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Kasganj News: बारिश के साथ बढ़ा सर्पदंश का खतरा, दो दिन में 14 लोग बने शिकार
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फोटो02जिला अस्पताल में सर्पदंश का शिकार महिला वबीना का उपचार करते डॉ.वीर बहादुर सिंह । संवाद
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कासगंज। बारिश के बीच सर्पदंश के मामलों में तेजी से बढ़ने लगे हैं। पिछले दो दिनों में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सर्पदंश का शिकार हुए 14 मरीज पहुंचे। इनमें अधिकांश मरीज ग्रामीण क्षेत्रों के हैं, जिन्हें खेतों, घरों के आसपास या जलभराव वाले स्थानों पर सांप ने काट लिया।
ढोलना क्षेत्र के गांव नगला देवी निवासी वबीना (35) पत्नी संजय रविवार की सुबह चारा काटने के लिए खेत पर गई थीं। इसी दौरान सांप ने उनके पैर में डस लिया। उनकी चीख सुनकर पास के खेत में काम कर रहे लोग उनकी ओर दौड़ पड़े। महिला ने सर्पदंश के बारे में उन्हें जानकारी दी। आनन-फानन में परिजन ने जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उन्हें 20 एंटी स्नेक वेनम वायल लगाए गए। डॉ. वीर बहादुर ने बताया कि महिला की हालत में अब सुधार है। ढोलना के गांव नगला मोती निवासी लक्ष्मी (19) पुत्री बलवीर सिंह को दो दिन पहले धान की रोपाई करते समय सांप ने पैर में डस लिया। ढोलना गांव छावनी निवासी अंकित (15) पुत्र मेघराम को रविवार की सुबह सांप ने डसा। सुन्नगढ़ी के गांव नगला बदन निवासी सुमनलता (30) पत्नी गौतम को खेत पर जाते समय सांप ने उनके पैर में डसा। बिहार में जिला जमोई के गांव सिंकदरा निवासी बादल (20) पुत्र परदेशी रविवार की सुबह सहावर के गांव बौंदर में धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान सांप ने उनके पैर में डसा। सोरोंजी के गांव ताखरू निवासी बादल (19) पुत्र तालेवर मूंगफली उखाड़ रहे थे। इसी दौरान सांप ने उसके हाथ में डस लिया। जिला एटा में मारहरा के गांव मीरापुर निवासी ममता (35) पत्नी शिवसिंह के पैर में सांप ने डसा । सोरोंजी के गांव रायपुर निवासी मयंक (10) पुत्र कुलदीप को खेत पर सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर उसकी मां सुमन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सर्पदंश के शिकार हुए लोगों को जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं शनिवार को सर्पदंश का शिकार हुए 6 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत में सुधार होने पर परिजन उन्हें घर ले गए।
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सर्पदंश से बचाव के उपाय:
-बरसात के मौसम में खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले स्थानों पर जाते समय लंबे जूते और पूरे कपड़े पहनें।
- रात में घर से बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का प्रयोग करें।
- घर और आसपास घास-फूस, कूड़ा-कचरा व झाड़ियां न रहने दें।
-अनाज, लकड़ी या ईंटों के ढेर को हाथ लगाने से पहले सावधानी बरतें।
-जमीन पर सोने से बचें, चारपाई या बिस्तर का उपयोग करें।
सांप के डसने के बाद बरतें सतर्कता
-सर्पदंश होने पर घबराएं नहीं और मरीज को शांत रखें।
-काटे गए अंग पर रस्सी या कपड़ा कसकर न बांधें, न ही जख्म को काटें या चूसने का प्रयास करें।
-झाड़-फूंक या बायगीर से उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें।
-सांप का रंग या आकार याद रखें, लेकिन उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें।
-पीड़ित व्यक्ति को समय पर अस्पताल ले जाकर उसके एंटी स्नेक वेनम लगवाकर उसकी जान बचाई जा सकती है।
वर्जन :
- सर्पदंश के शिकार हुए व्यक्ति को झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी अस्पताल पहुंचें। समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। -डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस जिला अस्पताल कासगंज
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ढोलना क्षेत्र के गांव नगला देवी निवासी वबीना (35) पत्नी संजय रविवार की सुबह चारा काटने के लिए खेत पर गई थीं। इसी दौरान सांप ने उनके पैर में डस लिया। उनकी चीख सुनकर पास के खेत में काम कर रहे लोग उनकी ओर दौड़ पड़े। महिला ने सर्पदंश के बारे में उन्हें जानकारी दी। आनन-फानन में परिजन ने जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उन्हें 20 एंटी स्नेक वेनम वायल लगाए गए। डॉ. वीर बहादुर ने बताया कि महिला की हालत में अब सुधार है। ढोलना के गांव नगला मोती निवासी लक्ष्मी (19) पुत्री बलवीर सिंह को दो दिन पहले धान की रोपाई करते समय सांप ने पैर में डस लिया। ढोलना गांव छावनी निवासी अंकित (15) पुत्र मेघराम को रविवार की सुबह सांप ने डसा। सुन्नगढ़ी के गांव नगला बदन निवासी सुमनलता (30) पत्नी गौतम को खेत पर जाते समय सांप ने उनके पैर में डसा। बिहार में जिला जमोई के गांव सिंकदरा निवासी बादल (20) पुत्र परदेशी रविवार की सुबह सहावर के गांव बौंदर में धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान सांप ने उनके पैर में डसा। सोरोंजी के गांव ताखरू निवासी बादल (19) पुत्र तालेवर मूंगफली उखाड़ रहे थे। इसी दौरान सांप ने उसके हाथ में डस लिया। जिला एटा में मारहरा के गांव मीरापुर निवासी ममता (35) पत्नी शिवसिंह के पैर में सांप ने डसा । सोरोंजी के गांव रायपुर निवासी मयंक (10) पुत्र कुलदीप को खेत पर सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर उसकी मां सुमन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सर्पदंश के शिकार हुए लोगों को जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं शनिवार को सर्पदंश का शिकार हुए 6 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत में सुधार होने पर परिजन उन्हें घर ले गए।
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सर्पदंश से बचाव के उपाय:
-बरसात के मौसम में खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले स्थानों पर जाते समय लंबे जूते और पूरे कपड़े पहनें।
- रात में घर से बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का प्रयोग करें।
- घर और आसपास घास-फूस, कूड़ा-कचरा व झाड़ियां न रहने दें।
-अनाज, लकड़ी या ईंटों के ढेर को हाथ लगाने से पहले सावधानी बरतें।
-जमीन पर सोने से बचें, चारपाई या बिस्तर का उपयोग करें।
सांप के डसने के बाद बरतें सतर्कता
-सर्पदंश होने पर घबराएं नहीं और मरीज को शांत रखें।
-काटे गए अंग पर रस्सी या कपड़ा कसकर न बांधें, न ही जख्म को काटें या चूसने का प्रयास करें।
-झाड़-फूंक या बायगीर से उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें।
-सांप का रंग या आकार याद रखें, लेकिन उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें।
-पीड़ित व्यक्ति को समय पर अस्पताल ले जाकर उसके एंटी स्नेक वेनम लगवाकर उसकी जान बचाई जा सकती है।
वर्जन :
- सर्पदंश के शिकार हुए व्यक्ति को झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी अस्पताल पहुंचें। समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। -डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस जिला अस्पताल कासगंज
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