{"_id":"6a1c7469c09396193f0e6537","slug":"failing-to-learn-lessons-from-accidents-devotees-arrive-at-ganga-ghat-in-tractor-trolleys-kasganj-news-c-175-1-agr1054-148496-2026-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: हादसों से नहीं ले रहे सबक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गंगाघाट पहुंच रहे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: हादसों से नहीं ले रहे सबक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गंगाघाट पहुंच रहे श्रद्धालु
विज्ञापन
फोटो10कासगंज में दोपहर 2 बजे लोटर वाहन में सवारियां लेकर माल गोदाम चौराह के पास से गुजरता वाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कासगंज। धार्मिक आयोजनों और तीर्थ यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बाद भी लोग जानलेवा और जोखिम भरा सफर करने से बाज नहीं आ रहे हैं। पूरी तरह प्रतिबंध होने के बावजूद ट्रैक्टर-ट्रॉली और मालवाहक लोडर वाहनों में भारी संख्या में श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं, जिससे हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग भी इस गंभीर लापरवाही को लेकर सख्त कदम नहीं उठा रहे हैं।
पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोरोंजी में हरि की पौड़ी, लहरा और कछला गंगाघाट पहुंचते हैं। आगरा, फिरोजाबाद, राजस्थान, शिकोहाबाद, हाथरस और सिकंदराराऊ से अधिकांश श्रद्धालु ट्रेन, बस और निजी वाहनों से आते हैं, लेकिन कई लोग नियमों को ताक पर रखकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर में सफर करते दिख जाते हैं।
रविवार को भी सुबह 8:30 बजे और दोपहर 2 बजे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मालगोदाम चौराहे के पास से गुजरती देखी गईं। नियमों के मुताबिक, इन वाहनों का इस्तेमाल सिर्फ माल ढोने के लिए हो सकता है, सवारियां बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों के लोग किराया बचाने और सामूहिक यात्रा के चक्कर में इन्हीं में सफर करते हैं। यातायात पुलिस और एआरटीओ विभाग समय-समय पर अभियान चलाते हैं, लेकिन इनका कोई खास असर नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
-- --
पहले भी हो चुके हैं हादसे
24 फरवरी 2024: पटियाली के दरियावगंज क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलटने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। ये सभी एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र के गांव नगला कसा से कादरगंज गंगाघाट जा रहे थे।
12 फरवरी 2025: माघ पूर्णिमा पर कादरगंज गंगाघाट से लौट रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली बरीवगबास के पास एक ऑटो को बचाने के चक्कर में पलट गई थी, जिसमें 35 श्रद्धालु घायल हुए थे।
-- --
वर्जन:
- जिले में यातायात नियमों का पालन कराने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर वाहनों में सफर न करने के लिए समझाया जाता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान की सख्त कार्रवाई भी की जाती है।
— आरपी मिश्र, एआरटीओ
पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोरोंजी में हरि की पौड़ी, लहरा और कछला गंगाघाट पहुंचते हैं। आगरा, फिरोजाबाद, राजस्थान, शिकोहाबाद, हाथरस और सिकंदराराऊ से अधिकांश श्रद्धालु ट्रेन, बस और निजी वाहनों से आते हैं, लेकिन कई लोग नियमों को ताक पर रखकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर में सफर करते दिख जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को भी सुबह 8:30 बजे और दोपहर 2 बजे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मालगोदाम चौराहे के पास से गुजरती देखी गईं। नियमों के मुताबिक, इन वाहनों का इस्तेमाल सिर्फ माल ढोने के लिए हो सकता है, सवारियां बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों के लोग किराया बचाने और सामूहिक यात्रा के चक्कर में इन्हीं में सफर करते हैं। यातायात पुलिस और एआरटीओ विभाग समय-समय पर अभियान चलाते हैं, लेकिन इनका कोई खास असर नहीं दिख रहा है।
Trending Videos
पहले भी हो चुके हैं हादसे
24 फरवरी 2024: पटियाली के दरियावगंज क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलटने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। ये सभी एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र के गांव नगला कसा से कादरगंज गंगाघाट जा रहे थे।
12 फरवरी 2025: माघ पूर्णिमा पर कादरगंज गंगाघाट से लौट रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली बरीवगबास के पास एक ऑटो को बचाने के चक्कर में पलट गई थी, जिसमें 35 श्रद्धालु घायल हुए थे।
वर्जन:
- जिले में यातायात नियमों का पालन कराने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर वाहनों में सफर न करने के लिए समझाया जाता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान की सख्त कार्रवाई भी की जाती है।
— आरपी मिश्र, एआरटीओ