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Kasganj News: विज्ञान की ओर झुकाव, वाणिज्य पीछे, कॅरिअर सोच ने बदली छात्रों की पसंद
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कासगंज। हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब छात्रों के विषय चयन का तरीका बदल गया है। यह केवल एक औपचारिकता न रहकर, उनके भविष्य के कॅरिअर की नींव तय करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बन गया है। कक्षा 11 में प्रवेश के दौरान विज्ञान वर्ग के प्रति छात्रों का झुकाव तेजी से बढ़ रहा है। लगभग 60 प्रतिशत विद्यार्थी विज्ञान को अपनी प्राथमिकता बना रहे हैं।
इस वर्ष, विषय का चयन केवल अंकों या पारंपरिक सोच पर आधारित नहीं है, बल्कि छात्र अब स्पष्ट कॅरिअर योजना के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान रुझानों के अनुसार, लगभग 60 प्रतिशत विद्यार्थी विज्ञान वर्ग का चयन कर रहे हैं। विज्ञान वर्ग के भीतर भी, छात्रों की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं। लगभग 80 प्रतिशत छात्र जीव विज्ञान को चुन रहे हैं। यह मेडिकल, पैरामेडिकल, अनुसंधान और अन्य विज्ञान-आधारित क्षेत्रों में करियर बनाने की उनकी इच्छा को इंगित करता है।
वहीं, शेष 20 प्रतिशत छात्र गणित को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह इंजीनियरिंग और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में भविष्य की तलाश करने वाले छात्रों की संख्या को दर्शाता है। दूसरी ओर, वाणिज्य वर्ग का आकर्षण इस वर्ष थोड़ा कम हुआ है। केवल 10 प्रतिशत विद्यार्थी ही इस वर्ग का चयन कर रहे हैं, जो कि अकाउंटिंग, बैंकिंग और व्यापार से जुड़े कॅरिअर के अवसर प्रदान करता है। कला वर्ग की ओर लगभग 30 प्रतिशत छात्र रुख कर रहे हैं। कला वर्ग में सिविल सेवाओं, शिक्षा, मीडिया और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य आलोक दुबे का कहना है कि विज्ञान शिक्षा के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। श्रीगणेश इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एचपीएन दुबे भी मानते हैं कि विज्ञान अब छात्रों की पहली पसंद बन चुका है, जबकि वाणिज्य की ओर रुझान घटा है। जीजीआईसी की प्रधानाचार्य प्रियंका गुप्ता के अनुसार, छात्राओं में भी विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ना सकारात्मक संकेत है, जो शिक्षा के क्षेत्र में बदलती सोच और समान अवसरों को दर्शाता है।
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इस वर्ष, विषय का चयन केवल अंकों या पारंपरिक सोच पर आधारित नहीं है, बल्कि छात्र अब स्पष्ट कॅरिअर योजना के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान रुझानों के अनुसार, लगभग 60 प्रतिशत विद्यार्थी विज्ञान वर्ग का चयन कर रहे हैं। विज्ञान वर्ग के भीतर भी, छात्रों की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं। लगभग 80 प्रतिशत छात्र जीव विज्ञान को चुन रहे हैं। यह मेडिकल, पैरामेडिकल, अनुसंधान और अन्य विज्ञान-आधारित क्षेत्रों में करियर बनाने की उनकी इच्छा को इंगित करता है।
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वहीं, शेष 20 प्रतिशत छात्र गणित को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह इंजीनियरिंग और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में भविष्य की तलाश करने वाले छात्रों की संख्या को दर्शाता है। दूसरी ओर, वाणिज्य वर्ग का आकर्षण इस वर्ष थोड़ा कम हुआ है। केवल 10 प्रतिशत विद्यार्थी ही इस वर्ग का चयन कर रहे हैं, जो कि अकाउंटिंग, बैंकिंग और व्यापार से जुड़े कॅरिअर के अवसर प्रदान करता है। कला वर्ग की ओर लगभग 30 प्रतिशत छात्र रुख कर रहे हैं। कला वर्ग में सिविल सेवाओं, शिक्षा, मीडिया और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य आलोक दुबे का कहना है कि विज्ञान शिक्षा के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। श्रीगणेश इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एचपीएन दुबे भी मानते हैं कि विज्ञान अब छात्रों की पहली पसंद बन चुका है, जबकि वाणिज्य की ओर रुझान घटा है। जीजीआईसी की प्रधानाचार्य प्रियंका गुप्ता के अनुसार, छात्राओं में भी विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ना सकारात्मक संकेत है, जो शिक्षा के क्षेत्र में बदलती सोच और समान अवसरों को दर्शाता है।

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