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Kasganj News: कोटेदारों के बकाये के निस्तारण की मांग तेज
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कासगंज। सरकारी खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे कोटेदार अब लंबित भुगतान को लेकर मुखर हो गए हैं। उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद ने बकाया धनराशि के भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर डिप्टी आरएमओ को ज्ञापन सौंपा।
परिषद के संगठन मंत्री गोपी चंद्र, प्रदेश प्रवक्ता मुहम्मद इरफान और जिला कोषाध्यक्ष फूल सिंह ने डिप्टी आरएमओ को दिए ज्ञापन में बताया कि कोटेदारों ने अक्तूबर 2021 में चालान के माध्यम से धनराशि जमा की थी। इसके बाद नवंबर माह में निशुल्क खाद्यान्न वितरण कराया गया, लेकिन अभी तक उस धनराशि का भुगतान नहीं हो सका है।
पदाधिकारियों ने कहा कि खाद्यान्न वितरण के दौरान जमा किए गए खाली बोरों का भुगतान भी लंबे समय से लंबित चल रहा है। इसके अलावा वर्ष 2001 से 2014 तक की बकाया धनराशि का भुगतान भी जल्द कराने की मांग रखी गई।
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संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि कोटेदार शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित खाद्यान्न वितरण के बावजूद भुगतान में देरी होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुनने के बाद डिप्टी आरएमओ ने आश्वासन दिया कि लंबित भुगतान की प्रक्रिया को लेकर एक सप्ताह बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि कोटेदारों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन आगे भी प्रयास जारी रखेगा।
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परिषद के संगठन मंत्री गोपी चंद्र, प्रदेश प्रवक्ता मुहम्मद इरफान और जिला कोषाध्यक्ष फूल सिंह ने डिप्टी आरएमओ को दिए ज्ञापन में बताया कि कोटेदारों ने अक्तूबर 2021 में चालान के माध्यम से धनराशि जमा की थी। इसके बाद नवंबर माह में निशुल्क खाद्यान्न वितरण कराया गया, लेकिन अभी तक उस धनराशि का भुगतान नहीं हो सका है।
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पदाधिकारियों ने कहा कि खाद्यान्न वितरण के दौरान जमा किए गए खाली बोरों का भुगतान भी लंबे समय से लंबित चल रहा है। इसके अलावा वर्ष 2001 से 2014 तक की बकाया धनराशि का भुगतान भी जल्द कराने की मांग रखी गई।
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संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि कोटेदार शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित खाद्यान्न वितरण के बावजूद भुगतान में देरी होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुनने के बाद डिप्टी आरएमओ ने आश्वासन दिया कि लंबित भुगतान की प्रक्रिया को लेकर एक सप्ताह बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि कोटेदारों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन आगे भी प्रयास जारी रखेगा।