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Kaushambi News: जननी सुरक्षा योजना से बढ़ा भरोसा, 29,861 गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 20 Mar 2026 12:31 AM IST
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जननी सुरक्षा योजना के तहत जिले में बड़ी संख्या में गर्भवतियों को सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिल रही है। 25 अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक 29,861 गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव सरकारी अस्पतालों में हुआ है।
इस वर्ष जिले में 46,947 महिलाओं को संस्थागत प्रसव की सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। अस्पताल में प्रसव कराने वाली ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। हालांकि योजना का लाभ केवल सरकारी अस्पताल में ही बच्चे को जन्म देने पर मिलता है।
बच्चे के जन्म के बाद 42 दिन तक जच्चे-बच्चे की होती है देखरेख
योजना के तहत प्रसव के बाद प्रसूता को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में रुकने की व्यवस्था है। इस दौरान उन्हें भोजन, दूध और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही नवजात शिशु और प्रसूता की 42 दिन तक नियमित देखरेख की जाती है।
किसी प्रकार की परेशानी होने पर निशुल्क एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रसव के बाद एक सप्ताह के भीतर प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाती है।
प्रसव के कुछ दिन बाद ही जननी सुरक्षा योजना के तहत 1,400 रुपये की प्रोत्साहन राशि खाते में आ गई। इससे काफी राहत मिली। - शशी, भैला मकदूमपुर
प्रसव के बाद थोड़ा समय लगा, लेकिन जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि खाते में मिल गई। इस पैसे से प्रसव के बाद खान पान की अच्छी व्यवस्था हो गई । - अर्चना देवी, भैला गांव
सरकारी अस्पताल में हुए प्रसव:
ब्लॉक प्रसव
चायल 1844
कड़ा 3389
कौशाम्बी 2614
मंझनपुर 5133
मूरतगंज 2940
नेवादा 3106
सरसवां 2929
सिराथू 3216
मुख्यालय 4690
कुल 29,861
जननी सुरक्षा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के कारण महिलाओं और उनके परिवार में जागरूकता बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि संस्थागत प्रसव की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। प्रसव कराने वाली करीब 90 फीसदी महिलाओं को प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। -डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
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इस वर्ष जिले में 46,947 महिलाओं को संस्थागत प्रसव की सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। अस्पताल में प्रसव कराने वाली ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। हालांकि योजना का लाभ केवल सरकारी अस्पताल में ही बच्चे को जन्म देने पर मिलता है।
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बच्चे के जन्म के बाद 42 दिन तक जच्चे-बच्चे की होती है देखरेख
योजना के तहत प्रसव के बाद प्रसूता को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में रुकने की व्यवस्था है। इस दौरान उन्हें भोजन, दूध और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही नवजात शिशु और प्रसूता की 42 दिन तक नियमित देखरेख की जाती है।
किसी प्रकार की परेशानी होने पर निशुल्क एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रसव के बाद एक सप्ताह के भीतर प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाती है।
प्रसव के कुछ दिन बाद ही जननी सुरक्षा योजना के तहत 1,400 रुपये की प्रोत्साहन राशि खाते में आ गई। इससे काफी राहत मिली। - शशी, भैला मकदूमपुर
प्रसव के बाद थोड़ा समय लगा, लेकिन जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि खाते में मिल गई। इस पैसे से प्रसव के बाद खान पान की अच्छी व्यवस्था हो गई । - अर्चना देवी, भैला गांव
सरकारी अस्पताल में हुए प्रसव:
ब्लॉक प्रसव
चायल 1844
कड़ा 3389
कौशाम्बी 2614
मंझनपुर 5133
मूरतगंज 2940
नेवादा 3106
सरसवां 2929
सिराथू 3216
मुख्यालय 4690
कुल 29,861
जननी सुरक्षा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के कारण महिलाओं और उनके परिवार में जागरूकता बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि संस्थागत प्रसव की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। प्रसव कराने वाली करीब 90 फीसदी महिलाओं को प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। -डॉ. संजय कुमार, सीएमओ