क्रिकेट और कबड्डी तक ही सीमित रहता था, लेकिन अब यहां के युवा एथलेटिक्स की इस तकनीकी स्पर्धा में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। कई युवा खिलाड़ी मैदान पर नियमित अभ्यास कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का बड़ा सपना संजोए हुए हैं।
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जिला खेल विभाग के अनुसार, एथलेटिक्स में भाला फेंक के प्रति युवाओं का यह बढ़ता रुझान बेहद सकारात्मक संकेत है। विभाग की ओर से खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए लगातार अवसर और सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, ताकि जिले की इस छिपी हुई प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकें।
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राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर लाना लक्ष्य
- ओलंपिक विजेता नीरज चोपड़ा की उपलब्धियों ने युवाओं को इस खेल को पूरी गंभीरता से अपनाने की प्रेरणा दी है। इस बारे में खिलाड़ी विवेक कुमार का कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य पहले राज्य और फिर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का नाम रोशन करना है।
खिलाड़ी प्रशांत का कहना है कि भाला फेंक केवल ताकत का खेल नहीं है, बल्कि इसमें सही तकनीक, संतुलन और फिटनेस की सबसे अहम भूमिका होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए वे रोजाना मेहनत कर रहे हैं और उनका सपना भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करना है।
वर्जन
वर्तमान में आठ खिलाड़ी भाला फैंक का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। जिले में इस खेल के लिए आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा में निखार करने का पूरा मौका मिल रहा है। - हरफूल सिंह, उप क्रीड़ा अधिकारी

फोटो 24 कासगंज फोटो खिलाड़ी प्रशांत। स्रोत: संवाद