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Kasganj News: दिल्ली रेलमार्ग से कासगंज जंक्शन को जोड़ने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:41 AM IST
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फोटो48संसद में बोलते सपा सांसद देवेश शाक्य । स्रोत:स्वयं
- फोटो : नगर आयुक्त को ज्ञापन देते व्यापारी नेता रवींद्रलाल तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी। स्रोत स्वयं
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कासगंज। दिल्ली रेलमार्ग से कासगंज जंक्शन को जोड़ने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। समाजवादी पार्टी के सांसद देवेश शाक्य ने कासगंज-एटा रेल परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा कराने के साथ ही कासगंज को पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ने की मांग की है, उन्होंने संसद में यह मुद्दा उठाया।
सांसद ने संसद में बताया कि एटा लोकसभा क्षेत्र रेलवे सुविधाओं के मामले में अभी भी काफी पिछड़ा हुआ है। यहां रेलमार्ग पर अभी तक डबल लाइन नहीं है। राजधानी दिल्ली से भी क्षेत्र का सीधा रेल संपर्क नहीं है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि पहले कासगंज-मेंडू-दिल्ली रेलमार्ग की डीपीआर निरस्त हो गई थी। ऐसे में उन्होंने रेलवे मंत्रालय से पुनः कासगंज से हाथरस किला रोड होते हुए दिल्ली तक रेलमार्ग जोड़ने की मांग की है। कासगंज जंक्शन एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहां से आसपास के कई जिलों के यात्री आवाजाही करते हैं। यदि इसे दिल्ली रेलमार्ग से जोड़ दिया जाए तो यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा।सांसद ने कासगंज-एटा रेल परियोजना को स्वीकृति देने पर रेल मंत्री का आभार भी जताया और परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कासगंज में अमांपुर मार्ग स्थित आवास विकास क्रॉसिंग, अमांपुर, गंजडुंडवारा और सोरोंजी में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए धन आवंटित करने की भी मांग उठाई। बजट सत्र में स्वीकृत पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कासगंज को जोड़ने का मुद्दा भी उन्होंने संसद में रखा। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में पैदा होने वाली चिकोरी सहित अन्य कृषि उत्पादों को दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
सांसद ने गंजडुंडवारा रेलवे स्टेशन पर छपरा-मथुरा, कोलकाता-आगरा, साबरमती एक्सप्रेस और अंत्योदय एक्सप्रेस के ठहराव के साथ ही मारहरा स्टेशन पर अछनेरा-टनकपुर ट्रेन के ठहराव की भी मांग की।
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सांसद ने संसद में बताया कि एटा लोकसभा क्षेत्र रेलवे सुविधाओं के मामले में अभी भी काफी पिछड़ा हुआ है। यहां रेलमार्ग पर अभी तक डबल लाइन नहीं है। राजधानी दिल्ली से भी क्षेत्र का सीधा रेल संपर्क नहीं है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि पहले कासगंज-मेंडू-दिल्ली रेलमार्ग की डीपीआर निरस्त हो गई थी। ऐसे में उन्होंने रेलवे मंत्रालय से पुनः कासगंज से हाथरस किला रोड होते हुए दिल्ली तक रेलमार्ग जोड़ने की मांग की है। कासगंज जंक्शन एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहां से आसपास के कई जिलों के यात्री आवाजाही करते हैं। यदि इसे दिल्ली रेलमार्ग से जोड़ दिया जाए तो यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा।सांसद ने कासगंज-एटा रेल परियोजना को स्वीकृति देने पर रेल मंत्री का आभार भी जताया और परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कासगंज में अमांपुर मार्ग स्थित आवास विकास क्रॉसिंग, अमांपुर, गंजडुंडवारा और सोरोंजी में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए धन आवंटित करने की भी मांग उठाई। बजट सत्र में स्वीकृत पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कासगंज को जोड़ने का मुद्दा भी उन्होंने संसद में रखा। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में पैदा होने वाली चिकोरी सहित अन्य कृषि उत्पादों को दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
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सांसद ने गंजडुंडवारा रेलवे स्टेशन पर छपरा-मथुरा, कोलकाता-आगरा, साबरमती एक्सप्रेस और अंत्योदय एक्सप्रेस के ठहराव के साथ ही मारहरा स्टेशन पर अछनेरा-टनकपुर ट्रेन के ठहराव की भी मांग की।