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Kasganj News: गंगावन और भागीरथी वन की स्थापना से जिले का ग्रीन कवर बढ़ा
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फोटो 37 - गंगावन में विकसित होते वृक्ष। संवाद
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कासगंज। जिले में गंगावन और भागीरथी वन की स्थापना पर्यावरण संरक्षण के लिए यूपी में मिसाल बने हुए हैं। इन दोनों वनों की स्थापना से जिले का ग्रीन कवर बढ़ा है और इससे वन क्षेत्रों के इलाके में पर्यावरण और भूजल स्तर में सुधार हुआ है। जिले में हुई इन दोनों वनों की स्थापना के बाद यूपी के कई अन्य जिलों में भी यह मॉडल अपनाया गया।
यह दोनों ही वन जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से स्थापित किए गए हैं। गंगावन में तो प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आकर गंगावन में पहला पौधा रोपा था। गंगावन चंदनपुर घटियारी में स्थापित किया गया। यहां रोपित किए पौधे वृक्ष का आकार ले चुके हैं। गंगावन में अलग-अलग नाम से अलग अलग वनस्पति की वाटिकाएं हरी भरी हैं और आकर्षण का केंद्र बनी हैं। इस वन में 1.21 लाख पौधे रोपित किए गए। इसके अलावा गंगा के कटरी इलाके में दूसरा वन दतलाना में भागीरथी वन के नाम से स्थापित किया गया। इस वन में 3.51 लाख पौधे रोपित किए गए। इस वन में भी आकर्षक वाटिकाएं बनाई गई हैं। पौधे लगातार घने हो रहे हैं। कुछ समय पूर्व हिरण के झुंड यहां देखे गए। भागीरथी वन से भी पर्यावरण को संजीवनी मिलने लगी है। वन विभाग का मानना है कि इन दोनों क्षेत्रों के पर्यावरण में सुधार होना स्वाभाविक है। इससे भूजल स्तर में भी सुधार होने लगा है।
आंकड़े की नजर से-
1.21 लाख पौधे गंगावन में बन रहे हैं वृक्ष।
3.51 लाख पौधे पिछले साल रोपे गए थे भागीरथी वन में।
वर्जन-
- गंगावन और भागीरथी वन की स्थापना के प्रोजेक्ट सफल रहे हैं। इन्हीं तर्ज पर अन्य जगह भी वन स्थापित हो रहे हैं। जिले में भी अन्य वन विकसित करने पर काम चल रहा है। इससे पर्यावरण में सुधार होगा और भूजल स्तर भी सुधरेगा।
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- संजीव कुमार, डीफओ कासगंज
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यह दोनों ही वन जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से स्थापित किए गए हैं। गंगावन में तो प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आकर गंगावन में पहला पौधा रोपा था। गंगावन चंदनपुर घटियारी में स्थापित किया गया। यहां रोपित किए पौधे वृक्ष का आकार ले चुके हैं। गंगावन में अलग-अलग नाम से अलग अलग वनस्पति की वाटिकाएं हरी भरी हैं और आकर्षण का केंद्र बनी हैं। इस वन में 1.21 लाख पौधे रोपित किए गए। इसके अलावा गंगा के कटरी इलाके में दूसरा वन दतलाना में भागीरथी वन के नाम से स्थापित किया गया। इस वन में 3.51 लाख पौधे रोपित किए गए। इस वन में भी आकर्षक वाटिकाएं बनाई गई हैं। पौधे लगातार घने हो रहे हैं। कुछ समय पूर्व हिरण के झुंड यहां देखे गए। भागीरथी वन से भी पर्यावरण को संजीवनी मिलने लगी है। वन विभाग का मानना है कि इन दोनों क्षेत्रों के पर्यावरण में सुधार होना स्वाभाविक है। इससे भूजल स्तर में भी सुधार होने लगा है।
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आंकड़े की नजर से-
1.21 लाख पौधे गंगावन में बन रहे हैं वृक्ष।
3.51 लाख पौधे पिछले साल रोपे गए थे भागीरथी वन में।
वर्जन-
- गंगावन और भागीरथी वन की स्थापना के प्रोजेक्ट सफल रहे हैं। इन्हीं तर्ज पर अन्य जगह भी वन स्थापित हो रहे हैं। जिले में भी अन्य वन विकसित करने पर काम चल रहा है। इससे पर्यावरण में सुधार होगा और भूजल स्तर भी सुधरेगा।
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- संजीव कुमार, डीफओ कासगंज