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Kasganj News: एसडीएम ने लिया जायजा, पीड़ितों को जल्द मिलेगी सरकारी मदद
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गंजडुंडवारा। पटियाली तहसील के नवाबगंज नगरिया गांव में रविवार को हुए भीषण अग्निकांड के बाद सोमवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) प्रदीप विमल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने अग्नि पीड़ितों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
गांव में दौरे के दौरान एसडीएम ने ग्रामीण रामपाल की हादसे में झुलसी बेटी से मुलाकात की। उसके उपचार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आग में झुलसी भैंस काे देखा और पशु चिकित्सा विभाग को सरकारी स्तर पर बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए।
फिलहाल पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। पीड़ित दिन पेड़ों की छांव के नीचे काट रहे हैं। वहीं, रात के लिए ग्रामीणों ने अपनी चारपाइयां देकर मदद की है। आग में इन भूमिहीन मजदूरों की जीवन भर की कमाई जल गई है।
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फोटो- 12
तालाब में पानी होता तो बच जातीं झोपड़ियां
गंजडुंडवारा। अग्निकांड ने गांव के सूखे तालाब की बदहाली को भी उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि घटनास्थल से मात्र 10 मीटर की दूरी पर एक बड़ा तालाब है, लेकिन पिछले 10 वर्षों से इसकी सफाई नहीं हुई है। पूरे तालाब में जलकुंभी और खरपतवार का कब्जा है। रविवार को जब झोपड़ियों में आग लगी, तब तालाब में बूंद भर पानी नहीं था।
ग्रामीणों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने तक सब कुछ जल चुका था। आग लगने पर पंपसेट चलाकर किसी तरह आग पर काबू पाया गया। ग्रामीण विशाल और नेकसे बघेल ने कहा कि अगर तालाब में पानी होता तो बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।
आदेश, राजवीर सिंह, फूल सिंह और पन्नालाल सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के मौसम और आपात स्थिति को देखते हुए तालाब की तत्काल सफाई कराकर उसमें पानी भरवाया जाए। संवाद
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ये है पूरा मामला
गांव नवाबगंज नगरिया में रविवार को अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई थी। इस दौरान सिलिंडर में विस्फोट होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। आग के कारण पांच मजदूर परिवारों की झोपड़ियां जल गईं थीं। साथ ही तीन लाख रुपये से अधिक नकदी सहित उनमें रखा पूरा सामान जल गया था। भैंस बचाने के प्रयास में एक किशोरी भी झुलस गई थी। सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब दो घंटे बाद पहुंची लेकिन तब तक ग्रामीण स्वयं पंपसेट से आग पर काबू पा चुके थे।
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वर्जन
नवाबगंज नगरिया का दौरा करके अग्निकांड में हुए नुकसान की जानकारी की गई है। पीड़ितों को राजस्व रिपोर्ट तैयार कर सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। -प्रदीप कुमार विमल, एसडीएम
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गांव में दौरे के दौरान एसडीएम ने ग्रामीण रामपाल की हादसे में झुलसी बेटी से मुलाकात की। उसके उपचार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आग में झुलसी भैंस काे देखा और पशु चिकित्सा विभाग को सरकारी स्तर पर बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए।
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फिलहाल पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। पीड़ित दिन पेड़ों की छांव के नीचे काट रहे हैं। वहीं, रात के लिए ग्रामीणों ने अपनी चारपाइयां देकर मदद की है। आग में इन भूमिहीन मजदूरों की जीवन भर की कमाई जल गई है।
फोटो- 12
तालाब में पानी होता तो बच जातीं झोपड़ियां
गंजडुंडवारा। अग्निकांड ने गांव के सूखे तालाब की बदहाली को भी उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि घटनास्थल से मात्र 10 मीटर की दूरी पर एक बड़ा तालाब है, लेकिन पिछले 10 वर्षों से इसकी सफाई नहीं हुई है। पूरे तालाब में जलकुंभी और खरपतवार का कब्जा है। रविवार को जब झोपड़ियों में आग लगी, तब तालाब में बूंद भर पानी नहीं था।
ग्रामीणों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने तक सब कुछ जल चुका था। आग लगने पर पंपसेट चलाकर किसी तरह आग पर काबू पाया गया। ग्रामीण विशाल और नेकसे बघेल ने कहा कि अगर तालाब में पानी होता तो बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।
आदेश, राजवीर सिंह, फूल सिंह और पन्नालाल सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के मौसम और आपात स्थिति को देखते हुए तालाब की तत्काल सफाई कराकर उसमें पानी भरवाया जाए। संवाद
ये है पूरा मामला
गांव नवाबगंज नगरिया में रविवार को अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई थी। इस दौरान सिलिंडर में विस्फोट होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। आग के कारण पांच मजदूर परिवारों की झोपड़ियां जल गईं थीं। साथ ही तीन लाख रुपये से अधिक नकदी सहित उनमें रखा पूरा सामान जल गया था। भैंस बचाने के प्रयास में एक किशोरी भी झुलस गई थी। सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब दो घंटे बाद पहुंची लेकिन तब तक ग्रामीण स्वयं पंपसेट से आग पर काबू पा चुके थे।
वर्जन
नवाबगंज नगरिया का दौरा करके अग्निकांड में हुए नुकसान की जानकारी की गई है। पीड़ितों को राजस्व रिपोर्ट तैयार कर सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। -प्रदीप कुमार विमल, एसडीएम

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